Thursday, December 31, 2015

कैमरे प्रतिबंधित - मगर जांच के बेहतर इंतजाम नहीं

सुरक्षा जांच के लिए मेटल डिटेक्टर लगे जरूर हैं, मगर किसी काम के नहीं। क्योंकि ये महीनों से बंद हैं। परिसर में सामान बिना जांच के ही ले जाया जा रहा है, क्योंकि बैग स्कैनर ठीक नहीं करा पा रहे। प्रतिबंध की धज्जियां उड़ाता कोई भी शख्स आपको यहां आसानी से नजर आ जाएगा। यह नजारा सुरक्षा की दृष्टि से अति संवेदनशील ज्यिोतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर का है।
मंदिर को लेकर देश की शीर्ष सुरक्षा एजेंसियां कई बार हाई अलर्ट जारी कर चुकी हैं, मगर यहां इंतजाम कभी-भी वैसे नजर नहीं आते। आए दिन सुरक्षा में चूक की घटनाएं सामने आती हैं। हर बार अफसरों का एक ही जवाब होता है- जल्द ही सबकुछ ठीक कर दिया जाएगा। मामला हर बार कर्मचारियों को नोटिस या चेतावनी तक ही सीमित रह जाता है। मंगलवार को ही एक किसान परिसर में एक ऐसे द्वार से बाइक समेत प्रवेश कर गया, जहां से आम दर्शनार्थी किसी भी स्थिति में अंदर नहीं जा सकते। ऐसे में नईदुनिया ने मंदिर परिसर में सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। 
मंदिर में सुरक्षा के लिए तीन एजेंसियां तैनात हैं। एसएएफ, स्थानीय पुलिस सहित निजी सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारी व्यवस्था संभालते हैं। हालांकि प्रतिबंधित द्वारों से प्रवेश की घटनाएं लगातार सामने आती हैं।
मंदिर परिसर में मोबाइल और कैमरे प्रतिबंधित हैं। मगर जांच के बेहतर इंतजाम नहीं। कई श्रद्धालु परिसर में मोबाइल और कैमरे का उपयोग करते आसानी से नजर आ जाते हैं। 
मंदिर में शहनाई गेट के पास वर्षों पहले बैग स्कैनर लगाया गया था ताकि यहां पूजन सामग्री सहित अन्य सामान की जांच की जा सके। स्कैनर महीनों से बंद पड़ा है। इस पर धूल जमी पड़ी है और अफसरों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। कई बार स्कैनर बंद पड़े होने की बात उठ चुकी है, मगर इसे ठीक नहीं कराया गया। अलबत्ता मंदिर में नारियल, बैग ले जाने पर प्रतिबंध्ा जरूर लगाया गया। हालांकि अन्य सामान बिना जांच के ही परिसर में जा रहा है। 
मंदिर में तीन डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (पुलिस चौकी, विश्रामधाम व शहनाई गेट) लगे हैं। इनमें से विश्रामधाम का डिटेक्टर बंद है। चौकी पर डिटेक्टर का अधिक महत्व नहीं, क्योंकि यहां से सिर्फ विशिष्टजन ही प्रवेश करते हैं। 

मंदिर की व्यवस्थाओं की कमान जब से नए अधिकारियों के हाथ में आई है। पहले की बजाय व्यवस्थाओं में थोड़ा सुधार हुआ है। यह व्यवस्था और भी बेहतर हो सकती है लेकिन अधिकारियों में मैदानी काम के अनुभव की कमी इसमें रोड़ा बन रही है। अधिकारी कर्मचारियों से काम नहीं ले पा रहे हैं, जहां व्यवस्था बिगड़ती दिखती है, अधिकारी कर्मचारियों से काम नहीं ले पाते। पिछले एक सप्ताह में कई बार प्रशासक आरपी तिवारी व सहायक प्रशासक प्रीति चौहान नंदी हॉल में लाइन चलाते नजर आए। सिंहस्थ में अभी करीब साढ़े तीन माह का समय शेष है। अधिकारियों को कार्यशैली दुरुस्त करना चाहिए, अन्यता महाकुंभ के समय हालात बिगड़ सकते हैं।

Wednesday, December 30, 2015

प्रदेश कांग्रेस ने विधायक अमित जोगी को नोटिस जारी किया

सितंबर 2014 में छत्तीसगढ़ के अंतागढ़ विधानसभा उपचुनाव क्या भाजपा और कांग्रेस में फिक्स था? क्या भाजपा के लिए आदिवासियों का समर्थन हासिल करना चुनौती बन गया था? क्योंकि इस उपचुनाव में जिस तरह से कांग्रेस उम्मीदवार मंतूराम पवार ने नामांकन के एक दिन पहले अचानक अपना नाम वापस लेकर भाजपा को वॉकओवर दे दिया था उससे यही प्रतीत हुआ था।
कांग्रेस ने उस समय तुरंत यह आरोप भी लगाया था कि भाजपा ने उनके उम्मीदवार को खरीद लिया है और इसके लिए कांग्रेस ने चुनाव आयोग से चुनाव को रद्द करने की भी मांग की थी। एक साल बाद अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने दावा किया है कि उसे इस बातचीत का टेप मिला है जिसमें उस समय के कुछ मुख्य पात्रों की आवाजें हैं। जिनमें चुनाव को मैनेज करने की बातें की जा रही हैं और इस दौरान कुछ वित्तीय लेन देन भी हुआ।
अधिकांश बातचीत अगस्त 2014 के अंतिम सप्ताह में मतदान के दिन के हुई हैं। बातचीत में इस बात पर जोर दिया जा रहा है 13, सितबंर 2014 को होनो वाले अंतागढ़ सीट से वो अपना नाम वापस ले। यह उपचुनाव विक्रम उसेंडी (भाजपा) के लोकसभा सांसद बनने के बाद हुई खाली सीट पर हुआ था।
इस पूरे मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने विधायक अमित जोगी को नोटिस जारी किया है। उधर पूर्व सीएम अजीत जोगी ने कहा कि यह पूरा मामला झूठा है और वे संबंधित लोगों पर मुकदमा दर्ज करेंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्‍यक्ष भूपेश बघेल के अनुसार विधायक अमित को नोटिस देने के साथ ही कांग्रेस कार्यसमिति सदस्‍य अजीत जोगी से भी पूछा गया है कि इस मामले में उनका क्‍या पक्ष है।
मंतूराम पवार ने नईदुनिया के कांकेर संवाददाता से कहा कि 'मेरे बढ़ते हुए जनाधार के चलते यह कांग्रेस के लोगों की साजिश है। कांग्रेस की अंर्तकलह की वजह से मैं तीन बार चुनाव हारा हूं। अब तो कांग्रेस में अंर्तकलह पूरे छत्‍तीसगढ़ में फैल गई है। पवार ने कहा- मैंने पहले ही उपचुनाव लड़ने से मना कर दिया था। इसके बाद भी मुझे टिकट दिया गया। लेकिन मैंने इसका सम्‍मान किया और इसके बाद छत्‍तीसगढ़ पीसीसी प्रमुख से मेरा नाम हटाकार दूसरे को टिकट देने की बात कही। क्‍योंकि कांग्रेस की कुछ लोग ही मुझे हरवाना चाहते थे। जब वे नहीं माने तो मुझे ही पीछे हटना पड़ा था।
अंतागढ़ टेप मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने कहा कि यह गंभीर बात है। टेप के सत्यता की जांच होनी चाहिए एवं पार्टी को संबंधितों से पूछना चाहिए। यह प्रजातंत्र के मूल के नष्ट होने का मामला है। इससे लोगों में प्रजातांत्रिक व्यवस्था को लेकर नकारात्मक असर होगा। यदि चुनाव ऐसे जीते जाते हैं तो विकास, सुरक्षा व अन्य मुद्दे दरकिनार हो जाएंगे। पूरे मसले के सत्यता की तत्काल जांच हो।
इंडियन एक्‍सप्रेस के मुताबिक अमित जोगी और रमन सिंह के दामाद के बीच बातचीत पवार के नाम वापस लेने से पहले अगस्त माह की है। टेप में पहले अजित जोगी के बेटे अमित जोगी और रमन सिंह के बीच बातचीत हो रही है जिसमें पहले दोनों एक दूसरे का हाल-चाल पूछ रहे हैं और फिर कुछ डील को फाइनल करने बात हो रही है एवं उसके बात अमित जोगी पुनीत गुप्ता से अपने पिता अजीत जोगी की बातचीत करवा रहें हैं।
पुनीत गुप्ता के साथ बातचीत में अजीत कह रहें कि -'कोई बातचीत हुई ना, उसे फाइनल करो जल्दी।' इसके बात अमित जोगी पुनीत गुप्ता को किसी चीज को बढ़ाने की बात कह रहें हैं, जिसमें पुनीत भी हामी भर रहे हैं। और अमित कह रहे हैं कि 'वह 10 की उम्मीद कर रहा है लेकिन कम से कम 7 तो होनी ही चाहिए, इतना कम मत करो कि वो भाग ही जाए' और दोनों अगले दिन मिलने की बात कर रहे हैं।
अमित जोगी और फिरोज जोगी जो अजित जोगी के खासमखास है, के बीच भी बातचीत होती है जिसमें फिरोज अमित से कहते हैं कि 'सीएम हाउस से फोन आ गया है और उसे बता दिया गया है कि वह राजेश मनोत (रमन सिंह के नजदीकी मंत्री) के बंगले के पास रहे और अमित कहते हैं- 'वो राजेश मनोत के बंगले के अंदर चले जाए।'
उसके ठीक बात अमित जोगी यह कहते हैं कि वो 'कलक्ट्रेट में पहुंच गया है तो माल देना पडेगा।' और फिरोज यह कहते हैं कि 'मेरी बात हो गयी है और बिग बॉस से बात भी करा दी है। औऱ पेंमेंट मगा दिया है तो अमित जोगी कहते हैं कि कुछ देना चालू करो।' फिरोज किसी शराब ठेकेदार से पेंमेंट पहुंचाने की बात कर रहे हैं।
वहीं बातचीत के दौरान फिरोज और अमीन मेमन में लेन देन की बात हो रही है और अमीन मेमन फिरोज से कहते हैं कि वह अब 5-10 भी देता है तो कोई नहीं,… अब हम चुनाव लडगें...मंटू अब चुनाव लडेगा।
मंतूराम पवार औऱ जोगी के खासमखास फिरोज में बातचीत होती है जिसमें फिरोज मंतू से कहतें हैं कि आपको भूपेश (प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष) को निपटाना था लेकिन उसको निपटाने के लिए आपको मोहरा बना दिया, उनकी इस बात में मंतूराम भी हामी भर रहे हैं
जिसमें मंतूराम कह रहे हैं कि 'वो नाम वापस नहीं लेते यदि यह इसे पहले पता होता औऱ मैं चुनाव जीत के दिखाता, मैंने तो जोगी परिवार की इज्जत बचाने के लिए यह किया।'
मंतूराम कह रहे हैं कि 'वो सबसे से बात कर चुके हैं यहा तक कि सीएम साहब से भी दो बार इस मसले पर बात कर चुके हैं जबकि इससे पहले कभी इस मामले पर सीएम से बात नहीं हुयी औऱ सारे मसले पर हमेशा तीसरे पक्ष के माध्यम से ही बात हुई है।'
फिरोज कह रहें हैं - 'हां जोगी के माध्यम से ही बातचीत हुई ।लेकिन आपको मिला क्या नाम वापस लेने पर... पूरा पैसा नहीं मिला ना आपको।' जिसके जवाब में मंतूराम कहते हैं कि नहीं मिला। फिरोज सिद्दकी मंतूराम से कहते हैं कि 'मैं उनको बता दिया हूं कि ज्यादा देर की तो मंतूराम सारी चीजों को एक्सपोज कर देगा, मंतूराम कभी भी बिफर सकता है' जिसके जवाब में मंतूराम भी कहते हैं कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड सकता है मैं आदिवासी हूं मुझे बलि का बकरा बनाया गया है, मेरी राजनितिक कैरियर समाप्त हो गया है।'
2013 के विधानसभा चुनावों में बस्तर इलाके की 12 में कांग्रेस ने 8 सीटें जीतें थी। यह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल का पहला चुनाव था और ऐसे में जोगी कैम्प बघेल को नीचा दिखाने के लिए यह कोशिश कर रहा था कि वह सीट हार जाए। और पवार के नाम वापस लेने पर जोगी ने प्रदेश कांग्रेस लीडरशीप पर पर निशाना साधा था।

जीती थी लेकिन 2003 में यह घटकर 4 हो गयी जिससे जनता में यह संदेश जा रहा था कि आदिवासियों का भाजपा में विश्वास घट रहा है। उपचुनाव में पार्टी में चाहती थी बिना स्टार उम्मीदवार के भाजपा उम्मीदवार चुनाव जीत जाये और अगर भाजपा चुनाव हार जायेगी तो रमन सिंह की प्रतिष्ठा बुरी तरह प्रभावित होगी।

Wednesday, December 23, 2015

मेवात में पढ़ी-लिखी बहू लाने के चलन में तेजी

हरियाणा सरकार ने पिछले दिनों अनपढ़ों के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने का कानून बनाया है। इसके बाद से ही मेवात में पढ़ी-लिखी बहू लाने के चलन में तेजी आई है। ऐसे में कई लोग चुनावी टिकट पाने की लालसा में पढ़ी-लिखी लड़की से दूसरी शादी करने को भी तैयार हैं।
मजेदार बात यह है कि इस काम में पहली पत्नी ही पति का सहयोग कर रही है। गुड़गांव लोकसभा सीट के तहत आने वाले मेवात में कई परिवार भावी दुल्हन को चुनावी टिकट देने का वादा कर रहे हैं।
दरअसल, ये ऐसे परिवार हैं, जिनके पास पीढ़ियों से गांवों की प्रधानी थी या वे जिला पंचायत पर काबिज थे। मगर, हाल ही में बने कानून के बाद प्रधानी जाती दिख रही है।
परिवार के सदस्‍य इतनी जल्‍दी शिक्षित नहीं हो सकते। लिहाजा रसूखदार लोगों ने शिक्षित बहू लाकर सीट बचाने रास्ता चुना है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि जुलाई के बाद से इस साल करीब 50 शादियां ऐसी हुई हैं, जिनमें कई पीढ़ियों से राजनीतिक वर्चस्व जमाए बैठे परिवारों ने भावी दुल्‍हन को टिकट देने का वादा कर शादी की है। 2011 की जनसंख्या के आंकड़ों के मुताबिक मेवात में महिलाओं की साक्षरता दर महज 30% है।

Monday, December 21, 2015

भ्रष्टाचार की लड़ाई अब कोर्ट में

डीडीसीए में कथित भ्रष्टाचार की लड़ाई अब कोर्ट में लड़ी जाएगी। अरविंद केजरीवाल द्वारा भ्रष्टाचार का आरोप लगाए जाने से नाराज वित्त मंत्री अरुण जेटली ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप के अन्य नेताओं को कोर्ट में घसीटने का फैसला किया है। जेटली ने दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अौर पांच अन्‍य के खिलाफ मानहानि का मामला दिल्‍ली हाई कोर्ट में दर्ज करवा दिया है। वहीं आम आदमी पार्टी भी आज जेटली के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करने जा रही है।
सरकार में शामिल मंत्रियों और सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप अक्सर लगते रहे हैं। लेकिन यह एक अनूठी घटना है, जब केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद मानहानि का मामला दर्ज कराया है।

सूत्रों के मुताबिक, जेटली सोमवार को केजरीवाल, कुमार विश्वास, आशुतोष, राघव चड्ढा, संजय सिंह और दीपक वाजपेयी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज करवाया है।इन सभी ने सार्वजनिक तौर पर वित्त मंत्री और उनके परिवार के खिलाफ डीडीसीबी में को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। जेटली ने यह मामला व्यक्तिगत तौर पर दायर किया है। दिल्ली उच्च न्यायालय में दीवानी मानहानि का मामला दायर किया गया है जबकि पटियाला हाउस में आपराधिक मामले दर्ज किये जाएंगे।

Friday, December 18, 2015

हमले जारी

डीडीसीए मामले में वित्‍त मंत्री पर भ्रष्‍टाचार में लिप्‍त होने के आरोप लगा रही आम आदमी पार्टी पर भाजपा के हमले जारी हैं। इसी कड़ी में केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को केजरीवाल पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर सूर्य की तरफ देखकर थूकोगे तो खुद के मुंह पर ही आएगा।
नायडू, वित्‍त मंत्री पर लगाए गए आप के आरोपों का जवाब देते हुए बोले कि अरुण जेटली इमानदार नेता हैं उन पर आरोप लगाना वैसा ही है जैसे सूर्य की तरफ देखकर थूकना। अगर सूर्य की तरफ थूकने की कोशिश करोगे तो आपके मुंह पर ही आएगा।

मालूम हो कि आप ने गुरुवार को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करते हुए अरुण जेटली पर डीडीसीए में भ्रष्‍टाचार करने का अरोप लगाया था।

राजनीतिक तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के प्रमुख सचिव राजेंद्र कुमार के आवास और दफ्तर पर छापे मारे जाने को लेकर उठा राजनीतिक तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है। सीबीआई के गलत इस्तेमाल को लेकर अरविंद केजरीवाल ने केंद्र की मोदी सरकार पर अब तक सबसे बड़ा हमला बोला है।
अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके कहा है कि केंद्र सरकार ने सीबीआई को विपक्षी पार्टियों को खत्म करने के लिए कहा है। केजरीवाल के मुताबिक, उन्हें यह जान जानकारी सीबीआई के एक अधिकारी ने दी है।

केजरीवाल के मुताबिक, उन्हें विपक्षी पार्टियों पर निशाना बनाने की जानकारी खुद सीबीआई अधिकारी ने की है। केजरीवाल के मुताबिक, सीबीआई के अधिकारी ने उन्हें बताया है कि जो केंद्र सरकार की बात नहीं माने उसे सीबीआई के जरिये खत्म कर दिया जाए।

Tuesday, December 15, 2015

प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार के दफ्तर पर छापा मारा गया

मंगलवार सुबह होते ही दिल्‍ली के राजनीतिक गलियारों में तब कोहराम मच गया जब सीबीआई ने दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री के सचिवालय पर छापामार कार्रवाई कर दी। खबरों के अनुसार सीबीआई ने केजरीवाल के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार के दफ्तर पर छापा मारकर उसे सील कर दिया और कह महत्‍वपूर्ण कागजात जब्‍त किए।
छापा पड़ने के ठीक बाद मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए राजनीति शुरू कर दी और इसके लिए पीएम मोदी को जिम्‍मेदार ठहराते हुए कायर करार दे दिया। छापे के बाद आम आदमी पार्टी के अलावा अन्‍य दलों ने भी अपनी प्रतिक्रिया व्‍यक्त की है।
छापा पड़ने के ठीक बाद मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश की और इसके लिए सीधे पीएम को जिम्‍मेदार ठहरा दिया। केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए लिखा है, 'मेरे ऑफिस पर सीबीआई छापा, जब मोदी मुझे राजनीतिक रूप से संभाल नहीं पाए तो ये हठकंडे अपना रहे हैं।'
केजरीवाल के ट्वीट के ठीक बाद ही सीबीआई डायरेक्‍टर अनिल सिन्‍हा ने यह साफ कर दिया कि यह छापा अरविंद केजरीवाल नहीं बल्कि उनके प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार के दफ्तर पर छापा मारा गया है।
केजरीवाल सीबीआई प्रमुख के बयान के बाद एक और ट्वीट करते हुए लिखा है कि राजेंद्र कुमार के बहाने मेरे दफ्तर की फाइलें खंगाली जा रही हैं। सीबीआई झूठ बोल रही है। मोदी बताएं उन्‍हें कौन सी फाइल चाहिए?
उन्‍होंने अगले ट्वीट में लिखा है, मैं अकेला सीएम हूं जिसने अपने मंत्रियों और वरिष्‍ठ अधिकारियों को भ्रष्‍टाचार के चलते बर्खास्‍त किया और सीबीआई को केस सौंपा। अगर सीबीआई के पास राजेंद्र कुमार के खिलाफ कोई भी सबूत था तो मुझे क्‍यों नहीं बताया गया।
वहीं उपमुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर लिखा है, 'सीबीआई छापे से डराकर ईमानदार राजनीति को रोकने की कोशिश कर रहे हैं मोदी।जनता सच के साथ है, सफल नही हो सकेंगे।'
बाद में पत्रकारों से बात करते हुए उन्‍होंने कहा कि सीएम के ऑफिस की फाइलें देखी जा रही हैं, वो बताएं उन्‍हें क्‍या चाहिए।
आप नेता आशुतोष ने कहा कि उन्‍हें अगर कोई फाइल देखनी थी तो उन्‍होंने दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री से बात क्‍यों नहीं की। बिना सूचना के सीमए के ऑफिस पर छापा मारना कायरता है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि केजरीवाल के लिए हर बात में पीएम का नाम लेना और उन पर आरोप लगाना फैशन बन गया है। सीबीआई केंद्र के अंडर काम नहीं करती। वो दिन गए जब कांग्रेस सीबीआई का दुरुपयोग करती थी।
आप नेता दीपक वाजपेयी ने कहा कि यह एक स्‍पष्‍ट धमकी है। यह अघोषित मार्शल लॉ जैसी स्थिति है। हमसे राजनीतिक रूप से सामना नहीं कर पाए तो पीएम ने अब आपातकाल घोषित कर दिया है।
भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सीबीआई किसी ठोस सबूत के आधार पर ही कार्रवाई करती है। केजरीवाल की छापे को लेकर प्रतिक्रिया अजीब है। आप भ्रष्‍टाचार के खिलाफ लड़ने की बात करके सत्‍ता में आई लेकिन अब भ्रष्‍टाचार का समर्थन करती दिख रही है।

भाजपा नेता मुख्‍तार अब्‍बास नकवी ने कहा कि कुछ लोगों को मोदी फोबिया हो गया है। पेट में भी दर्द होता है तो कहते हैं पीएमओ से कोई बीमारी आ गई है उसी से हो रहा है।

Friday, December 11, 2015

समग्र वार्ता की नई शुरुआत

भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पाकिस्तान दौरे के बाद दोनों देशों के बीच समग्र वार्ता की नई शुरुआत जहां एक ओर अच्छी खबर लेकर आई, वहीं पाक पीएम नवाज शरीफ से उनकी मुलाकात विवादों में घिर गई है। विवाद इस कारण हुआ कि सुषमा व नवाज की मुलाकात के दौरान पीछे पाक का झंडा तो लगा था लेकिन भारतीय तिरंगा गायब था। इस तस्वीर के सामने आते ही यह सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और एक नई बहस व विवाद का जन्म हो गया।
दोनों नेताओं की बैठक जिस कमरे में हुई, वहं दीवार पर पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर लगी थी। नवाज शरीफ के पीछे हरे रंग का झंडा लगा था और सुषमा स्वराज के पीछे पाकिस्तान का झंडा। इस तस्वीर को वायरल करते हुए सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल किया है कि जब दोनों देशों के नेता की भेंट होती है तो दोनों देशों के झंडे लगे होते हैं, फिर तिरंगा गायब क्यों था?

गौरतलब है कि बीते दिनों जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मलेशिया दौरे पर गए थे, तब आसियान सम्मेलन में पीएम मोदी व जापान के पीएम शिंजो आबे की मुलाकात के दौरान उल्टे तिरंगे की तस्वीर पर खूब बवाल मचा था। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर जमकर हंगामा मचाया था और सरकार पर भी सवाल उठाए थे।

Wednesday, December 9, 2015

मान्यता यूजीसी या एआईसीटीई में से कौन देगा

देश के टेक्नीकल और प्रोफेशनल कॉलेजों का अगला शिक्षण सत्र 2016-17 लेट होना तय है। दरअसल 8835 कॉलेजों की मान्यता का मामला एक बार फिर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्नीकल एजुकेशन (एआईसीटीई) के बीच उलझ गया है। इस तरह की स्थिति वर्ष 2014-15 के सत्र में भी बनी थी।
तब सुप्रीम कोर्ट ने एआईसीटीई को अगले साल और मान्यता की प्रक्रिया पूरी करने के आदेश दिए थे। यह समय समाप्त होते ही अब एआईसीटीई मान्यता की प्रक्रिया पर अगला आदेश प्राप्त करने के लिए फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। अब सुप्रीम कोर्ट का निर्णय तय करेगा कि कॉलेजों को मान्यता यूजीसी या एआईसीटीई में से कौन देगा। नियमानुसार अगले सत्र के लिए प्रक्रिया सितंबर माह से शुरू हो जाती है, जो कि पहले से ही तीन माह लेट हो चुकी है।
मामला टेक्नीकल और प्रोफेशनल कॉलेजों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अधीन किए जाने का है। यूजीसी इन कॉलेजों को अपने अधीन लेने के लिए वर्ष 2005 में सुप्रीम कोर्ट गई थी। जिस पर कोर्ट ने एआईसीटीई सभी कॉलेज यूजीसी को सौंपने का निर्देश दिया था।
इस निर्देश के तहत वर्ष 2014 में यूजीसी ने सभी कॉलेजों को अपने अधीन लिए जाने की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन तैयारियां पूरी नहीं होने से सुप्रीम कोर्ट ने 2014-15 की मान्यता वृद्घि का अधिकार एआईसीटीई को दे दिया था। यह अधिकार सुप्रीम कोर्ट ने एक शिक्षण सत्र के दिए थे, लेकिन दो शिक्षण सत्र बीत जाने के बाद भी यूजीसी ने एआईसीटीई के कॉलेजों को अपने अधीन लेने की तैयारी पूरी नहीं की है। इसको देखते हुए अगले शिक्षण सत्र से पहले एआईसीटीई अब सुप्रीम कोर्ट चली गई।

दिसंबर के अंत तक सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होना है। सुनवाई होने के बाद यह स्थिति तय होगी कि अगले शिक्षण सत्र की मान्यता वृद्घि यूजीसी देगा या एआईसीटीई जारी करेगा। ऐसे में काउंसलिंग प्रक्रिया लेट हो सकती है। इससे एडमिशन में देरी होगी और अगला शिक्षण सत्र भी पिछड़ सकता है।

Tuesday, December 8, 2015

व्हाट्सऐप पर प्रेमी से बात- प्रेमी को मौत

एक पिता को अपनी बेटी का दिनभर व्हाट्सऐप पर प्रेमी से बात करता इतना नागवार गुजरा कि उसने उसे और उसके प्रेमी को मौत के घाट उतर दिया।
बताया जा रहा है कि दोनों की शादी कराने का वादा करके लड़की का पिता बहाने से उन्‍हें राजस्‍थान के धौलपुर ले गया था।
इस मामले में पुलिस ने लड़की के आरोपी पिता गिरिराज को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने बताया कि लड़की भारती कुशवाहा (21) और लड़का नरेश कुमार सिंह (24) शनिवार को नगला लालजीत इलाके के अपने घरों से लापता थे। उनके शव धौलपुर में मनिया पुलिस स्टेशन के पास रविवार को झाड़ियों से मिले।
पुलिस के अनुसार, दोनों की हत्‍या के पहले उन्‍हें बुरी तरह से पीटा गया था। दोनों के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। बताया जा रहा है कि भारती और नरेश की हत्‍या दुपट्टे से गला घोंटकर की गई है। मृतकों की शिनाख्‍त के लिए धौलपुर पुलिस ने दोनों की तस्वीर कई थानों में भेजी थी।
उधर, आगरा के सदर थाने ने भी लापता भारती की तस्वीर कई जगहों पर लगवाई थी। मामले की जांच के सिलसिले में नागला लालजीत पहुंची धौलपुल पुलिस की टीम को वहां स्थानीय लोगों ने बताया कि भारती और नरेश के बीच प्रेम संबंध थे। जबकि भारती के पिता को इस रिश्‍ते से आपत्‍ित थी।

इस बीच पुलिस को आगरा-ग्वालियर के एक टोल प्लाजा की सीसीटीवी फुटेज भी मिल गई है। शनिवार की रात के वीडियो फुटेज में आरोपी गिरिराज दिखाई पड़ रहा है। जबकि पुलिस से पूछताछ के दौरान उसने दावा किया था कि वह कभी धौलपुर नहीं गया।

Thursday, December 3, 2015

एयर फोर्स का दल पीड़‍तों की मदद में लगा

बारिश से बेहाल चेन्‍नई में एयर फोर्स का दल पीड़‍तों की मदद में लगा है। गुरुवार को एक हे‍लीकॉप्‍टर के माध्‍यम से पीड़‍ितों के लिए फूड पैकेट गिराए जा रहे थे। घरों में पानी भरने के बाद अपने घरों की छतों पर रहने के मजबूर लोग हाथ हिलाकर मदद और फूड पैकेट मांग रहे थे। इस दौरान एक ऐसी महिला भी सामने आई जिसने जरूरत के हिसाब से ही फूड पैके‍ट लिया।

खबरों के अनुसार जब वायुसेना का हेलीकॉप्‍टर फूड पैकेट गिरा रहा था तब वो एक घर के उपर पहुंचा जहां एक दंपति मौजूद था। जैसे ही सैनिक ने एक फूड पैकेट गिराया, वो दंपति की छत पर जाकर गिरा। इसके बाद वहां मौजूद महिला ने सैनिकों को हाथ हिला कर दूसरा पैकेट गिराने से यह कहते हुए मना कर दिया कि इतना उनके लिए काफी है। अपदा की स्थिति में महिला का यह कदम सराहा जा रहा है।

एक करोड़ 80 लाख के रुपए के सालाना पैकेज

पटना के छात्र आशुतोष अग्रवाल को गूगल की ओर से एक करोड़ 80 लाख के रुपए के सालाना पैकेज का ऑफर दिया गया है। मजेदार बात यह है कि आशुतोष कंप्यूटर साइंस के फाइनल ईयर के स्टूडेंट हैं और अभी उनकी पढ़ाई पूरी नहीं हुई है।

लखनऊ के रहने वाले आशुतोष इससे पहले गूगल से इंटर्नशिप कर चुके हैं। उनका कहना है कि सेलेक्शन के लिए कई टेलीफोन राउंड से गुजरना पड़ा। गूगल में इंटर्नशिप की वजह से जॉब मिलने में आसानी हुई। आशुतोष का कहना है कि इसके लिए दो टेलीफोनिक राउंड हुए। उसके बाद कई स्तरों पर टेस्ट लिया गया।

Tuesday, December 1, 2015

पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करने के आरोप में गिरफ्तार बीएसएफ का हैड कॉन्स्टेबल अब्दुल राशिद पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे कर रहा है। राशिद ने सुरक्षा एजेंसियों को बताया कि वो अपनी बुआ के बेटे कैफेतुल्ला के जरिए आईएसआई के संपर्क में आया। आईएसआई ने उसे भारतीय सेना से जुड़ी जानकारी देने के एवज में मोटी रकम देने का वादा किया।
जांच एजेंसियों को ये भी पता चला है कि कैफेतुल्ला और राशिद कोडवर्ड के जरिये खुफिया जानकारियां एक दूसरे से साझा करते थे। जांच एजेंसियों ने फोन रिकार्डिंग के जरिए इस बात का खुलासा किया है कि दोनों फोन पर बातचीत के दौरान कोडवर्ड का इस्तेमाल करते थे।
सुरक्षा एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक जम्मू-कश्मीर का रहने वाला कैफेतुल्ला 2013 में अपने रिश्तेदार से मिलने पाकिस्तान गया था जहां उसकी मुलाकात आईएसआई एजेंट से हुई और उसी के जरिए वो आईएसआई में शामिल हो गया। कैफेतुल्ला को भारतीय सेना की खूफिया जानकारी देने के बदले बहुत सारे पैसे देने की पेशकश की गई।
धीरे धीरे कैफेतुल्ला आईएसआई का स्थाई सदस्य बन गया और उसे हर महीने 20 हजार रुपये तनख्वाह के रूप में दी जाने लगी साथ ही आईएसआई ने समय समय पर उसकी तनख्वाह बढ़ाने का भी वादा किया। कैफेतुल्ला को भारत में आईएसआई के और एजेंट बनाने के लिए भी कहा गया। आईएसआई हर महीने यूएई के बैंक के और सऊदी अरब के जरिए 20 हजार रुपये प्रति महीना तनख्वाह के रूप में कैफेतुल्ला को भेजती थी।
इसके बदले आईएसआई हर महीने कैफेतुल्ला को भारतीय सेना की गतिविधियों और भारतीय वायूसेना से जुड़ी जानकारियां देने का काम सौंपती थी। जांच एजेंसियों को ये भी पता चला है कि कैफेतुल्ला ने भारतीय सेना से जुड़ी खुफिया जानकारी पाकिस्तान पहुंचाने के लिए मजबूत नेटवर्क भी तैयार कर लिया था।

आपको ये भी बता दें कि साल 2014 में कैफेतुल्ला को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पूंछ में भारत विरोधी प्रदर्शन करने के दौरान दो बार गिरफ्तार भी किया था।

Monday, November 30, 2015

कश्मीर यूनिवर्सिटी में चरमपंथ

आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट दुनिया भर में भर्ती अभियान चला रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार ने कश्मीर घाटी में चरमपंथ के मामले पर चर्चा जम्मू-कश्मीर सरकार के साथ चर्चा की। खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि कश्मीर यूनिवर्सिटी के युवा हिजबुल मुजाहिद्दीन और लश्कर ए तैयबा जैसे आतंकवादी संगठन में शामिल हो रहे हैं।
आईबी ने 'कश्मीर यूनिवर्सिटी में चरमपंथ' नाम से एक रिपोर्ट तैयार की है। इसमें आतंकवादी बनने वाले छात्रों की बढ़ती संख्या के लिए कैंपस के भीतर की फैकल्टी को जिम्मेदार ठहराया गया है। साथ ही राज्य सरकारों को भी आतंक के उन आकाओं की पहचान करने के लिए कहा गया है, जो इन युवाओं में आतंकवाद का जहर भर रहे हैं।
केंद्र ने राज्य सरकार को आईएस की ओर से प्रायोजित प्रोपेगेंडा से मुकाबला करने के लिए कड़े कदम उठाने की सलाह भी दी। एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि अब तक कश्मीर युवाओं के आईएस में शामिल होने का कोई मामला सामने नहीं आया है।
हालांकि, बाहर रह रहे कश्मीर युवक-युवतियां आईएस की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में पढ़ रहा श्रीनगर का एक नौजवान इस साल की शुरुआत में भारतीय पासपोर्ट पर तुर्की पहुंचा था। माना जा रहा है कि अब वह आईएस में शामिल हो चुका है।

जम्मू-कश्मीर सरकार के सूत्रों ने बताया कि केंद्र और खुफिया एजेंसियों के बीच बातचीत अब नियमित प्रक्रिया का हिस्सा होगी। सरकार की योजना युवाओं को इस तरह की गतिविधियों के खिलाफ संवेदनशील बनाना और चरमपंथ पर बातचीत करना है।

संविधान की शपथ दिलाने अपील

शिवसेना ने आज अपने मुखपत्र सामना के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शपथ के लिए पवित्र धार्मिक गंथ्रों की जगह संविधान की शपथ दिलाने अपील की है कि ताकि देश को धर्म के आधार पर हो रही राजनीति से ऊपर उठाया जा सके।
शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में लिखा हैकि दिवंगत बाला साहेब ठाकरे का मानना था कि कानून में सभी धर्म समान हैं। इसलिए संविधान सभी धर्म के लोगों के लिए धार्मिक पुस्तक होनी चाहिए।
सामना ने अपने संपादकीय में लिखा है कि सभी लोगों के लिए कानून एक समान है लेकिन संविधान कानून से भी ऊपर है। इसलिए अदालतों में भी धार्मिक गंथ्रों की बजाय संविधान की शपथ दिलानी चाहिए।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा था कि बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान को बदलना के बारे में सोचना आत्मघाती है। प्रधानमंत्री ने ये भी कहा था कि संविधान एक पवित्र किताब है।

प्रधानमंत्री के उसी बयान पर शिवसेना ने कहा कि प्रधानमंत्री को अब अपनी इस सोच को आगे बढ़ाते हुए देश को धर्म आधारित राजनीति से ऊपर लाने की कोशिश करनी चाहिए।

Friday, November 27, 2015

डराने के लिए खाया जहर

सुबह सोकर जागा, तो देखा कि सोनल आर्या को गोद में लेकर अखबार पढ़ रही थी। आमिर खान के बयान वाली खबर पढ़ने के बाद उसने मुझसे असहिष्णुता का मतलब पूछा। मैंने जवाब नहीं दिया, जिसके कारण वो गुस्सा हो गई। इसी बात ने तूल पकड़ लिया फिर पुरानी बातों का जिक्र छिड़ते ही हम दोनों में बहस शुरू हो गई। सोनल आर्या को उठाकर ये कहते हुए कमरे में चली गई कि तुम मुझसे डरते नहीं हो, आज बताती हूं।
कुछ देर बाद नीचे आकर उसने बताया कि मैंने जहर खा लिया है, जिसके बाद मैं उसे लेकर तत्काल नेशनल अस्पताल पहुंचा, जहां उसकी दोपहर को मौत हो गई। ये बातें एसबीआई कालोनी लहरी रेसीडेंसी निवासी अयंक पाण्डे (31 वर्ष) ने पत्नी के जहर खाकर जान देने पर रोते हुए कही। अयंक की पत्नी सोनल पांडे ने बुधवार की सुबह जहर खा लिया था, जिसकी नेशनल अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
चूंकि सोनल का मामला नवविवाहिता का था, लिहाजा पुलिस ने घर को सील करने के बाद मायके पक्ष के आने पर पंचनामा कार्रवाई करने की बात कही थी। गुरुवार की सुबह सोनल के परिजन नरसिंहपुर से शहर पहुंचे और फिर पुलिस ने कार्रवाई की। अयंक पाण्डे की शादी 24 जून 2012 को नरसिंहपुर निवासी सोनल पांडे से हुूई थी। सोनल का भाई सौरभ तिवारी पुलिस विभाग में है, जो पनागर में रहता है।

अयंक ने बताया कि लहरी रेसीडेंसी, उखरी पावर हाउस स्थित मकान में पत्नी और बिटिया के साथ ही रहते थे। कभी-कभार मजाक में कुछ भी कहना सोनल की आदत रही, जिसने जाने कहां से जहर लाकर ऊपरी कमरे में रखा था। जहर खाने पर हालत बिगड़ी, तो उसने घबराकर बताया कि सिर्फ डराने के लिए जहर खाया था, मैं तुम्हें कुछ नहीं होने दूंगी।
अयंक के पिता डॉ. आरसी पाण्डे ने बताया कि बहू सोनल के शव का पोस्टमार्टम कराने बेटे सहित मेडिकल गए थे। इस दौरान घर पर मौजूद नातिन आर्या (करीब ढाई वर्ष) का गिरने से हाथ टूट गया। अयंक की मासूम बिटिया के हाथ में प्लास्टर लगा है।
सोनल के मायके वालों और भाई सौरभ तिवारी ने पुलिस में आधिकारिक तौर पर अयंक पर दहेज की मांग पूरी न होने पर सोनल को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। सौरभ के मुताबिक कई महीनों से अयंक सोनल से दस लाख स्र्पए मायके से लाने के लिए दबाव बना रहा था, जिसके कारण वो परेशान थी। पुलिस ने भी अपनी आधिकारिक रिपोर्ट में इसी बात का जिक्र किया है।

नवविवाहिता की मौत के बाद पुलिस ने मर्ग कायम करके जांच शुरू कर दी है। मृतका के शव का उसके मायके पक्ष के सदस्यों के सामने पंचनामा कराया गया, लेकिन शोकाकुल परिजनों के बयान बाद में दर्ज किए जाएंगे। आमिर खान वाले बयान की बात अभी तक हमारे रिकॉर्ड में नहीं आई है।

भाजपा और कांग्रेस के बाद अब शिवसेना भी

गुरुवार को संसद में सविंधान पर चर्चा के दौरान सेकुलर शब्‍द को लेकर हुए हंगामे के बाद बयानों का दौर जारी है। इस बहस में भाजपा और कांग्रेस के बाद अब शिवसेना भी कूद गई है। सामना के संपादकिय में संविधान दिवस को लेकर लिखे गए लेख में संविधान दिवस मनाए जाने को लेकर खुशी जाहि‍र की है वहीं कांग्रेस को निशाना भी बनाया है।
इसमें लिखा है जिस तरह भारत के लिए 26 जनवरी महत्‍वपूर्ण है वैसे ही 26 नवंबर भी महत्‍वपूर्ण दिन है। लेख में उम्‍मीद की गई है कि किसी संविधान दिवस के माध्‍यम से लोगों के बीच अनभिज्ञता दूर होगी। साथ ही बाबा साहेब के आलौकिक कार्य और योगदान पर चर्चा होगी।
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए लेख में कहा गया है कि संसद में पहला दिन संविधान दिवस के रूप में मनाया गया और बाबा साहेब के कार्यों का अभिवादन किया। इस जगह पर भी कांग्रेसवालों ने यह दिखाया कि बाबा साहेब के संविधान निर्माण और उसके पालन का सारा ठेका उनके पास है।
कांग्रेसवाले केवल बाबा साहेब को चुनाव में उपयोग करते हुए वोट बैंक की राजनीति करते हैं। लेकिन यह बात अब दलित जनता से छिपी नहीं है। संविधान की मूल प्रस्‍तावना में ना होने वाला सेकुलर शब्‍द कांग्रेस ने ही अपनी गंदी राजनीति के लिए बाद में घुसेड़ा और देश में जाति-भेद, धर्म-पंथ की दीवार हमेशा किस तरह बनी रहे इसकी व्‍यवस्‍था कर दी।
लेख में गृह मंत्री की बाद का समर्थन करते हुए लिखा है कि गृह मंत्री ने सदन में कहा कि सेकुलर शब्‍द का धर्मनिरपेक्ष जैसा सुविधाजनक अर्थ निकालकर उसका अपने ही देश में कई सालों से दुरुपयोग जारी है। धर्मनिरपेक्ष शब्‍द का ही उपयोग बंद होना चाहिए। उन्‍होंने जो कहा वो काफी महत्‍वपूर्ण है। समाजवादी की तरह सेकुलर भी एक शब्‍द है जो स‍ंविधान में घुसेड़ा गया।

इन दोनों शब्‍दों ने देश की राजनीतिक, सामाजिक और राष्‍ट्रीय शान ही छीन ली है। संविधान दिवस के बहाने यदि बाबा साहेब के प्रति जनता में जागृति आई और संविधान में घुसाए गए शब्‍दों धर्मनिरपेक्ष और समजावादी का उपयोग ना करने की सद्बुद्धी नेताओं में आई तो यह कहा जा सकता है कि संविधान दिवस सफल रहा।

Tuesday, November 24, 2015

परनीत कौर पर शिकंजा-

कालेधन को लेकर केंद्र सरकार कांग्रेस सरकार में विदेश राज्य मंत्री रहीं परनीत कौर पर शिकंजा कस रही है। जानकारी के मुताबिक, स्विट्जरलैंड से खुलासा हुआ है कि भारत सरकार ने परनीत कौर और उनके बेटे रणिंदर सिंह के कथित खातों की जांच में उससे मदद मांगी है।
परनीत कौर पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह की पत्नी हैं। स्विट्जरलैंड के कर विभाग ने सरकार के संघीय गजट में प्रकाशित दो पृथक अधिसूचनाओं में यह खुलासे किया है।

मालूम हो, कालेधन के मामले में पहले भी परनीत कौर का नाम उछल चुका है। इससे पहले एचएसबीएस की सूची लीक हुई थी, जिसमें पाया गया था तो उन्होंने किसी भी विदेशी बैंक में उनके नाम पर कोई भी खाता होने की बात से इनकार कर दिया था।

Monday, November 23, 2015

सांझी छत जा रहे हेलीकॉप्‍टर क्रैश

वैष्‍णों देवी में कटरा से सांझी छत जा रहे हेलीकॉप्‍टर के क्रैश होने की खबर है। जानकारी के अनुसार हादसे में इसमें सवार 6 लोगों के मारे जाने की खबर है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह एक यात्री हेलीकॉप्‍टर था जो कि वैष्‍णो देवी यात्रा पर जाने वाले दर्शनार्थियों को ले जा रहा था।
बताया जा रहा है कि कटरा से सांझी छत जा रहे हिमालयन कंपनी के हेलीकॉप्‍टर में 6 लोग सवार थे और तभी हवा में ही यह आग के गोले में तब्‍दील हो गया।

फिलहाल हादसे में मारे जाने वालों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन प्रत्‍यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना में किसी के बचने की संभावना नहीं है। सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल घटनास्‍थल के लिए रवाना हो गया है।

छुट्टियों से वंचित देशों की श्रेणी में भारत दुनिया में चौथे नंबर पर

छुट्टियों से वंचित देशों की श्रेणी में भारत दुनिया में चौथे नंबर पर है। एक सर्वे के मुताबिक, इस श्रेणी में उससे पहले संयुक्त अरब अमीरात, मलेशिया और सिंगापुर का स्थान है। ऑनलाइन ट्रेवल साइट एक्सपीडिया की 2015 की छुट्टियों की कमी से संबंधित रिपोर्ट में पाया गया कि 65 फीसद भारतीय यह मानते हैं कि उन्हें कम छुट्टियां मिल रही हैं जबकि 20 फीसद को लगता है कि उन्हें बहुत ही कम छुट्टियां मिल रही हैं।
रिपोर्ट ने खुलासा किया कि 67 फीसद भारतीय छुट्टियां मिलने पर अपनी पसंदीदा या अनोखी जगह की बजाय नई जगह की यात्रा करना पसंद करेंगे। यह रिपोर्ट अलग-अलग देशों और महाद्वीपों में रहने वाले लोगों की छुट्टियों से संबंधित आदतों के बारे में है। सर्वे इस साल उत्तरी अमेरिका, यूरोप, दक्षिण अमेरिका समेत 26 देशों में 6 अक्टूबर से 22 अक्टूबर के बीच 18 साल या उससे ज्यादा उम्र के 9273 कर्मचारियों के बीच किया गया।

सर्वे में खुलासा किया गया 65 फीसद भारतीय छुट्टियों को अपनी सारी खुशियों से जोड़कर देखते हैं। थाइलैंड में ऐसा मानने वाले लोगों की तादाद 56 फीसद और संयुक्त अरब अमीरात में 55 फीसद है। एक्सपीडिया इंडिया के मनमीत अहलूवालिया के मुताबिक, "काम और जिंदगी के बीच संतुलन बनाने में छुट्टियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह लोगों को पुनः ऊर्जा से भर देती हैं, जिससे वे काम पर फोकस कर सकें।'' सर्वे में 54 फीसद भारतीय कर्मचारियों ने माना कि वेतन में बढ़ोतरी से ज्यादा प्राथमिकता छुट्टियों में वृद्धि को देंगे।

Wednesday, November 18, 2015

सेवानिवृत्त की आयु 60 साल

सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट 19 नवंबर को सबमिट की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, इसमें 15 फीसदी वेतनवृद्धि की सिफारिश की गई है।
सातवें वेतन आयोग के तहत सरकारी कर्मचारियों के वेतन में संशोधन होना है। सूत्रों के मुताबिक वेतन आयोग सिफारिशों को अंतिम रूप देने में जुटा है।
सातवें वेतन आयोग का मानना है कि छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद कर्मचारियों के वेतन में हुई शानदार बढ़ोतरी के बाद अब वैसी वृद्घि की गुंजाइश नहीं है।

वेतन आयोग एक महत्वपूर्ण सिफारिश यह करने जा रहा है। आयोग चाहता है कि सरकारी कर्मचारियों का अधिकतम सेवाकाल 33 साल तय किया जाए। इसका मतलब यह होगा कि यदि कोई कर्मचारी 20 साल में सरकारी नौकरी शुरू करता है तो वह 53 साल की उम्र में रिटायर हो जाएगा। बाकी कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्त की आयु 60 साल ही रहेगी।

Monday, November 16, 2015

सलाह अब्‍देसलाम के खिलाफ अरेस्‍ट वॉरंट

फ्रांस की राजधानी पेरिस पर किए गए हमलों के जिस फरार संदिग्ध की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तलाश की जा रही है, उसे हमलों के कुछ ही घंटे बाद पुलिस ने फ्रांस-बेल्जियम बॉर्डर पर रोका था। अधिकारियों ने उससे पूछताछ की, लेकिन बाद में उसे जाने दिया गया था।
फ्रांस की पुलिस ने रविवार को 26 वर्षीय सलाह अब्‍देसलाम के खिलाफ अरेस्‍ट वॉरंट जारी किया है। माना जा रहा है कि वह उन तीन भाइयों में से है, जिन्‍होंने फ्रांस में हमले को अंजाम दिया था। सलाह का एक भाई हमले में मारा गया और दूसरे को बेल्जियम से गिरफ्तार कर लिया गया है।
उसने फोक्सवैगन पोलो कार किराए पर ली थी, जो बाटाक्‍लां कॉन्‍सर्ट हॉल के बाहर घटना स्थल पर छोड़ी गई थी। वहां ईगल्‍स ऑफ डेथ मेटल कॉन्‍सर्ट को सुनने पहुंचे 89 लोगों की मौत हो गई थी। फ्रांस के चार अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने बेल्जियम सीमा के निकट रविवार अल सुबह एक कार को रोका था।
पेरिस से 120 मील की दूरी पर बॉर्डर के पास रोकी गई उस कार में सलाह सहित तीन लोग सवार थे। इस घटना के कुछ घंटों बाद ही सालेह की पहचान उस व्‍यक्‍ित के रूप में हुई, जिसने पोलो कार किराऐ पर ली थी। अधिकारियों ने उससे पूछताछ की और उसकी आईडी को भी चेक किया था, लेकिन उसे जाने दिया गया। अब अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर उसकी तलाश की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि उसका एक भाई इब्राहिम शुक्रवार को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया, जबकि दूसरे भाई को ब्रसेल्‍स में गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके अलावा हमलों से जुड़े सात संदिग्‍ध लोगों की गिरफ्तारी भी बेल्जियम की राजधानी में की गई है।

फ्रांस की पुलिस ने उसे सबसे खतरनाक आतंकी करार देते हुए लोगों से अपील की है कि यदि वे सालेह की पहचान कर लें, तो खुद उसे पकड़ने की गलती न करें। चुपचाप पुलिस को सूचना दें। पेरिस पर हुए हमलों में कम से कम 158 लोग मारे गए थे।

Friday, November 13, 2015

अपनी बहन को किडनी के रूप में नायाब तोहफा

बड़नगर के एक भाई ने अपनी बहन को भाईदूज से एक पखवाड़े पहले ऐसा तोहफा दिया जो अनोखा तो है ही साथ ही भाई बहन के रिश्तों को और मजबूत करने वाला है। 40 वर्षीय मनोज संगतानी ने अपनी बहन को किडनी के रूप में नायाब तोहफा देकर मिसाल कायम की है।
नयापुरा निवासी साजनदास संगतानी की बांसवाडा में रहने वाली बेटी मनाली लखानी की दोनों किडनी दो वर्ष पहले खराब हो गई। अहमदाबाद में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट करने को कहा। खर्च करीब आठ लाख रुपए बताया। साथ ही यह भी बताया कि किसी ब्लड रिलेशन वाले की किडनी मिलती है तो बेहतर होगा।
तीन माह पूर्व मनाली के पति हरीश लखानी ने सारी बात बड़नगर आकर ससुर व साले मनोज संगतानी को बताई। जब मनाली के भाइयों को यह पता चला कि भाई अपनी बहन को किडनी देकर जीवन में खुशहाली ला सकते हैं तो मनोज ने मन बनाया कि वह अपनी एक किडनी अपनी बहन को देगा। अपना ब्लड ग्रुप जांच करवाया तो दोनों भाई बहन का एक ही ब्लड ग्रुप 'ओ -निगेटिव' निकला।
बहन को किडनी देने के पहले मनोज ने अपने पिता को राजी किया। किडनी देने के लिए रजामंदी का सबसे बड़ा और दुरूह कार्य पत्नी की सहमति लेना थी। मनोज ने पत्नी रिया से बात की और दोनों बेटों विश्वास (15) और युग (10) को भी रजामंद किया। इसके बाद 27 अक्टूबर का दिन बहन को किडनी ट्रांसप्लांट करने का मुकर्रर हुआ।
दोनों भाई बहन नडियाद (गुजरात) के मूलजीभाई पटेल अस्पताल में भर्ती हो गए। मनोज की बांई किडनी डॉ. देसाई ने आपरेशन कर मनाली को लगा दी। मनोज को चार दिन अस्पताल में रखने के बाद छुट्टी कर दी गई और वह बड़नगर लौट आया है। जबकि मनाली को अभी तीन माह तक अस्पताल में बतौर निगरानी के रहना होगा। मनोज बहन को एक किडनी ट्रांस प्लांट करने के बाद स्वस्थ हैं। मनाली को 15 वर्ष का लड़का तथा 10 वर्ष की लड़की हैं।
गहन जांच के बाद डोनेट होती हैं किडनी

एक बड़े स्कूल को संचालित करने वाले मनोज संगतानी ने बताया कि किडनी ट्रांसप्लांट को लेकर चल रहे अवैध कारोबार के कारण सरकार काफी कागजी खाना पूर्ति और जांच के बाद ट्रांसप्लांट की अनुमति मिलती है। किडनी देने के पहले सारे कागजात तैयार करने में एक माह से ज्यादा का समय लग गया। बावजूद सारी परेशानियों के मनोज का परिवार अपनी बहन को एक किडनी प्रदान कर काफी खुश हैं और वह इसे भाई दूज का सबसे बड़ा तोहफा मानता है।

Thursday, November 12, 2015

कुत्‍ते पालने की अनुमति है गाय की नहीं

विश्व हिन्दू परिषद् के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने गोहत्‍या को लेकर दिल्‍ली सरकार पर हमला बोला है।
खुरेजी स्थित विवेकानंद आश्रम में आयोजित हिन्दू दर्शन मेला में शामिल होने आए तोगड़‍िया ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्‍ली सरकार के राज में कुत्‍ते पालने की अनुमति है गाय की नहीं।
उन्‍होंने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि सरकार देश में गोहत्‍या रोकने के लिए कठोर कानून बनाए। जिस तरह मानव हत्‍या के लिए सजा का प्रावधान है वैसे ही गोहत्‍या के लिए भी सजा का प्रावधान होना चाहिए।

गोरक्षा को लेकर उन्‍होंने कहा कि देश में 15 करोड़ गाय हैं ना उन्‍हें काटने देंगे और ना ही बिकने देंगे। अर्थ व्यवस्था के लिए उपयोगी साबित होगा गऊ रक्षा अभियान।

Tuesday, November 10, 2015

शुभकामनायें

साथियों ,

आप सभी को तथा सभी के परिवार को  मेरी और मेरी पत्नी की ओर से दीपावली की  हार्दिक शुभकामनायें

Monday, November 9, 2015

नीतीश की जीत के पीछे मोदी के 'विभीषण'

नीतीश कुमार की जीत के पीछे कई कारणों में से एक है मोदी के पूर्व सहयोगी प्रशांत किशोर का उनके साथ होना। बताया जा रहा है कि अमित शाह की वजह से ही किशोर ने मोदी का साथ छोड़कर नीतीश का साथ दिया। वह मई से ही नीतीश के लिए चुनावी रणनीति तैयार करने में जुट गए थे।
बिहार चुनाव में मोदी और नीतीश-लालू के लड़ाई के बड़े चेहरे थे, लेकिन पर्दे के पीछे की रणनीति भाजपा के लिए अमित शाह और नीतीश के लिए प्रशांत किशोर बना रहे थे। नतीजों के बाद यह स्‍पष्‍ट हो गया है कि प्रशांत की रणनीति ने अमित शाह की चालों को पूरी तरह नाकाम कर गठबंधन की जीता का मार्ग प्रशस्‍त किया।
साल 2011 में संयुक्त राष्ट्र जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ की नौकरी छोड़ने के बाद वह नरेंद्र मोदी के साथ जुड़ गए थे। उन्‍होंने ही मोदी की छवि विकास पुरुष की बनाई, 'चाय पर चर्चा' और '3डी होलोग्राम जैसे प्रोग्राम' की बदौलत मोदी के नेतृत्‍व में लोकसभा चुनाव में भाजपा को जबरदस्‍त जीत दिलाई थी।

प्रशांत की टीम में शामिल एमबीए और आईआईटी ग्रेजुएट सहित कई पेशेवर सदस्‍यों ने सोशल मीडिया के जरिये बड़ी संख्या में लोगों को मोदी से जोड़ने में कड़ी मेहनत की थी। मगर, भाजपा के अध्‍यक्ष अमित शाह सहित कुछ नेताओं का मानना था कि भाजपा और उसके कार्यकर्ताओं की मेहनत के कारण ही मोदी को जीत मिली और किशोर की टीम की भूमिका मामूली थी।
लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा की चुनावी रणनीति में किशोर अपना प्रभाव गंवा चुके थे। बताया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के आखिरी दौर में शाह से मिले थे और उनसे पूछा था कि उन लोगों का जून के बाद क्या होगा? शाह ने तब किशोर को सरकार की पॉलिसी मेकिंग में कोई भूमिका दिए जाने का आश्वासन नहीं दिया था।
इसके बाद प्रशांत किशोर ने अपने भविष्‍य को देखते हुए कुछ कांग्रेसी नेताओं से संपर्क किया। हालांकि, बात नहीं बनी और उसके बाद अक्टूबर-नवंबर 2014 में वह जेडीयू सांसद पवन वर्मा के जरिये नीतीश कुमार से मिले। किशोर ने दो शर्तों पर नीतीश के साथ काम करने पर रजामंदी दी।

बताया जा रहा है कि पहली शर्त थी कि नीतीश तक उनकी सीधी पहुंच हो और दूसरी जीतन राम मांझी को बिहार के मुख्यमंत्री पद से हटाया जाए। इसके कुछ ही समय बाद नीतीश मांझी को मुख्यमंत्री पद से हटाकर खुद सीएम बने।

विदेशी दंपतियों के लिए सरोगेसी पर लगे प्रतिबंध पर रोक

बांबे हाईकोर्ट ने एक अंतरिम आदेश में विदेशी दंपतियों के लिए सरोगेसी पर लगे प्रतिबंध पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने प्रतिबंध पर रोक उन दंपतियों के लिए लगाई है, जिनकी सरोगेसी की प्रक्रिया पूरी होने वाली है या जो इलाज के नाजुक दौर में हैं।
अंतरिम आदेश तीन तारीख को जस्टिस रवि देशपांडे की पीठ ने डॉ. कौशल कदम और कुछ प्रजनन केंद्रों की याचिका पर दिया गया था। याचिका में 27 अक्टूबर को इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च द्वारा जारी एक सूचना पत्र को चुनौती दी गई थी।
पत्र में बताया गया था कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आदेश पर सरोगेसी केवल भारतीय विवाहित दंपतियों के लिए संभव होगी जबकि विदेशी दंपतियों के लिए इसे प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसमें डॉक्टरों से अनुरोध किया गया था कि वे विदेशी दंपतियों के लिए सरोगेसी की प्रक्रिया में सहयोग न करें।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में केवल उन विदेशी दंपतियों को राहत दी है जिनकी सरोगेसी की प्रक्रिया 15 से 20 दिन में पूरी होने वाली है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि वे ऐसे दंपतियों के नाम संबंधित अधिकारियों को बंद लिफाफे में रखकर दें। उसने यह भी कहा कि इन लिफाफों को कोर्ट की अनुमति के बगैर नहीं खोला जाए।
कोर्ट के मुताबिक, भविष्यमें ऐसे विदेशी दंपतियों को सरोगेसी का लाभ नहीं दी जानी चाहिए, जिनकी प्रकिया अभी शुरू नहीं हुई है। कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रतिबंध के बारे में फैसला लिए जाने से पहले इससे प्रभावित होने वाले लोगों को नोटिस दी जाती है, जो इस मामले में नहीं किया गया।

सरोगेसी एक ऐसी तकनीक है जिसके जरिए वे दंपति बच्चा प्राप्त कर सकते हैं, जिनमें महिला किन्हीं कारणों से गर्भ धारण नहीं कर सकती। इस स्थिति में समझौते के तहत किसी जरूरतमंद महिला के गर्भ में पुरुष के शुक्राणु स्थापित कर दिए जाते हैं। महिला के गर्भ धारण करने के बाद भ्रूण उसके गर्भाशय में विकसित होता रहता है। बाद में निर्धारित समय पर महिला बच्चे को जन्म देती है, जिसे समझौता करने वाले दंपती को सौंप दिया जाता है।

Friday, November 6, 2015

मुस्लिम कई पत्नियां रखने के लिए कुरान का दुरुपयोग

गुजरात हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में गुरुवार को कहा कि मुस्लिम कई पत्नियां रखने के लिए कुरान का दुरुपयोग कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब देश में एक कानून बने और ऐसे नियमों को हटाया जाए, जो संविधान की गरिमा के खिलाफ है।
जफर अब्बास मर्चेंट नाम के एक शख्स ने कोर्ट में याचिका दायर करके उसके खिलाफ की गई एफआईआर रद्द करने की मांग की थी, जो उसकी पत्नी ने दर्ज कराई थी। अब्बास की पत्नी ने आरोप लगाया था कि उसने बिना अनुमति के दूसरी महिला से शादी कर ली और अब कुरान का हवाला देकर इसे सही बता रहा है।
याचिकाकर्ता ने मुस्लिम पर्सनल लॉ का दिया हवाला
कोर्ट में दायर की गई याचिका में भी अब्बास ने यह दलील दी थी कि मुस्लिम पर्सनल लॉ का हवाला देते हुए कहा था कि उसे चार शादियां करने की छूट है। इसलिए उसके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर गैरकानूनी है।

कोर्ट ने मामले की सुनवाई पर कहा कि कुरान में यह वक्तव्य एक खास मकसद और परिस्थिति के लिहाज से है और उसकी वजह भी साफ है, लेकिन वर्तमान समय में लोग इसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।

Wednesday, November 4, 2015

गाय का मांस खाना जायज नहीं- मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव

समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव ने बीफ मामले पर बयान दिया है। कल उन्होंने एक ट्वीट करके कहा कि गाय का मांस खाना जायज नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनका ये बयान किसी धर्म विशेष पर कमेंट नहीं है। बता दें कि अपर्णा मुलायम के दूसरे बेटे प्रतीक यादव की पत्नी हैं।
अपर्णा ने ट्वीट किया, गाय हमारी मां के समान है और इसका मांस खाना जायज बात नहीं है। गरीबों के बीच गाय काटने पर जो लोग आग भड़काते हैं ये वह अमीर हैं जो अपनी थाली में गौ मांस परोसते हैं। अगर अमीरों के पैसों से गाय का मांस खाया जाएगा तो हिंदुस्तान कल तालिबान कहलाएगा। मेरा ये बयान किसी विशेष धर्म पर टिप्पणी नहीं है। हमें अपनी मां को बचाना ही होगा। अपर्णा यादव समाज सेविका और बहू, मुलायम सिंह यादव इस ट्वीट को उन्होंने अपने फेसबुक पेज से भी लिंक किया है। जिसमें बहुत से हिंदु और मुस्लिमों के कमेंट भी आए हैं।

बीफ और दादरी मामले पर यूएन जाने की धमकी देने वाले सपा नेता आजम खान का कभी अपर्णा ने बचाव किया था। उन्होंने कहा था कि यूएन एक बड़ी संस्था है। ऐसी घटनाएं यूएन में जाएं या नहीं, ये बहस का मुद्दा हो सकता है, लेकिन आजम के खत से भारत की छवि खराब नहीं होगी।

Monday, November 2, 2015

मोबाइल है तो आप गरीब नहीं

आपके पास मोबाइल है तो आप गरीब नहीं माने जा सकते। ये नियम बीपीएल यानी गरीबी रेखा वालों के लिए पहले ही तय किया जा चुका है। अब यही मोबाइल फर्जी गरीबों का खुलासा करने में काम आएगा। नए सिस्टम में बीपीएल राशन कार्डधारियों से आधार नंबर और मोबाइल नंबर के साथ समग्र आईडी भी मांगी जा रही है। जिसे समग्र पोर्टल में उस कार्डधारी के नाम से दर्ज किया जाएगा।
लेकिन जैसे ही जिले के सभी कार्डधारियों के नाम पोर्टल में दर्ज हो जाएंगे। एक साफ्टवेयर ये पता कर लेगा कि आखिर आप वास्तविक गरीब हैं या नहीं। उस दिन के बाद से ही आपकी मुसीबत भी शुरू हो जाएगी, क्योंकि आपके खिलाफ धारा 420 और सरकारी योजनाओं का गलत लाभ लेने का प्रकरण कायम होगा। वहीं राशन कार्ड अपने आप ही निरस्त कर दिया जाएगा।
यह है गरीब न मानने की गणित
- हर माह की आय 565 से कम होना चाहिए।
- मोबाइल, फ्रिज,टीवी, पक्का मकान, पक्की छत, दुपहिया वाहन आदि नहीं होना चाहिए।
- खुद का मकान हो तो चलेगा। लेकिन उसकी छत, दिवारें, फर्श कच्चा होना चाहिए।
ऐसे पकड़े जाएंगे फर्जी गरीब
- अभी पात्रता पर्ची से पहले सभी बीपीएल व अन्य गरीबी रेखा वाले कार्डधारियों से खाद्य विभाग मोबाइल नंबर, घर का पता, आधार नंबर, समग्र आईडी नंबर ले रहा है। जिसे दर्ज करने के बाद ही पात्रता पर्ची वितरित की जा रही है।
- समग्र पोर्टल पर शिक्षा, स्वास्थ्य सहित छात्रवृत्ति वितरण, घरेलू गैस सिलेण्डर लेने जैसी सभी योजनाओं को लिंक किया जा रहा है।
- चूंकि आधार नंबर को अधिकांश बैंक खाता धारकों के खातों और योजनाओं से जोड़ा जा चुका है। इसलिए सभी की डीटेल एक बार में पता चल जाएगी।
- यदि किसी ने गैस कनेक्शन ले रखा है या फिर अपने बच्चों को निजी अंग्रेजी माध्यम के स्कूल में पढ़ा रहा है। खाते में गरीबों जितनी रकम की जगह लाखों-हजारों का लेनदेन लगातार हो रहा है। ऐसे सभी बीपीएल कार्डधारियों को साफ्टवेयर योजनाओं में मुखिया के नाम से पकड़ लेगा।
- मुखिया के नाम पर यदि आधार और मोबाइल नंबर नहीं दिया गया है तब भी कार्ड निरस्त कर दिया जाएगा।
साफ्टवेयर ने अपना काम कर दिया तो प्रदेश के लाखों ऐसे कार्ड निरस्त हो जाएंगे, जिन्होंने गलत तरीके से कार्ड बनाया है।
- प्रदेश की कुल आबादी 7 करोड़ 25 लाख है।
- इसमें 1 करोड़ 15 लाख से ज्यादा कार्डधारियों को राशन दिया जा रहा है।
- सिर्फ बीपीएल कार्डधारी 61 लाख 93 हजार 120 लोग वर्तमान में राशन ले रहे हैं।
- एएवाय वाले 14 लाख 31 हजार
- दूसरी श्रेणियों में 39 लाख लोगों को राशन मिल रहा है।
- इनमें सबसे ज्यादा राशन इंदौर में 3 लाख 85 हजार 966 लोगों को मिल रहा है।
- दूसरे नंबर पर जबलपुर है। यहां 3 लाख 71 हजार 813 को राशन दिया जा रहा है।
- तीसरे नंबर पर भोपाल है। यहां 3 लाख 17 हजार 820 राशन पा रहे हैं।
- ग्वालियर में 2 लाख 39 हजार 708 को राशन दिया जा रहा है।

शासन स्तर पर लिए गए निर्णय के मुताबिक वास्तविक गरीबों और जरूरतमंदों को राशन दिया जाना तय किया गया है। वहीं जो लोग गलत तरीके से लाभ उठा रहे हैं, उनके कार्ड आने वाले महीनों में निरस्त हो जाएंगे।

Friday, October 30, 2015

शॉर्ट ड्रेस में होने के कारण विमान में चढ़ने से रोक दिया

इंडिगो की फ्लाइट में सोमवार को एक महिला यात्री को कथित रूप से शॉर्ट ड्रेस में होने के कारण विमान में चढ़ने से रोक दिया गया। दावा किया जा रहा है कि प्राइवेट एयरलाइन के स्टाफ मेंबर्स ने पैसेंजर से कहा था कि आप 'अश्लील कपड़ों में हैं।' ट्राउजर पहन कर आने के बाद एयरलाइन ने उसे दूसरी फ्लाइट में दिल्ली भेजा। बताया जा रहा है कि महिला यात्री खुद पहले इंडिगो में काम कर चुकी है और उसकी बहन फिलहाल कंपनी में काम कर रही है।
 महिला के साथ यात्रा कर रही सहयात्री ने बताया कि वह अश्लील कपड़ों में नहीं थी। दोह एयरपोर्ट पर उसे किसी ने नहीं रोका था। उसने फ्रॉक पहन रखी थी, जो उसके घुटने के ऊपर तक थी।
सहयात्री ने बताया, 'हम सभी मुंबई के छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सोमवार सुबह 2.40 बजे कनेक्टिंग फ्लाइट का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान हंगामा होने लगा। जब मैं वहां पहुंची तो देखी की वह (महिला पैसेंजर) रो रही थी। इंडिगो के तीन स्टाफ उसे फ्लाइट में जाने से रोक रहे थे।'
आपको बता दें कि सहयात्री का दवा है कि वह उसी फ्लाइट में थी जो दोहा से मुंबई आई थी। मुंबई से दिल्ली आने के लिए ये सभी 6.40 बजे की कनेक्टिंग फ्लाइट का इंतजार कर रहीं थीं।
एक अन्य यात्री ने आरोप लगाया कि एयरलाइन के स्टाफ मेंबर्स ने उन्हें धमकी दी कि अगर किसी ने इस मामले में दखलंदाजी करने की कोशिश की तो उसे फ्लाइट में नहीं चढ़ने दिया जाएगा।
उस यात्री ने बताया, 'जब मैंने उस महिला के हक में मामले को चेक-इन काउंटर के अफसरों के सामने उठाया तो वहां का स्टाफ मुझे परेशान करने लगा। उसने कहा कि मेरा हैंडबैग भारी है और उसे मैं फ्लाइट में नहीं ले जा सकता।'
जब इन दोनों यात्रियों ने एयरलाइन के ग्राहक सेवा विभाग में शिकायत दर्ज करवाई तो उन्हें कहा गया कि कर्मचारी केवल प्रोटोकॉल फॉलो कर रहे थे।

इंडिगो ने मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि महिला यात्री हमारे नियमों से अच्छी तरह वाकिफ थी। कंपनी ने एक ई-मेल में कहा, 'हमें खेद है कि महिला यात्री को मुंबई एयरपोर्ट पर इस तरह के बर्ताव का सामना करना पड़ा, लेकिन हमारी गाइडलाइंस के अनुसार, कर्मचारी व उनके पारिवारिक सदस्यों, जिन्हें वे अपने परमिट पर सफर करा रहे हों उन्हें स्पेसेफिक ड्रेस कोड का पालन करना होता है। इसी पॉलिसी को ध्यान में रखते हुए मुंबई में एयरलाइंस के स्टाफ ने उन्हें रोका। वैसे हम इस मामले की जांच कराएंगे।'