Wednesday, February 3, 2010

राहुल गांधी के बयान पर शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने उन्हें कड़े शब्दों में लताड़ लगाई

राहुल गांधी के बयान पर शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने उन्हें कड़े शब्दों में लताड़ लगाई है। उन्हो


ंने कहा है कि समय पर शादी ना होने की वजह से आदमी बौखला जाता है और वैसा ही कुछ कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी के साथ हुआ है। उसी भ्रमित हालत में उन्होंने मराठी मानुष और महाराष्ट्र के बारे में ऐसी टिप्पणी की, जिससे महाराष्ट्र का अपमान हुआ है। शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय मे बालासाहेब ठाकरे ने कहा है कि राहुल गांधी के सींग निकल आए हैं। मुंबई महाराष्ट्र और मराठी मानुष की है। यही सच है और इस सच पर जो आरोप लगाएगा उसे हमारे शस्त्र का सामना करना होगा।
गौरतलब है कि राहुल गांधी ने कहा था कि 26/11 हमले में बिहारी, उत्तर प्रदेशी और अन्य राज्यों से आए एनएसजी कमांडो ने मुंबई और मराठी मानुष को बचाया, तब किसी भी पार्टी ने उन्हें वापस भेजने को नहीं कहा। उद्धव ठाकरे ने इस पर मंगलवार को कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि राहुल के बयान से मुंबई हमले मे शहीद हुए करकरे, कामटे, सालसकर, ओंबले इनके बलिदान का अपमान हुआ है। बाल ठाकरे ने कहा है, 'मुंबई हिंदुस्तान की नहीं है, ऐसा हमने कभी नहीं कहा। मगर इसपर पहला अधिकार भूमिपुत्रों का यानी मराठियों का ही है।' उन्होंने कहा- हमने तो हमेशा हिंदुत्व की बात कही है लेकिन कांग्रेस को, खासकर नेहरू-गांधी परिवार को हिंदू शब्द से ही कुछ समस्या है। इसलिए वो हमेशा धर्मांध मुस्लिमों का तुष्टीकरण करते आए हैं। जिन्होंने देश का विभाजन किया वो हमें राष्ट्रीय एकता की सीख ना दें। उन्होंने कहा- मुंबई सबकी हो सकती है, मगर वो इटैलियन ममी की कैसे होगी? मुंबई पूरे देश की है, लेकिन वो धर्मशाला नहीं है। जवाहरलाल नेहरू ने मुंबई-महाराष्ट्र के खिलाफ बातें कही थीं, तब उन्हें माफी मांगनी पड़ी थी। इस बात का ध्यान राहुल रखें।

विवादित मुद्दों के समाधान के लिए वे पहल करें।

आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक और अध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने युवाओं से आह्वान किया ह

ै कि विवादित मुद्दों के समाधान के लिए वे पहल करें। वर्ल्ड ऑर्गनाइजेशन ऑफ स्टूडेंट एंड यूथ (वूजी)के तीसरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में श्री श्री रविशंकर ने कहा कि दुनिया में सभी स्तरों पर संघर्ष बढ़ रहे हैं। इसकी वजह से मानवता दांव पर है। आध्यात्मिक गुरु ने कहा कि हमें इन संघर्षों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना होगा। दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में 50 से अधिक देशों के प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इससे पहले उद्घाटन सत्र में पूर्व विदेश सचिव शशांक ने कहा कि अगर हम आतंकवाद को हराना चाहते हैं तो हमें संघर्षरत समुदायों और देशों के बीच बातचीत की प्रक्रिया मजबूत करनी होगी। उन्होंने कहा कि वूजी जैसे संगठनों को इन मुद्दों पर युवाओं को संवेदनशील बनाने की जिम्मेदारी उठानी होगी, क्योंकि आज की युवा पीढ़ी कल जब नेतृत्व संभालेगी तो इनका समाधान बेहतर तरीके से निकाल पाएगी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील आंबेकर ने कहा कि उच्च शिक्षा के लिए भारत आने वाले विदेशी छात्रों की भारतीय संस्कृति और परंपार की सटीक जानकारी देने के लिए वूजी पिछले 25 सालों से काम कर रहा है। वूजी के चेयरमैन सुशील पंडित ने कहा कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है। हमें सभी विवादित मुद्दों का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से खोजना होगा।

Sunday, January 31, 2010

मंहगाई पर पार काबू पाया जा सकेगा। शरद पवार

महंगाई के मुद्दे पर चारों ओर से घिरे कृषि मंत्री शरद पवार का कहना है कि रबी फसल की अच्छी संभावना तथा दाल और चीनी के आयात के कारण इनकी उपलब्धता बढ़ रही है और इसके चलते आने वाले दिनों में मंहगाई पर पार काबू पाया जा सकेगा। जरूरत के सामानों की आसमान छूती कीमतों पर विपक्ष से लगातार हमले का सामना कर रहे पवार ने एक इंटरव्यू में कहा, 'दाल के दाम धीरे धीरे कम हो रहे हैं और चीनी भी सस्ती हो रही है।' उन्होंने कहा कि इस बार गेहूं की अच्छी फसल रहने की संभावना जताई गई है और चावल के उत्पादन और उसके बफर स्टॉक के भी बेहतर होने की संभावना है। कृषि मंत्री ने बताया कि 20 जनवरी तक 193 लाख टन धान की खरीद की गई जो पिछले साल खरीदे गए 198 लाख टन से कुछ ही कम है। दाल के दामों के बारे में पवार ने कहा, 'दाल के दामों की रुख नीचे की ओर है। कीमतें बहुत ज्यादा तो नहीं लेकिन प्रति किलोग्राम 2 से 3 रूपये कम हो रही हैं। हमें उम्मीद है कि यह सिलसिला कायम रहेगा। उन्होंने कहा कि रबी की फसल में दाल की फसल का क्षेत्र बढ़ा है और दिन प्रतिदिन स्थिति सुधरेगी।' चीनी के बारे में मंत्री ने कहा कि वायदा बाजार में चीनी के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोर देखे गए हैं और इससे कम दामों में चीनी मिलने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों में दाम 4000 रूपये प्रति क्विंटल से 3600 रूपये प्रति क्विंटल तक गिरे हैं। उन्होंने कहा, 'उम्मीद करता हूं कि यह खुदरा बाजार में भी दिखेगा। पवार ने कहा कि एमएमटीसी और एसटीसी दाल का आयात कर रही हैं और सरकार को प्रतिकिलो 50 रूपये का नुकसान हो रहा है जो अब तक 400 करोड़ का हो चुका है. निजी क्षेत्र भी बड़े पैमाने पर आयात कर रहे हैं।'

उत्तर भारतीयों के खिलाफ हिंसा के मुद्दे पर आरएसएस हिंसा को वह कतई स्वीकार नहीं करेगा।

महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों के खिलाफ हिंसा के मुद्दे पर शिवसेना और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ( आरएसएस)आमने-सामने आ गए हैं। आरएसएस ने साफ कर दिया है कि महाराष्ट्र में शिवसेना व एमएनएस की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी और संघ के स्वयंसेवक उत्तर भारतीयों के खिलाफ हिंसा का विरोध करेंगे। उत्तर भारतीयों पर हमले के बावजूद हिंदू एकता की बात करने वाले संघ की चुप्पी को लेकर स्वयंसेवकों में काफी समय से बेचैनी महसूस की जा रही थी। संघ की जड़ें भले ही महाराष्ट्र में हो लेकिन उसकी शाखाओं को बल हिंदी पट्टियों से ही मिलता है। स्वयंसेवकों की बेचैनी को समझते हुए संघ नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि मुंबई और महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों के खिलाफ हिंसा को वह कतई स्वीकार नहीं करेगा।
संघ ने अब अपने स्वयंसेवकों को हिंदी भाषियों और उत्तर भारतीयों की रक्षा के लिए आगे आने का निर्देश दिया है। मध्य प्रदेश के जबलपुर में संघ के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए संघ के प्रवक्ता राम माधव ने कहा कि सरसंघचालक(मोहन भागवत) ने स्वयंसेवकों को निर्देश दिए हैं कि वे ऐसी घटनाओं को रोकें और सभी की रक्षा करें। उन्होंने कहा कि भाषा के नाम पर किसी दूसरे व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार करना पूरी तरह अनुचित है और संघ इसके खिलाफ है। महाराष्ट्र में हमलों के बारे में पूछे जाने पर माधव ने कहा,'कुछ लोग हिंदी भाषी विरोधी और उत्तर भारतीय विरोधी भावनाएं भड़काने का प्रयास कर रहे हैं। उस पर संघ ने अपने स्वयंसेवकों से कहा है कि वे इस तरह की घटना न घटने दें और सबकी रक्षा का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि हर भाषा को विशेष दर्जा हासिल है इसका आशय यह नहीं है कि वे दूसरे से भाषा के नाम पर किसी से दुर्व्यवहार करें।

Thursday, January 28, 2010

'12वीं क्लास में ग्रेडिंग प्रणाली को पेश करने का विचार

छात्रों पर से एग्जाम और मार्क्स के दबाव को कम करने के लिए 10वीं में ग्रेडिंग सिस्टम लागू करने के बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय अब 12वीं क्लास में भी इसे लागू करने की संभावना तलाश रहा है। राज्यों के सेक्रेटरी के सम्मेलन से के दौरान मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा, '12वीं क्लास में ग्रेडिंग प्रणाली को पेश करने का विचार आया है और इस संबंध में विचार-विमर्श चल रहा है। इसपर पहले विभिन्न स्तरों पर चर्चा की जाएगी और केब समिति की मंजूरी के बाद ही इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है। बहरहाल, मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार ग्रैजुएशन के लेवल पर छात्रों पर दाखिले को लेकर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए एप्टीट्यूड टेस्ट की तर्ज पर नैशनल एंट्रेंस एग्जाम आयोजित करने पर भी विचार चल रहा। सूत्रों ने बताया कि इन विषयों पर खाका तैयार करने के लिए कार्यबल का गठन किया जा रहा है। कुछ यूनिवर्सिटियों में अंक के स्थान पर ग्रेड को तरजीह देने के मद्देनजर 12वीं में ग्रेडिंग सिस्टम की संभावना तलाशी जा रही है। सिब्बल ने कहा कि ग्रैजुएशन में फीजिक्स, केमेस्ट्री और मैथ्स के सिलेबस को व्यापक बनाए जाने की जरूरत है। इसमें आर्ट्स विषयों को भी शामिल किए जाने पर विचार किया जाना चाहिए। सूत्रों ने बताया कि अगर इसपर सहमति बनती है तो साइंस का स्टूडेंट कॉमर्स या आर्ट्स का छात्र कॉमर्स या साइंस का चयन कर सकेगा। सिब्बल ने कहा, 'हमें शिक्षा विशेष तौर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। शिक्षा को रटंत ज्ञान पर आधारित होने की बजाए बच्चों की रचनात्मकता पर आधारित बनाए जाने की जरूरत है।' उन्होंने कहा, 'बच्चों के स्कूल छोड़ने की दर को कम करना, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना और बेहतर शिक्षकों को व्यवस्था में शामिल करने का दायित्व मुख्य रूप से राज्यों पर है। सभी राज्यों की अलग-अलग तरह की चुनौतियां हैं लेकिन इन चुनौतियों को केंद्र में रखकर राज्य निर्देशित शिक्षा योजना तैयार की जानी चाहिए और इसमें सभी राज्य एक दूसरे का सहयोग कर सकते हैं।' मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि 10 प्रतिशत और उससे अधिक आर्थिक विकास के लक्ष्य को तभी हासिल किया जा सकता है जब शिक्षा के क्षेत्र को विशेष तवज्जो दी जाए और सकल नामांकन दर को बढ़ा कर 30 प्रतिशत किया जाए।

Tuesday, January 26, 2010

पद्म अवॉर्ड्स की घोषणा

रिपब्लिक डे पर दिए जाने वाले पद्म अवॉर्ड्स की घोषणा कर दी गई है। बॉलिवुड ऐक्टर आमिर खान को पद्मभूषण व वीरेंद्र सहवाग, विजेंदर, साइना नेहवाल, सैफ अली खान और रेखा को पद्मश्री अवॉर्ड से नवाजा जाएगा। नोबेल पुरस्कार से सम्मानित वेंकटरमण रामाकृष्णन, अपोलो अस्पताल के प्रमुख प्रताप चंद्र रेड्डी और आरबीआई के पूर्व गर्वनर वाई वेणुगोपाल रेड्डी को देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण के लिए चुना गया है। आमिर खान के अलावा म्यूजिक डायरेक्टर ए.आर. रहमान, इलैया राजा और हार्ट स्पेशलिस्ट रमाकांत पंडा को पद्मभूषण अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। पद्मश्री पाने वालों में अनु आगा, हॉकी खिलाड़ी इग्नेश टिर्की, फॉर्म्युला वन ड्राइवर नारायण कार्तिकेयन और सचिन तेंडुलकर के गुरु रमाकांत आचरेकर भी शामिल हैं। कुल 13 श्रेणियों में दिए जाने वाले इन सम्मानों में 6 पदम विभूषण, 43 पदम भूषण एवं 81 पद्मश्री सम्मान शामिल हैं। कुल सम्मानित 130 लोगों में में 17 महिलाएं शामिल हैं। इनकी सूची नीचे दी जा रही हैः पद्म विभूषण 1. इब्राहिम अल्काजीकला 2. यू. के. शिवरमनकला 3. जोहरा सहगलकला 4. डॉ. वाई वेनुगोपाल रेड्डीसार्वजनिक क्षेत्र 5. डॉ. वेंकटरामन रामकृष्णनसाइंस ऐंड इंजीनियरिंग 6. डॉ. प्रताप चंद रेड्डीटेड ऐंड इंडस्ट्री पद्म भूषण 1. इलैयाराजा - कला 2. आमिर खान - कला 3. अकबर पद्मसी - कला 4. अल्ला रक्खा रहमान - कला 5. पंडित छन्नूलाल मिश्रा - कला 6. कुमुदिनी लखिया - कला 7. के. एन. मरार - कला 8. प्रो. मधुसूदन अमिलाल ढाकी - कला 9. मल्लिका साराभाई - कला 10. प्रो. नूकाला चिन्ना सत्यनारायण - कला 11. पंडित पुट्टाराज गवई - कला 12. राम कुमार - कला 13. श्रीनिवास विनायक खाले - कला 14. उस्ताद सुल्तान खान - कला 15. बी. के. चतुवेर्दी - सिविल सर्विस 16. मूसा रजा - सिविल सविर्स 17. डॉ. पी. आर. दुभाषी - सिविल सविर्स 18. फरीद जकारिया - पत्रकारिता 19. अनिल बोर्डिया - शिक्षा और साहित्य 20. प्रो. बिपिन चंद्रा - शिक्षा और साहित्य 21. जी. पी. चोपड़ा - शिक्षा और साहित्य 22. प्रो. मोहम्मद अमीन - शिक्षा और साहित्य 23. प्रो. सत्यव्रत शास्त्री - शिक्षा और साहित्य 24. प्रो. तान छुंग - शिक्षा और साहित्य 25. प्रो. वेल्ली मोनप्पा हेगड़े - मेडिसिन 26. ई. टी. नारायणन मूस - मेडिसिन 27. डॉ. नोशिर एम. श्राफ - मेडिसिन 28. डॉ. पी. के. वारियर - मेडिसिन 29. डॉ. रमाकांत मदनमोहन पाण्डा - मेडिसिन 30. प्रो. (डॉ.) सत्यपाल अग्रवाल - मेडिसिन 31. प्रो. अभिजीत सेन - पब्लिक अफेयर्स 32. शैलेश कुमार बंधोपाध्याय - पब्लिक अफेयर्स 33. संत सिंह चटवाल - पब्लिक अफेयर्स 34. प्रो. आरोग्य स्वामी जोसेफ पालराज - साइंस ऐंड इंजीनियरिंग 35. प्रो. बिकास चंद सिन्हा - साइंस ऐंड इंजीनियरिंग 36. जगदीश चंद कपूर - साइंस ऐंड इंजीनियरिंग 37. डॉ. बालगंगाधरनाथ स्वामी जी - सोशल वर्क 38. एकनाथ राव उर्फ बालासाहब दिखे पाटिल - सोशल वर्क 39. कैप्टन सी. पी. कृष्णन नायर - ट्रेड ऐंड इंडस्ट्री 40. डॉ. कुशल पाल सिंह - ट्रेड ऐंड इंडस्ट्री 41. मनविंदर सिंह बंगा उर्फ विंदी बंगा - ट्रेड ऐंड इंडस्ट्री 42. नारायणन वघुल - ट्रेड ऐंड इंडस्ट्री 43. एस. पी. ओसवाल - ट्रेड ऐंड इंडस्ट्री पद्मश्री 1. गुलाम मोहम्मद मीर - पब्लिक सविर्स 2. रेखा - आर्ट 3. अर्जुन प्रजापति - आर्ट 4. अरुंधति नाग - आर्ट 5. कैरमेल बर्कसन - आर्ट 6. उस्ताद बसीफुद्दीन डागर - आर्ट 7. गुल बर्धन - आर्ट 8. ओबाम ओगंवी एन. देवी - आर्ट 9. हरि उप्पल - आर्ट 10. के. राघवन - आर्ट 11. गुरु मायाधर राउत - आर्ट 12. मुकुंद लाठ - आर्ट 13. निमाई घोष - आर्ट 14. पंडित रघुनाथ पाणिग्रही - आर्ट 15. राजकुमार अछोवा सिंह - आर्ट 16. डॉ. रामदयाल मुंडा - आर्ट 17. रेसुल पोकुट्टी - आर्ट 18. सैफ अली खान - आर्ट 19. डॉ. शोभा राजू - आर्ट 20. सुमित्रा गुहा - आर्ट 21. पंडित उल्हास काशलकर - आर्ट 22. डी. आर. कातिर्केयन - सिविल सविर्स 23. डॉ. रंजीत भार्गव - पर्यावरण संरक्षण 24. अरुण शर्मा - शिक्षा और साहित्य 25. प्रो. अरविंद कुमार - शिक्षा और साहित्य 26. बी.जी. दखार - शिक्षा और साहित्य 27. प्रो. गोविंद चंद पांडे - शिक्षा और साहित्य 28. प्रो. हमीदी कश्मीरी - शिक्षा और साहित्य 29. प्रो. (डॉ.) हरमन कुल्के - शिक्षा और साहित्य 30. जानकी वल्लभ शास्त्री - शिक्षा और साहित्य 31. डॉ. जितेंद ऊ धमपुरी - शिक्षा और साहित्य 32. लालबहादुर सिंह चौहान - शिक्षा और साहित्य 33. लालजुइया कोलनी - शिक्षा और साहित्य 34. मारिया अरोरा कौतो - शिक्षा और साहित्य 35. डॉ. राजलक्ष्मी पार्थसारथी उर्फ वाई. जी. पार्थसारथी - शिक्षा और साहित्य 36. प्रो. रामरंजन मुखर्जी - शिक्षा और साहित्य 37. डॉ. रंगनाथन पार्थसारथी - शिक्षा और साहित्य 38. फादर रोमाल्ड डिसूजा - शिक्षा और साहित्य 39. प्रो. सादिक-उर-रहमान किदवई - शिक्षा और साहित्य 40. शेल्डन पॉलक - शिक्षा और साहित्य 41. डॉ. सुरेंद दुबे - शिक्षा और साहित्य 42. डॉ. अनिल कुमार भल्ला - मेडिसिन 43. डॉ. अरविंदर सिंह सोइन - मेडिसिन 44. डॉ. बी. रमन राव - मेडिसिन 45. डॉ. जे. आर. कृष्णमूर्ति - मेडिसिन 46. के. के. अग्रवाल - मेडिसिन 47. प्रो. के. एस. गोपीनाथ - मेडिसिन 48. डॉ. लक्ष्मी चंद गुप्ता - मेडिसिन 49. डॉ. फिलिप अगस्टाइन - मेडिसिन 50. डॉ. रविंद नारायण सिंह - मेडिसिन 51. डॉ. विकास महात्मे - मेडिसिन 52. डॉ. रफेल आई फर्नांडिस - पब्लिक अफेयर्स 53. प्रो. एम. आर. सत्यनारायण राव - साइंस ऐंड इंजीनियरिंग 54. प्रो. (डॉ.) पल्पू पुष्पांगदन - साइंस ऐंड इंजीनियरिंग 55. प्रो. पी. सोम सुंदरम - साइंस ऐंड इंजीनियरिंग 56. प्रो. पी. इट्टाप जॉन - साइंस ऐंड इंजीनियरिंग 57. डॉ. विजय प्रसाद डिमरी - साइंस ऐंड इंजीनियरिंग 58. डॉ. विजय लक्ष्मी रवींदनाथ - साइंस ऐंड इंजीनियरिंग 59. अनु आगा - सोशल वर्क 60. ए. टी. मितेई - सोशल वर्क 61. दीप जोशी - सोशल वर्क 62. डॉ. जे. आर. गंगारमानी - सोशल वर्क 63. क्रांति शाह - सोशल वर्क 64. डॉ. कुरियन जोन मेलाम्पराम्बील - सोशल वर्क 65. बाबा सेवा सिंह - सोशल वर्क 66. सुधा कौल - सोशल वर्क 67. डॉ. सुधीर एम. पारिख - सोशल वर्क 68. इगनास टिर्की - खेल 69. कुमार रामनारायण कातिर्केयन - खेल 70. रमाकांत विट्ठल आचरेकर - खेल 71. साइना नेहवाल - खेल 72. विजेंदर सिंह - खेल 73. वीरेंद सहवाग - खेल 74. डॉ. अल्लूरी वेंकट सत्यनारायण राजू - ट्रेड ऐंड इंडस्ट्री 75. डॉ. बी. रविंदन पिल्लै - ट्रेड ऐंड इंडस्ट्री 76. दीपक पुरी - ट्रेड ऐंड इंडस्ट्री 77. इरशाद मिर्जा - ट्रेड ऐंड इंडस्ट्री 78. ब्रिगेडियर कपिल मोहन - ट्रेड ऐंड इंडस्ट्री 79. डॉ. कर्सनभाई खोडीदास पटेल - ट्रेड ऐंड इंडस्ट्री 80. टी. एन. मनोहरन - ट्रेड ऐंड इंडस्ट्री 81. वेनु श्रीनिवास - ट्रेड एंड इंडस्ट्री

राजपथ पर 61वें गणतंत्र दिवस पर स्पष्ट तौर पर दिखायी दी देश की सैन्य शक्ति


प्राचीन-समृद्ध संस्कृति और सभ्यता से खुद को जोड़े रखने वाले विश्व शक्ति के रूप में उभरते भारत की तस्वीर राजपथ पर 61वें गणतंत्र दिवस पर स्पष्ट तौर पर दिखायी दी। गणतंत्र दिवस पर रायसीना हिल्स की ओर से सधे कदमों से आगे बढ़ती परेड में देश की में एकताकी का प्रदर्शन किया गया साथ ही देश की सैन्य शक्ति और सेना की तैयारियां भी सामने आई। भारी कोहरे के बावजूद राजपथ पर सुसज्जित और सधे कदमों से सेना की टुकड़ी आगे की ओर बढ़ रही थी और मंच पर आसीन सैन्य बलों की सुप्रीम कमांडर राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने सलामी ली। सेना परेड को गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली म्यूंग बाक, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत देश की प्रमुख राजनीतिक और सैन्य शख्सियतों ने भी शिरकत की। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और उनके दक्षिण कोरियाई समकक्ष म्यूंग बाक घोड़े पर सवार 46 सुसज्जित एवं पूर्ण प्रशिक्षित घुड़सवार गार्डो के संरक्षण में राजपथ पर पधारे। परेड शुरू होने से कुछ मिनट पहले, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी और तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने इंडिया गेट पर ब्रिटिश काल के प्रथम विश्व युद्ध स्मारक जवान ज्योतिपर पुष्पचक्र अर्पित कर देश के लिए प्राणों का त्याग करने वाले वीर सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। गणतंत्र दिवस पर आज पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के चाक चौबंद प्रबंध किए गए। समारोह में व्यवधान पैदा करने के किसी भी संभावित प्रयास को विफल बनाने के लिए स्निपर और मोबाइल दस्तों को तैनात किया गया। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के राष्ट्रध्वज तिरंगा फहराने के बाद पारंपरिक तौर पर 21 तोपों की सलामी दी गई। इसके बाद दिल्ली क्षेत्र के सेना के जनरल आफिसर कमांडिंग मेजर जनरल के जे एस ओबेराय के नेतृत्व में परेड शुरू हुई। हालांकि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में घने कोहरे के कारण एमआई-17 हेलिकॉप्टर का प्रदर्शन नहीं हो सका। एमआई-17 हेलिकॉप्टर से दर्शकों पर पुष्पवर्षा की जानी थी लेकिन खराब मौसम की वजह से इसे रोक देना पड़ा। सलामी मंच के सामने से गुजरने वालों में सबसे आगे परमवीर चक्र और अशोक चक्र विजेता रहे और उसके बाद 61वीं कैवेलरी के दस्ते ने पारंपरिक अनोखे अंदाज में राष्ट्रपति को सलामी पेश की। राजपथ पर सेना ने देश की सैन्य शक्ति और तैयारियों का जबर्दस्त प्रदर्शन किया जिसमें मुख्य युद्धक टैंक बहुप्रक्षेपी रॉकेट प्रणाली, बख्तरबंद इंजीनियर टोही वाहन, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली, सेना का पुल का भी प्रदर्शन किया गया। सेना ने अत्याधुनिक आईसीवी संचार वाहन के अलावा इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली, बख्तरबंद वाहन सारथ और एम्बुलेंस का भी प्रदर्शन किया। राजनथ पर सधे कदमों से आगे बढ़ते और जोरदार सलामी देते सैन्य टुकडि़यों में मद्रास रेजिमेंट, जाट रेजिमेंट, सिख रेजिमेंट, डोगरा रेजिमेंट, गढ़वाल रेजिमेंट, बिहार रेजिमेंट, गोरखा रेजिमेंट और प्रादेशिक सेना शामिल थी। ऐतिहासिक राजपथ पर विभिन्न रेजिमेंटों के संगीत बैंड दस्तों ने सैम बहादुरहंसते लुसाईऔर जनरल टैप्पी की धुनों से समा बांध दिया। पूर्ण सुसज्जित 148 नौसैनिकों का दस्ता शिवालिकके प्रारूप के साथ भारतीकी धुन पर कदमताल करता हुआ आगे बढ़ रहा था। आईएनएस शिवालिक को जल्द ही नौसेना में शामिल किया जायेगा।