Monday, February 28, 2011

बजट में कई सुविधाओं की घोषणा

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने इनकम टैक्स देने वालों के लिए बजट में कई सुविधाओं की घोषणा की है। अब ऐसे वेतनभोगी जिनको किसी अन्य स्रोत से आमदनी नहीं है, उन्हें इंडिविजुअल टैक्स रिटर्न भरने की जरूरत नहीं होगी। उनका रिटर्न कंपनी ही भरेगी। वहीं, वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स छूट की सीमा 1,60,000 रुपये से बढ़ाकर 1,80,000 रुपये कर दी। महिलाओं के लिए इस सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वहीं सीनियर सिटिजन के लिए टैक्स छूट की सीमा 2,40,000 से बढ़ाकर 2,50,000 रुपये कर दिया गया। साथ ही अब 60 साल से ऊपर के लोग सीनियर सिटिजन के दायरे में आएंगे। इसके साथ ही 80 साल से ऊपर के सीनियर सिटिजन के लिए एक नया टैक्स स्लैब बनाया गया है।

Friday, February 25, 2011

जवाब देते वक्त केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी आपा खो बैठे।

लोकसभा में शुक्रवार को काले धन पर पूछे गए सवाल का जवाब देते वक्त केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी आपा खो बैठे। उन्होंने गुस्से में विपक्षी दलों के सदस्यों से कहा कि वे उन्हें अपनी बात पूरी करने दें। मुखर्जी की टिप्पणी के बाद सदन में शोर मच गया। भारी शोर-शराबे के बीच अध्यक्ष मीरा कुमार ने सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित कर दी। सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर केंद्रीय वित्त मंत्री ने अपने बर्ताव के लिए माफी भी मांगी। काले धन पर पूछे गए सवाल का जवाब देते वक्त विपक्ष की टोका टाकी से झुंझलाए मुखर्जी ने कहा, 'मुझे अपनी बात रखने दें। इसमें अवरोध पैदा न करें।' वित्त मंत्री की टिप्पणी पर विपक्षी सांसदों ने शोर-शराबा शुरू कर दिया और नारे लगाते हुए अध्यक्ष के आसन के पास पहुंच गए। इसके बाद अध्यक्ष ने कुछ देर के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। लगभग 5 मिनट बाद लोकसभा की कार्यवाही फिर शुरू कर दी गई, जिसके बाद वित्त मंत्री ने अपने बर्ताव के लिए माफी मांगी। लेकिन, उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी सदस्यों ने उन्हें तेज बोलने के लिए उकसाया। उनका मकसद किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने सदन को बताया कि हसन अली, जिसके खिलाफ विदेशी बैंकों में बड़ी मात्रा में काला धन रखने का आरोप है, को सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार देश छोड़कर जाने की इजाजत नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि सभी देश का कानून सभी पर समान रूप से लागू होता है।

Tuesday, February 22, 2011

फहीम अंसारी और सबाउद्दीन अहमद के बरी होने ने उसकी जांच पर फिर नए सिरे से सवाल

26/11 मामले में अजमल कसाब को बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा सोमवार को फांसी की सजा की पुष्टि से भले ही मुंबई क्राइम ब्रांच अपनी पीठ थपथपाए , लेकिन इस केस में फहीम अंसारी और सबाउद्दीन अहमद के बरी होने ने उसकी जांच पर फिर नए सिरे से सवाल उठा दिए हैं। फहीम और सबाउद्दीन को निचली अदालत ने भी बरी कर दिया था। दो - दो अदालतों के एक जैसे फैसले के बाद अब यह एकदम साफ हो गया है कि 26/11 को मुंबई में जिन जगहों पर दस आतंकवादियों ने फिदायीन हमला किया था , उन जगहों की रेकी फहीम या सबाउद्दीन ने नहीं , बल्कि डेविड हेडली ने लश्कर के कई आकाओं और तहव्वुर राना के कहने पर की थी। 26/11 से पांच दिन पहले तक राना मुंबई में ही था। लेकिन जब 26/11 का मुकदमा शुरू हुआ , तो हेडली और राना की साजिश का किसी को सुराग ही नहीं था। इसलिए मुकदमे के शुरुआती दौर में मुंबई क्राइम ब्रांच की कहानी को सच माना जाता रहा। अक्टूबर 2009 में हेडली और राना जब अमेरिका में गिरफ्तार हुए , उसी के बाद से तमाम लोगों का शक बढ़ गया कि फहीम और सबाउद्दीन को इस केस में गलत फंसाया गया है। इसकी मूल वजह यह थी कि दोनों ही आरोपी 26/11 के दिन ही नहीं , उससे सात महीने पहले से यूपी की जेल में बंद थे। मुकदमे के दौरान अपनी बात साबित करने के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच नुरुद्दीन नामक गवाह की गवाही पर निर्भर रही , जिसने दावा किया कि फहीम ने जब नेपाल में सबाउद्दीन को नक्शा सौंपा , उस समय वह वहां मौजूद था। मुंबई क्राइम ब्रांच का दावा था कि ये नक्शे फहीम ने उस वक्त मुंबई की रेकी के दौरान बनाए थे , जब वह यूपी की जेल में बंद नहीं था। पर फैसले के दौरान अदालत ने कहा था कि पुलिस ने इस बात के कोई सबूत नहीं दिए कि नुरुद्दीन नेपाल गया था। मुंबई क्राइम ब्रांच ने फहीम द्वारा बनाया नक्शा पेश करते हुए कहा था कि यह नक्शा गिरगांव एनकाउंटर में मारे गए अबू इस्माइल की जेब से मिला था। लेकिन 26/11 का फैसला सुनाते वक्त जज तहिलियानी ने कहा था कि एनकाउंटर के बाद इस्माइल खून से लथपथ हो गया था। उसके कपड़े भी सन गए थे। लेकिन क्राइम ब्रांच ने जो नक्शा सबूत के तौर पर पेश किया , उसमें न तो कोई खून का निशान था और न ही वह कटा - फटा था। जिरह के दौरान बचाव पक्ष द्वारा यही मुद्दा हाई कोर्ट में भी उठाया गया।

Wednesday, February 16, 2011

मैं मजबूर हूं।

भ्रष्टाचार और घोटालों पर विपक्ष के हमलों का जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देश के न्यूज़ चैनलों के संपादकों से मुलाकात में जो सफाई दी उसका लब्बोलुआब यही था कि मैं मजबूर हूं। स्पेक्ट्रम घोटालों से लेकर भ्रष्टाचार की नैतिक जिम्मादारी तक सारे सवालों के जवाब में उनका कहना था कि गठबंधन धर्म के चलते मेरे हाथ बंधे हुए हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि जेपीसी समेत किसी भी जांच समिति में पेशी से डरता नहीं हूं। एक सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा, ' 2 जी स्पेक्ट्रम के आवंटन से पहले मैंने 2 नवंबर 2007 को मैंने तत्कालीन टेलिकॉम मिनिस्टर ए. राजा की चिट्ठी लिखी थी। उस चिट्ठी में अपनी और कई लोगों की चिंताएं जताई थीं।' प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि उन्हें राजा की 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए पहले आओ, पहले पाओ की विवादास्पद नीति के क्रियान्वयन के तौर-तरीकों बारे में जानकारी नहीं थी। इस बारे में मेरे साथ कभी चर्चा नहीं हुई और न ही इसे मंत्रिमंडल के सामने लाया गया। यह पूरी तरह दूरसंचार मंत्री का फैसला था। उन्होंने कहा, 'वित्त और दूरसंचार मंत्री 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन की मौजूदा नीति को जारी रखने पर सहमत थे, ऐसे में मुझे नहीं लगा कि मैं नीलामी पर जोर देने की स्थिति में हूं।' शिकायतों के बावजूद राजा को 2009 में दोबारा मंत्री क्यों बनाया ? इस सवाल के जवाब में उन्होंने गठबंधन की राजनीति का रोना रोते हुए कहा कि कि राजा को मंत्री बनाने के पीछे क्या बात हुई मुझे नहीं मालूम। प्रधानमंत्री ने कहा कि गठबंधन सरकार में चीजें वैसी नहीं होती जैसा आप चाहते हैं, गठबंधन धर्म का भी पालन करना पड़ता है।

Monday, February 14, 2011

प्यार का एहसास , मन बेचैन

सर्दियां बीतने को हैं , गर्मी ने दस्तक दे दी है। बसंत ऋतु के दौरान प्यार के इजहार से बेहतर और कौन सा मौका हो सकता है। हमें जैसे ही प्यार का एहसास होता है , मन बेचैन हो जाता है। धड़कनें बढ़ जाती हैं। वसंतोत्सव के उल्लासित माहौल में जैसे - जैसे वक्त बीतता है , वैसे - वैसे अपने वैलंटाइन से इजहार करने का जज्बा जोर मारने लगता है। जल्द ही ' उसके ' बिना कुछ अच्छा नहीं लगता। इस अनकही बात को कहने के रास्ते तलाशे जाते हैं , पर डर इस बात का लगता है कि कहीं यह ' अनकही बात ' अनसुनी न रह जाए। इस भावना के इजहार के लिए सबसे अच्छा दिन यानि वैलंटाइंस डे का इंतजार किया जाता है। अक्सर यह समस्या आती है कि प्रेम का इजहार कैसे करें ! प्रेम - पत्र से ? नहीं - नहीं , वह अब पुराना हो चला है। इसमें भी कुछ अलग होना चाहिए , सबसे जुदा। साथ में , एक खास गिफ्ट रहे तो क्या बात है। आज के युग में दो व्यक्तियों के बीच पनपने वाली प्यार की इस अनुभूति का भी पूरी तरह बाजारीकरण हो चुका है। आप अपने प्यार को किस तरह से और किस माध्यम से जाहिर करेंगे यह आप नहीं बल्कि आज का मार्केट तय करता है। आज मार्केट तय करता है कि हम अपने वैलंटाइन से क्या कहें और क्या गिफ्ट दें। और यह मार्केट कोई छोटा - मोटा नहीं बल्कि सैकड़ों करोड़ों रुपये के टर्न - ओवर वाला हो गया है। हालात ये हो चुके हैं कि इस वैलंटाइंस डे का इंतजार जितना प्रेमी युगल करते हैं , उससे कहीं अधिक बाजार करता है। बाजार को सिर्फ सेलिब्रेशन का बहाना चाहिए। फिर देखिए कि कैसे उसकी मार्केटिंग शुरू होती है। इस समय पूरा बाजार दिल के आकार वाली सैकड़ों भेंट वस्तुओं से अटा पड़ा है। नवी मुंबई , ठाणे और मुंबई भर के सैकड़ों शॉपिंग मॉल्स , गिफ्ट आर्टिकल्स की दुकानों और फूल बाजारों में सिर्फ और सिर्फ वैलंटाइंस डे से जुड़ी वस्तुओं का ही नजारा दिख रहा है। इनमें चॉकलेट्स के डिब्बे व बुके , टेडी बियर , हार्टशेप्ड कैंडल्स , हार्टशेप्ड गुब्बारे , पेन , ब्रेसलेट्स , सॉफ्ट ट्वायज , लव मैसेज , बेल्ट्स , परफ्यूम्स , फोटो फ्रेम्स , कई भाषाओं में लिखे ग्रीटिंग कॉर्ड्स जिनमें जनरल कार्डस् , आदि शामिल हैं। ये सभी 20-30 रुपये से 600-700 रुपये तक की रेंज में बिक रहे हैं। प्यार भले ही हर किसी का निजी मामला हो , पर इसका फायदा उठाने में पूरा बाजार लगा हुआ है। आज यह हम कह सकते हैं कि अग्रेसिव मार्केटिंग के चलते ही हर इंसान हर मौके को औसत से अधिक सेलिब्रेट कर रहा है। प्रेम से चूंकि युवा वर्ग का स्वाभाविक रूप से सर्वाधिक संबंध रहता है इसलिए युवा वर्ग द्वारा पहने जाने और उपयोग में लाई जाने वाली हर वस्तुओं की निर्माता कंपनियों में पूरे युवा वर्ग को टार्गेट करके मार्केटिंग की जाती है। होटलों , शॉपिंग मॉल्स , रेस्तरां , कॉफी शॉप्स , रिसोर्ट्स , पिकनिक स्पॉट्स , हिल स्टेशनस् , हॉली - डे होम्स , पब्स आदि शामिल हैं। इसके लिए प्रेमी जोड़ों को भारी डिस्काउंट का लालच दिया जा रहा है। बाजारों में गिफ्ट की चाहे कितनी भी किस्में आ जाएं , वैलंटाइंस डे के लिए रेड - रोज यानी लाल गुलाब का स्थान कोई भी नहीं ले सकता है। पूरे मुंबई महानगर परिसर में वैलंटाइंस डे के लिए लाल गुलाबों की खेप पहले ही पहुंच चुकी है। वैसे भी इस समय गुलाब के फूलों का उत्पादन औसत से काफी कम हुआ है। इसके चलते सभी गुलाबों विशेष कर लाल गुलाब काफी महंगे हो गए हैं। वैसे इस समय करीब 35 रंगों के गुलाबों का उत्पादन किया जाता है। मुंबई क्षेत्र के बाजारों में राज्य के नाशिक , पुणे , सातारा , कोल्हापुर आदि जिलों के अलावा पूरे देश और विदेशों से भी गुलाब बिकने के लिए आता है। प्रेमियों में कुछ नया करने का जुनून हमेशा ही रहता है। अब इसमें अपने शरीर पर टैटू यानी गोदने गुदवाने का नया फैशन शामिल हो गया है। इसके चलते शहर के सभी टैटू पार्लरों में युवा वर्ग की भीड़ काफी देखी जा रही है। इसमें कपल्स की भी काफी संख्या है। युवा वर्ग में युवतियों का टैटू गोदवाने के लिए अधिक जोर है। इसके लिए हार्ट्स , विंग्स , विभिन्न फ्लावर्स , बटर - फ्लाई , एंजल्स , एंकर्स आदि समेत अपने पार्टनरस् के नाम या उनके संक्षिप्त नामों को लिखने का फैशन जोर में है। बता दें कि टैटू दो प्रकार के होते हैं। अब जब सरकार ने समलैंगिकों के लिए कानूनी कवच का बीड़ा उठा लिया है , तो इस समूह के लोगों में भी खुलेआम अपने प्रेम - प्रदर्शन का जोर बढ़ता जा रहा है। कई होटलों में लंच और डिनर के लिए समलैंगिक संबंध रखने वाले कई पुरुष युगलों और महिला युगलों द्वारा अपने लिए टेबल बुक करके रखने की खबर मिली हैं। प्रेमी युगलों द्वारा खुलेआम प्रदर्शन करने को रोकने के लिए खाकी वर्दी वाली पुलिस के अलावा मॉरल पुलिस यानी कुछ राजनैतिक दलों के स्वयंसेवक भी अश्लील प्रदर्शन पर उतारू प्रेमी जोड़ों पर कड़ी नजर रखेंगे। ये लोग अमूमन हर उस जगह तैनात होंगे जहां प्रेमी युगलों के मिलने के अड्डे होते हैं। शिवसेना ने तो इस दिन के लिए विशेष रूप से देह - दान या अंग - दान शिविर का आयोजन करने की तैयारी कर रखी है। इसके लिए विशष रूप से छापे गए फॉर्म में इच्छुक नागरिक अपनी मृत्यु के बाद अपनी आंखों , किडनी , लीवर , त्वचा या पूरे देह - दान का संकल्प ले सकते हैं। एनसीपी ने तो ' इंडिया इज माई वैलंटाइन ' मनाने की घोषणा कर रखी है। कुछ अन्य सामाजिक संगठनों ने इस दिन को ' संस्कृति रक्षा दिवस ' के रूप में तो कुछ ने ' दादा - दादी या नाना - नानी दिवस ' के रूप में मनाने की तैयारी कर रखी है।

चुन्नी अपनी बहन की ही तरह बदनाम होना चाहती है।

मुन्नी को तो आप जानते ही होंगे जो सलमान की खातिर बदनाम हो गई। उसी मुन्नी की एक बहन है चुन्नी जो अपनी बहन की ही तरह बदनाम होना चाहती है। लेकिन किसी एक के लिए नहीं , बल्कि कइयों के लिए। दरअसल चुन्नी को आजकल कई सारे लोगों से प्यार हो गया है। वह कभी किसी के बारे में सोचती है तो कभी किसी के बारे में ... अब फितूर चढ़ा है आज वैलंटाइंस डे पर तो वह अपने दिल की बात उन तक पहुंचा ही देगी। लेकिन वह कन्फ्यूज्ड है ... कि इनमें से चुने किसको। अब वह यही सोच रही है कि अगर वह मेरे वैलंटाइन होते तो मैं उनसे क्या कहती , उन्हें क्या गिफ्ट देती , उनसे क्या गिफ्ट लेती। आइए जानें कि क्या सोचती है हमारी चुन्नी : ए . राजा - ए G ओ G. आप बड़े 2 much हो G. इस वैलंटाइंस डे में आप भी कहां जाकर बैठ गए। अब आपसे कैसे मिलूं और और क्या कहूं। बस इतना ही कहती हूं ' गेट वेल सून G' राहुल गांधी - लोग कहते हैं कि आप देश का चमकता सितारा हो , ऐसा सितारा जो दूसरों को रास्ता दिखाता है। एक्चुअली मैं आपके लिए एक नजर का चश्मा लाई हूं। आप इसे पहनें। इसे पहनकर आपको आपके आसपास ही कुछ गुस्ताख लोग आपके मुल्क के साथ खिलवाड़ करते साफ नजर आएंगे। जब आप सबको रास्ता दिखाते हो तो उन्हें भी रास्ते पर ले आओ ना।

Tuesday, February 8, 2011

चोरी और सीनाजोरी

सीवीसी प्रमुख पद पर नियुक्ति मामले की सुनवाई के दौरान पी. जे. थॉमस की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दलील दी गई कि उनकी नियुक्ति को जूडिशियल रिव्यू के दायरे में नहीं लाया जा सकता। साथ ही दलील दी गई कि उनके खिलाफ करप्शन केस में चार्जशीट पेंडिंग होने से उनकी नियुक्ति को चुनौती नहीं दी जा सकती। थॉमस के वकील के. के. बेनुगोपाल ने कहा कि मतदाता कानून के तहत भी दोषी सांसद और एमएलए अपने पद पर बने रह सकते हैं भले ही आपराधिक मामलों में उनके दोषी साबित किए जाने के खिलाफ अपीलें पेंडिंग हों। हालांकि चीफ जस्टिस एस. एच. कपाडि़या की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, दोष साबित होने का कोई तथ्य है और यदि कोई व्यक्ति नियुक्त किया जाता है तो क्या हम कह सकते हैं कि नियुक्ति की कोई न्यायिक समीक्षा नहीं हो सकती। मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को होगी। वेणुगोपाल ने कहा कि चूंकि कानून सीवीसी के तौर पर किसी व्यक्ति की नियुक्ति की योग्यता और औचित्य को योग्य अथवा अयोग्य करार देता है इसलिए जब इसका सेलेक्शन होता है तब संबंधित अथॉरिटी के संतुष्टि के आधार पर इसका चयन होता है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने जानना चाहा कि क्या नियुक्ति प्राधिकार समिति में शामिल सदस्यों के बीच अजेंडा के साथ पूरी फाइल रखी गई थी तब अटॉर्नी जनरल ने कहा कि थॉमस के मामले की पूरी फाइल प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली हाई लेवल कमिटी के सदस्यों के सामने नहीं रखी गई थी, जिसने नियुक्ति का फैसला किया था। हालांकि वाहनवती ने कहा कि व्यक्तिगत तौर पर उन्हें नहीं पता कि क्या हुआ, समिति ने क्या कहा, उन्होंने क्या किया और सदस्यों के बीच क्या रखा गया। हालांकि इस बात से इनकार कर दिया कि थॉमस की नियुक्ति में किसी तरह की प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ था।
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Thursday, February 3, 2011

खाकी वर्दी को दागदार करने वाले


पुलिस पर जब खुद नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल होने, घूस मांगने और अपराध की शिकायत करने पर भोले-भाले लोगों को पीटने के आरोप हों तो क्राइम पर रोक कैसे लग सकती है। ऐसे ही 3 मामलों में खाकी वर्दी को दागदार करने वाले 2 दरोगा समेत 4 पुलिसकर्मियों को बुधवार को एसएसपी ने सस्पेंड कर दिया जबकि नशीले पदार्थ की तस्करी के आरोप में रंगे हाथों पकड़े गए सिपाही को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मंगलवार को पुलिसवालों के परिवार के लोगों के अपराध शामिल होने का मामला सामने आया था। एसएसपी ने कहा कि अपराध में शामिल होने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शा जाएगा, चाहे वह कोई भी क्यों न हो। तस्करी में शामिल सिपाही गिरफ्तार हापुड़ के निजामपुर तिराहे के पास से पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी करने के आरोप में एक सिपाही और शराब तस्कर को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से पुलिस ने 250 ग्राम हेरोइन बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय मार्केट में इस हेरोइन की कीमत करीब 25 लाख रुपये बताई गई है। गिरफ्तार सिपाही ने स्वीकार किया कि उसके संबंध पिछले काफी वक्त से तस्करों से रहे हैं। एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार सिपाही को सस्पेंड कर दिया गया है जबकि अब शासन को रिपोर्ट भेजकर उसकी बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तार किया गया सिपाही कविनगर थाने की लालकुआं चौकी पर तैनात था और इन दिनों वह पुलिस लाइन में रिजर्व की ड्यूटी कर रहा था। हापुड़ पुलिस को सूचना मिली थी कि निजामपुर तिराहे पर कुछ तस्कर नशीले पदार्थों की डीलिंग करने के लिए आने वाले हैं। इस पर बुधवार को सवेरे ही तिराहे के आसपास पुलिस मुस्तैद थी। सवेेरे जैसे ही 2 व्यक्ति आए और उन्हें तीसरे व्यक्ति ने 2 पैकिट दिए, वैसे ही पुलिस ने उन्हें घेर लिया। हालांकि पैकिट देने वाला तो फरार हो गया पर उसे लेने वाले दोनों व्यक्तियों को दबोच लिया गया। उनके पास से करीब 250 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। दबोचे गए व्यक्तियों में एक सिपाही निकला जो खाकी वर्दी में था, जब पुलिस ने उससे पूछताछ की तो खाकी वर्दी वाले ने खुद को कविनगर थाने की लालकुआं चौकी पर तैनात कॉन्स्टेबल महेंद्र सिंह बताया। मूलरूप से कांठ का रहने वाला महेंद्र 8 जनवरी से पुलिस लाइन में आकर इन दिनों रिजर्व की ड्यूटी कर रहा था। पुलिस के अनुसार, पहले तो कॉन्स्टेबल ने बताया कि वह खुद ही नशीले पदार्थों की तस्करों को पकड़ने के लिए आया था पर बाद में उसने स्वीकार किया कि उसकी तस्करों से नजदीकियां रही हैं। उसके साथ गिरफ्तार युवक संजय कुमार दिल्ली के पांडव नगर मयूर विहार फेज-1 का रहने वाला है। उसने बताया कि नशीले पदार्थांे की तस्करी करने वाले संजय को वह पिछले एक साल से जानता था। वह इस हेरोइन का सौदा करने आया था। घुस मांगने वाला दरोगा सस्पेंड लोनी की पुष्प विहार कॉलोनी डीएलएफ में दहेज उत्पीड़न की दर्ज एफआईआर को समाप्त कर एफआर ( फाइनल रिपोर्ट ) लगाने के नाम पर 50 हजार रुपया घूस मांगने के आरोपी दरोगा को एसएसपी ने सस्पेंड कर दिया है। एसएसपी ने बताया कि 2008 में सतीश चंद्र नाम के व्यक्ति के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की एफआईआर दर्ज कराई गई थी। जांच में वह रिपोर्ट झूठी मिली और कोर्ट ने भी इसे समाप्त करने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद मामले की जांच कर रहे दरोगा हरदयाल ने एफआर लगाने के नाम पर 50 हजार रूप की मां कर रहे थे। इससे पहले वह 500 रुपया भी उनसे ले चुका था। उन्होंने बताया कि बुधवार को सतीश ने दरोगा की शिकायत एसएसपी से की। एसएसपी रघुवीर लाल ने शिकायत की जांच करने के लिए खुद को सतीश का भाई बताकर मोबाइल फोन पर दरोगा से बात की। बातचीत में दरोगा ने 50 हजार रुपये मांग लिए। इस पर हरदयाल को सस्पेंड कर दिया गया। इस मामले में एसएसपी ने थानेदार ( लोनी ) से अपना काम ठीक से करने और अपने जूनियरों पर निगाह रखने की बात कही। साथ ही हिदायत दी है कि वे क्षेत्र में लंबित मामलों की समीक्षा कर कार्रवाई करें। मारपीट करने वाले दरोगा और सिपाही सस्पेंड कविनगर सी ब्लॉक में कार चोरी की रिपोर्ट पुलिस को देना एक कारोबारी को महंगा पड़ गया। चोरी की जांच करने गए दरोगा और सिपाही ने पहले तो कारोबारी पर ही कार चोरी करवाने का आरोप लगाया। उन्होंने जब विरोध किया तो दरोगा और सिपाही ने कारोबारी से दुर्व्यवहार किया। इस दौरान ड्राइवर राकेश के बीच में बोलने पर पुलिसकर्मियों ने उसे जमकर पीटा और कारोबारी की पत्नी के साथ भी मारपीट की। बाद में मौके पर पहंुचे एसपी सिटी ए . के . विजेता की रिपोर्ट पर एसएसपी ने आरोपी दरोगा और सिपाही को सस्पेंड कर दिया है। कविनगर सी ब्लॉक में दाल का कारोबार करने वाले दीपक गर्ग रहते हैं। मंगलवार रात में उन्होंने अपनी वैगनआर कार घर के गेट पर खड़ी की थी। बुधवार सवेरे कार गायब थी। इस पर उन्होेंने पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर कार चोरी की रिपोर्ट दी। थोड़ी देर बाद ही कविनगर चौकी इंचार्ज चमनलाल और सिपाही सुरेंद्र मौके पर पहंुचे , जब उन्हें पता लगा कि कार गेट के बाहर खड़ी थी तो सिपाही सुरेंद्र ने कह दिया कार कहीं खुद तो नहीं चोरी कराई गई। इस पर कारोबारी ने नाराजगी जताई। इसके बाद भी चौकी इंचार्ज ने दोबारा ऐसा कहा तो वहां मौजूद उनके ड्राइवर राकेश ने विरोध कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि दोनों पुलिसकर्मियों ने राकेश के साथ मारपीट की। इस दौरान कारोबारी की पत्नी मनीषा ने जब ड्राइवर को बचाने का प्रयास किया तो पुलिसकर्मियों ने उनके साथ भी हाथापाई की। आरोप है कि इस बीच कारोबारी के रिश्तेदार मनोल गोयल आ गए लेकिन उनके साथ भी पुलिसकर्मियों ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इसके बाद वहां के क्षेत्रवासी इकट्ठा हो गए। उधर , पुलिसकर्मियों के दुर्व्यवहार की शिकायत कारोबारी ने मेयर दमयंती गोयल और एसपी सिटी ए . के . विजेता से की। सूचना पर दोनों मौके पर पहंुचे। उन्होंेने नाराज कारोबारी और क्षेत्रवासियों को शांत कराया। एसपी सिटी ने पूरे मामले की जानकारी एसएसपी को दी। इसके बाद एसएसपी ने दोनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। एसएसपी का कहना था कि पुलिसकर्मियों को किसी से दुर्व्यवहार करने की छूट नहीं है। पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट एसपी सिटी से मांगी ग ई है।

Tuesday, February 1, 2011

स्वामी उसकी पत्नी समेत गिरफ्तार

मथुरा के घाटों और मंदिरों का बैकग्राउंड लेकर अश्लील फिल्म बनानेवाला वृंदावन का विवादास्पद स्वामी भगवताचार्य उर्फ राजेंद्र आखिरकार पुलिस के गिरफ्त में आ ही गया। पुलिस ने उसको पत्नी के साथ गिरफ्तार कर लिया है। वह पिछले 10-12 दिनों से फरार था। पुलिस टीम ने गाजियाबाद में स्वामी के रिश्तेदार के घर से अश्लील सीडी और कैमरे बरामद किए हैं। मथुरा जिले में महीने भर पहले स्वामी राजेंद्र के अश्लील फिल्मों के निर्माण में शामिल होने पर काफी हंगामा मचा था। कई संगठनों ने राजेंद्र के पुतले जलाए थे और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। राजेंद्र पर घाटों , मंदिरों और यमुना नदी का बैकग्राउंड लेकर अश्लील फिल्में बनाने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि स्वामी राजेंद्र प्रवचन करता था और अपने विदेशी शिष्यों के लिए अश्लील फिल्में बनाता था। स्वामी पर आईपीसी की धारा 377 और आईटी एक्ट की धारा 67 बी के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले के जांच अधिकारी ने बताया कि कुछ फिल्मों में राजेंद्र अप्राकृतिक सेक्स में शामिल है और कुछ फिल्मों में छोटे बच्चों के साथ गलत हरकतें की गई हैं। चूंकि ये दोनों संज्ञेय अपराध है , इसलिए दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं आरोपी स्वामी का कहना है कि वह अपने निजी इस्तेमाल के लिए इस तरह की फिल्में और क्लिप्स बनाता था , जिसे कुछ लोगों ने चुरा लिया और बाद में उसका बेजा इस्तेमाल किया। आरोपी का कहना है कि उस पर लगाए गए सारे आरोप निराधार है और सीडी से छेड़छाड़ की गई है। इससे पहले स्वामी की पत्नी ने एक आईटी फर्म को अपना लैपटॉप मरम्मत के लिए दिया था। उसकी पत्नी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने अपना खराब लैपटॉप मथुरा की बी साइबर वर्ल्ड नामक फर्म को मरम्मत के लिए दिया था , जिसमें उनके अपने पति के साथ कुछ फोटो थे , जिन्हें इन लोगों ने निकाल लिया। शिकायत के अनुसार फर्म ने फोटो न लीक करने के लिए ब्लैकमेलिंग के तौर पर 10 लाख रुपये मांगे और रकम न देने पर उन्हें सार्वजनिक कर दिया। मथुरा के एसपी ( सिटी ) राम किशोर वर्मा ने कहा कि राजेंद्र और उनके परिजन गिरफ्तारी से बचने के लिए कानपुर , मथुरा और गाजियाबाद का रुख कर रहे थे। जांच अधिकारी विवेक त्रिपाठी ने स्वामी को उसकी पत्नी समेत गिरफ्तार कर लिया।

सनसनीखेज खुलासा

पिछले साल मार्च में एक ऐक्ट्रेस के साथ सेक्स टेप के चलते चर्चा में आए स्वामी नित्यानंद ने साल भर बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है। चुप्पी तोड़ते ही उन्होंने एक ' सनसनीखेज खुलासा ' कर दिया है। नित्यानंद ने कहा है कि उन्हें 100 करोड़ रुपए के लिए दो उच्च पदासीन लोगों द्वारा ब्लैकमेल किया गया था। इसके बाद ही उनके और ऐक्ट्रेस रंजीता के फर्जी सेक्स टेप टीवी पर दिखाए गए। बलात्कार के आरोप में 53 दिन जेल में रह चुके नित्यानंद का कहना है कि टीवी पर दिखाए गए टेप के साथ अमेरिकी लैब में छेड़छाड़ की गई थी। उन्होंने ब्लैकमेल करने वाले उन 2 लोगों के नामों का खुलासा करने से साफ इनकार कर दिया है। नित्यानंद का कहना है कि उन्हें अब भी धमकियां मिल रही हैं। नित्यानंद ने कहा , ' मैं चुप रहा क्योंकि सीआईडी मेरे खिलाफ आरोपों की जांच कर रही थी। मैंने उन्हें 2 लोगों के नाम बताए थे , लेकिन सीआईडी ने इस पर कोई कदम उठाने से मना कर दिया था। ' सीआईडी के केस को फिजूल करार देते हुए नित्यानंद ने कहा कि, यह ऐसा ही है , जैसे पीएम या प्रेजिडेंट पर 200 रुपए चोरी का आरोप लगाया जाए। तस्वीरों में : स्वामी नित्यानंद का सेक्स टेप नित्यानंद ने कहा , ' मैं एक करोड़ से ज्यादा अनुयायियों को निर्देश देता हूं और मुझ पर रेप का आरोप लगाया गया है ? सीआईडी कहती है मैंने एक महिला अनुयायी का चार सालों तक रेप किया। अगर ऐसा है तो वह महिला चार सालों तक मेरे कमरे में क्यों आती रही होगी ?' नित्यानंद ने पुलिस को निशाना बनाते हुए कहा कि कर्नाटक और तमिलनाडु में आश्रम की प्रॉपर्टी पर तोड़ - फोड़ करने वालों के खिलाफ पुलिस ने कोई ऐक्शन नहीं लिया। उन्होंने कहा , ' इस तोड़ - फोड़ में कोई भी कन्नड़ बोलने वाला व्यक्ति शामिल नहीं होगा , मुझे पूरा विश्वास है। जिन्होंने असल में यह हमले किए उन्हें सपोर्ट किया गया , जबकि आश्रम के लोगों के खिलाफ केस बनाए गए। ' स्वामी नित्यानंद का कहना है कि अमेरिका में कुछ ' ईर्ष्यालु ' धार्मिक संस्थाओं से जुड़े वकीलों ने इस फर्जी सेक्स टेप कांड को अंजाम देने में महती भूमिका निभाई। ऐसा इसलिए क्योंकि ये धार्मिक संस्थाएं ' लिंगम ' की पूजा को अश्लील मानती हैं। इसी के चलते तथ्यों के साथ छेड़छाड़ हुई। नित्यानंद का कहना है कि इसका पता उन्हें मीडिया में छपी रिपोर्ट्स के बाद ही पता चला। सेक्स टेप के बारे में वह कहते हैं कि यह फर्जी है और इसमें वह शामिल नहीं हैं।