Wednesday, February 3, 2010
राहुल गांधी के बयान पर शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने उन्हें कड़े शब्दों में लताड़ लगाई
ंने कहा है कि समय पर शादी ना होने की वजह से आदमी बौखला जाता है और वैसा ही कुछ कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी के साथ हुआ है। उसी भ्रमित हालत में उन्होंने मराठी मानुष और महाराष्ट्र के बारे में ऐसी टिप्पणी की, जिससे महाराष्ट्र का अपमान हुआ है। शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय मे बालासाहेब ठाकरे ने कहा है कि राहुल गांधी के सींग निकल आए हैं। मुंबई महाराष्ट्र और मराठी मानुष की है। यही सच है और इस सच पर जो आरोप लगाएगा उसे हमारे शस्त्र का सामना करना होगा।
गौरतलब है कि राहुल गांधी ने कहा था कि 26/11 हमले में बिहारी, उत्तर प्रदेशी और अन्य राज्यों से आए एनएसजी कमांडो ने मुंबई और मराठी मानुष को बचाया, तब किसी भी पार्टी ने उन्हें वापस भेजने को नहीं कहा। उद्धव ठाकरे ने इस पर मंगलवार को कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि राहुल के बयान से मुंबई हमले मे शहीद हुए करकरे, कामटे, सालसकर, ओंबले इनके बलिदान का अपमान हुआ है। बाल ठाकरे ने कहा है, 'मुंबई हिंदुस्तान की नहीं है, ऐसा हमने कभी नहीं कहा। मगर इसपर पहला अधिकार भूमिपुत्रों का यानी मराठियों का ही है।' उन्होंने कहा- हमने तो हमेशा हिंदुत्व की बात कही है लेकिन कांग्रेस को, खासकर नेहरू-गांधी परिवार को हिंदू शब्द से ही कुछ समस्या है। इसलिए वो हमेशा धर्मांध मुस्लिमों का तुष्टीकरण करते आए हैं। जिन्होंने देश का विभाजन किया वो हमें राष्ट्रीय एकता की सीख ना दें। उन्होंने कहा- मुंबई सबकी हो सकती है, मगर वो इटैलियन ममी की कैसे होगी? मुंबई पूरे देश की है, लेकिन वो धर्मशाला नहीं है। जवाहरलाल नेहरू ने मुंबई-महाराष्ट्र के खिलाफ बातें कही थीं, तब उन्हें माफी मांगनी पड़ी थी। इस बात का ध्यान राहुल रखें।
विवादित मुद्दों के समाधान के लिए वे पहल करें।
ै कि विवादित मुद्दों के समाधान के लिए वे पहल करें। वर्ल्ड ऑर्गनाइजेशन ऑफ स्टूडेंट एंड यूथ (वूजी)के तीसरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में श्री श्री रविशंकर ने कहा कि दुनिया में सभी स्तरों पर संघर्ष बढ़ रहे हैं। इसकी वजह से मानवता दांव पर है। आध्यात्मिक गुरु ने कहा कि हमें इन संघर्षों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना होगा। दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में 50 से अधिक देशों के प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इससे पहले उद्घाटन सत्र में पूर्व विदेश सचिव शशांक ने कहा कि अगर हम आतंकवाद को हराना चाहते हैं तो हमें संघर्षरत समुदायों और देशों के बीच बातचीत की प्रक्रिया मजबूत करनी होगी। उन्होंने कहा कि वूजी जैसे संगठनों को इन मुद्दों पर युवाओं को संवेदनशील बनाने की जिम्मेदारी उठानी होगी, क्योंकि आज की युवा पीढ़ी कल जब नेतृत्व संभालेगी तो इनका समाधान बेहतर तरीके से निकाल पाएगी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील आंबेकर ने कहा कि उच्च शिक्षा के लिए भारत आने वाले विदेशी छात्रों की भारतीय संस्कृति और परंपार की सटीक जानकारी देने के लिए वूजी पिछले 25 सालों से काम कर रहा है। वूजी के चेयरमैन सुशील पंडित ने कहा कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है। हमें सभी विवादित मुद्दों का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से खोजना होगा।
Sunday, January 31, 2010
मंहगाई पर पार काबू पाया जा सकेगा। शरद पवार
उत्तर भारतीयों के खिलाफ हिंसा के मुद्दे पर आरएसएस हिंसा को वह कतई स्वीकार नहीं करेगा।
संघ ने अब अपने स्वयंसेवकों को हिंदी भाषियों और उत्तर भारतीयों की रक्षा के लिए आगे आने का निर्देश दिया है। मध्य प्रदेश के जबलपुर में संघ के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए संघ के प्रवक्ता राम माधव ने कहा कि सरसंघचालक(मोहन भागवत) ने स्वयंसेवकों को निर्देश दिए हैं कि वे ऐसी घटनाओं को रोकें और सभी की रक्षा करें। उन्होंने कहा कि भाषा के नाम पर किसी दूसरे व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार करना पूरी तरह अनुचित है और संघ इसके खिलाफ है। महाराष्ट्र में हमलों के बारे में पूछे जाने पर माधव ने कहा,'कुछ लोग हिंदी भाषी विरोधी और उत्तर भारतीय विरोधी भावनाएं भड़काने का प्रयास कर रहे हैं। उस पर संघ ने अपने स्वयंसेवकों से कहा है कि वे इस तरह की घटना न घटने दें और सबकी रक्षा का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि हर भाषा को विशेष दर्जा हासिल है इसका आशय यह नहीं है कि वे दूसरे से भाषा के नाम पर किसी से दुर्व्यवहार करें।
Thursday, January 28, 2010
'12वीं क्लास में ग्रेडिंग प्रणाली को पेश करने का विचार
Tuesday, January 26, 2010
पद्म अवॉर्ड्स की घोषणा
राजपथ पर 61वें गणतंत्र दिवस पर स्पष्ट तौर पर दिखायी दी देश की सैन्य शक्ति
प्राचीन-समृद्ध संस्कृति और सभ्यता से खुद को जोड़े रखने वाले विश्व शक्ति के रूप में उभरते भारत की तस्वीर राजपथ पर 61वें गणतंत्र दिवस पर स्पष्ट तौर पर दिखायी दी। गणतंत्र दिवस पर रायसीना हिल्स की ओर से सधे कदमों से आगे बढ़ती परेड में देश की में एकताकी का प्रदर्शन किया गया साथ ही देश की सैन्य शक्ति और सेना की तैयारियां भी सामने आई। भारी कोहरे के बावजूद राजपथ पर सुसज्जित और सधे कदमों से सेना की टुकड़ी आगे की ओर बढ़ रही थी और मंच पर आसीन सैन्य बलों की सुप्रीम कमांडर राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने सलामी ली। सेना परेड को गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली म्यूंग बाक, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत देश की प्रमुख राजनीतिक और सैन्य शख्सियतों ने भी शिरकत की। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और उनके दक्षिण कोरियाई समकक्ष म्यूंग बाक घोड़े पर सवार 46 सुसज्जित एवं पूर्ण प्रशिक्षित घुड़सवार गार्डो के संरक्षण में राजपथ पर पधारे। परेड शुरू होने से कुछ मिनट पहले, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी और तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने इंडिया गेट पर ब्रिटिश काल के प्रथम विश्व युद्ध स्मारक जवान ज्योतिपर पुष्पचक्र अर्पित कर देश के लिए प्राणों का त्याग करने वाले वीर सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। गणतंत्र दिवस पर आज पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के चाक चौबंद प्रबंध किए गए। समारोह में व्यवधान पैदा करने के किसी भी संभावित प्रयास को विफल बनाने के लिए स्निपर और मोबाइल दस्तों को तैनात किया गया। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के राष्ट्रध्वज तिरंगा फहराने के बाद पारंपरिक तौर पर 21 तोपों की सलामी दी गई। इसके बाद दिल्ली क्षेत्र के सेना के जनरल आफिसर कमांडिंग मेजर जनरल के जे एस ओबेराय के नेतृत्व में परेड शुरू हुई। हालांकि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में घने कोहरे के कारण एमआई-17 हेलिकॉप्टर का प्रदर्शन नहीं हो सका। एमआई-17 हेलिकॉप्टर से दर्शकों पर पुष्पवर्षा की जानी थी लेकिन खराब मौसम की वजह से इसे रोक देना पड़ा। सलामी मंच के सामने से गुजरने वालों में सबसे आगे परमवीर चक्र और अशोक चक्र विजेता रहे और उसके बाद 61वीं कैवेलरी के दस्ते ने पारंपरिक अनोखे अंदाज में राष्ट्रपति को सलामी पेश की। राजपथ पर सेना ने देश की सैन्य शक्ति और तैयारियों का जबर्दस्त प्रदर्शन किया जिसमें मुख्य युद्धक टैंक बहुप्रक्षेपी रॉकेट प्रणाली, बख्तरबंद इंजीनियर टोही वाहन, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली, सेना का पुल का भी प्रदर्शन किया गया। सेना ने अत्याधुनिक आईसीवी संचार वाहन के अलावा इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली, बख्तरबंद वाहन सारथ और एम्बुलेंस का भी प्रदर्शन किया। राजनथ पर सधे कदमों से आगे बढ़ते और जोरदार सलामी देते सैन्य टुकडि़यों में मद्रास रेजिमेंट, जाट रेजिमेंट, सिख रेजिमेंट, डोगरा रेजिमेंट, गढ़वाल रेजिमेंट, बिहार रेजिमेंट, गोरखा रेजिमेंट और प्रादेशिक सेना शामिल थी। ऐतिहासिक राजपथ पर विभिन्न रेजिमेंटों के संगीत बैंड दस्तों ने सैम बहादुरहंसते लुसाईऔर जनरल टैप्पी की धुनों से समा बांध दिया। पूर्ण सुसज्जित 148 नौसैनिकों का दस्ता शिवालिकके प्रारूप के साथ भारतीकी धुन पर कदमताल करता हुआ आगे बढ़ रहा था। आईएनएस शिवालिक को जल्द ही नौसेना में शामिल किया जायेगा।
