Tuesday, September 29, 2015

प्रायोजित हनीमून - सोने की तस्करी

राजधानी दिल्ली में सोने की तस्करी का अनूठा केस सामने आया है। यहां तस्करी करने वालों ने एक जोड़े को प्रायोजित हनीमून पर विदेश भेजा और वापसी में दुल्हन को गहने पहनाकर तस्करी करने की कोशिश की। हालांकि सख्त जांच के आगे साजिश विफल हो गई।
दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अधिकारियों के मुताबिक, दुल्हन ने 1.5 किलो सोने के आभूषण पहन रखे थे।
एक कस्टम अधिकारी ने बताया, नियमानुसार जब कोई विदेश जाता है तो उसे अपने साथ ले जाए जा रहे सोने के आभूषणों का भी खुलासा करना होता है। यह जोड़ा जब गया तब उनके पास कम सोना था, लेकिन लौटते समय दुल्हन ने काफी सोना पहन रखा था। खासतौर पर सोने की चुड़ियां काफी वजनी थीं।
साजिशकर्ता भी दूल्हा-दुल्हन के साथ था। पति-पत्नी पहली बार विदेश गए थे, लेकिन तीसरा शख्स पहले भी सोने की तस्करी में लिप्त रह चुका था और अधिकारियों को उसके बारे में सूचना मिली थी। जांच काउंटर से तीसरा शख्स तो निकल गया, लेकिन जोड़ा हत्थे चढ़ गया।
महिला ने 37 लाख कीमत सोने की छह चुड़ियां पहन रखी थीं। सूत्रों के मुताबिक, इस सोने की तस्करी के लिए जोड़े को हवाई यात्रा के टिकट के अलावा 20-20 हजार रुपए चुकाए गए थे।
दो साल पहले बुरका पहने नौ महिलाओं को पकड़ा गया था, जो नकाब की आड़ में सोने की तस्करी करने की कोशिश में थीं।

भारत सोने का सबसे बड़ा खरीदार है, लेकिन इम्पोर्ट ट्यूटी अधिक होने के कारण यहां सोने की तस्करी भी बड़े पैमाने पर होती है।

Thursday, September 24, 2015

ऑपरेशन थियेटर में सांप देखकर मौजूद सर्जन बाहर

गुंटुर के एक अस्‍पताल के ऑपरेशन थियेटर में उस वक्‍त हड़कंप मच गया जब वहां सांप निकल आया। खबरों के अनुसार हैदराबाद के सरकारी अस्‍पताल के ऑपरेशन थियेटर में सांप निकल आया इसे देखकर वहां मौजूद सर्जन बाहर की तरफ भागे।
बाद में सर्जन ने वहां ऑपरेशन करने से भी इन्‍कार कर दिया। वहीं एक अन्‍य सांप अस्‍पातल के रेडियोलॉजी विभाग में भी नजर आया है।

आपको बता दें की यह वहीं अस्‍पताल है जहां कुछ दिनों पहले एक बच्‍चे की चूहों के काटने से मौत हो गई थी। उस समय भी अस्‍पताल की व्‍यवस्‍थाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए थे। इन घटनाओं के बाद अस्‍पताल प्रशासन ने सफाई अभियान चलाने की बात कही है।

Wednesday, September 23, 2015

क्यों भागते फिर रहे हैं

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने घरेलू हिंसा मामले में फंसे अपनी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती को लेकर कई ट्वीट्स किए। उन्होंने अपने ट्वीट्स में कहा कि सोमनाथ भारती को सरेंडर कर देना चाहिए। वे क्यों भागते फिर रहे हैं? वे जेल जाने से क्यों डर रहे हैं?
उन्होंने आगे लिखा है कि अब सोमनाथ भारती पार्टी व अपने परिवार को शर्मिंदा कर रहे हैं। उन्हें पुलिस को जांच में सहयोग करना चाहिए।
आपको बता दें कि 49 दिनों की आप सरकार में कानून मंत्री रहे सोमनाथ भारती पर उनकी पत्नी लिपिका मित्रा ने घरेलू हिंसा (दहेज प्रताड़ना व हत्या का प्रयास) का मामला दर्ज करवाया है। इस मामले में मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद सोमनाथ भारती पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी हुई है। सूत्रों के अनुसार, भारती बुधवार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकते हैं।
यह है मामला
लिपिका ने 10 जून को महिला अपराध शाखा में घरेलू हिंसा की शिकायत दी थी। पुलिस ने 9 सितंबर को सोमनाथ भारती के खिलाफ दहेज प्रताड़ना व हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। सोमनाथ ने निचली अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई थी।
इसके बाद भारती ने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। 17 सितंबर को हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। खंडपीठ ने दिल्ली पुलिस से पूछा था वह केवल यह बताए कि वह भारती की हिरासत में क्यों लेना चाहती है।
दिल्ली पुलिस ने चाकू, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य (ऑडियो-वीडियो) व अन्य साक्ष्य एकत्रित करने के लिए हिरासत की मांग की थी।

वहीं, भारती के वकील ने विरोध करते हुए मध्यस्थता करने के लिए एक और मौका देने की अपील की। उनका कहना था कि यह पति-पत्नी के बीच पारिवारिक विवाद का मामला है, इसे राजनीतिक रूप देकर तूल दिया जा रहा है।

Monday, September 21, 2015

एक गांव ऐसा जहां पिछले 50 साल से एक भी विवाद नहीं हुआ

देश हो, प्रदेश हो, जिला या कस्बा हर जगह कभी न कभी लोगों के बीच आपसी विवाद होते हैं और मामले थाने तक पहुंच जाते हैं, लेकिन दमोह जिले का एक गांव ऐसा जहां पिछले 50 साल से एक भी विवाद नहीं हुआ। यदि कभी छोटा-मोटा विवाद हुआ भी है तो वह पुलिस थाने तक नहीं पहुंच पाया।
गांव के वरिष्ठ ही पंचायत कर मामले में समझौता करा देते हैं। इस गांव की खासियत ये है कि गांव प्रमुख मार्ग से 17 किमी दूर जंगल के बीच बसा हैं, जहां मौलिक सुविधाओं का काफी अभाव है। गांव में 95 प्रतिशत आदिवासी रहते हैं, जिनमें ज्यादातर अशिक्षित हैं, उसके बाद भी उनकी सोच व समझ शिक्षित समाज से कहीं आगे है।
हम बात कर रहे हैं तेंदूखेड़ा ब्लॉक अंतर्गत आने वाले रामपुर-महका गांव की। यह गांव दमोह सागर व नरसिंहपुर की सीमा से सटा हुआ है। गांव तक जाने के लिए महज एक पगडंडी है। बारिशकाल मे गांव से संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। इस गांव में रहने वाले ज्यादातर आदिवासी हैं और अशिक्षित हैं, लेकिन वे सभी आपसी सद्भाव के साथ रहते हैं। उनके बीच कभी आपसी विवाद नहीं होता।
यहां के लोग काफी सजह स्वाभाव के हैं। गांव के बुर्जुगों का कहना है कि उनके गांव में कभी विवाद नहीं होता, यदि कभी कोई विवाद की स्थिति निर्मित होती है तो हम लोग पंचायत बुलाकर आपसी समझौता करा देते हैं। जिसकी गलती होती है उससे क्षमा मांगने को कहते हैं और दूसरा पक्ष उस पर राजी हो जाता है।
50 सालों से तो हम देख रहे
गांव के बुजुर्ग गोरेलाल आदिवासी (65 ) ने बताया कि उन्होंने जब से होश संभाला है उन्हें याद नहीं कि गांव में किसी के बीच विवाद हुआ हो और विवाद पुलिस थाने पहुंचा हो। उन्होंने बताया कि गांव में रामपुर और महका गांव की कुल जनसंख्या लगभग एक हजार है। दोनों गांव आस-पास ही हैं और हमारे बीच अच्छे संबंध हैं। गांव में किसी को भी तकलीफ या परेशानी होती है तो सभी मिलकर हल खोज लेते हैं।
गुलाबरानी आदिवासी (70) ने बताया कि गांव के लोगों का मानना है कि यदि विवाद पुलिस में पहुंचता है तो फिर कोर्ट कचहरी में सालों बीत जाते हैं। दोनों पक्षों को परेशान होना पड़ता है और आखिर में कुछ हाथ नहीं आता, इसलिए सभी ने सोच रखा है कि आपस में विवाद नहीं करना है, यदि कभी कोई विवाद होता है तो गांव के बुर्जुगों की बात मानकर विवाद खत्म कर दिया जाता है।
20 साल पहले सामने आया था एक विवाद
गांव के बुजुर्ग रामचरण आदिवासी (62) ने बताया कि गांव में लगभग 20 साल पहले एक महिला के साथ छेड़खानी का मामला सामने आया था। जिस पर आरोप था, उसे पंचायत में बुलाया गया। जब दोनों से बातचीत की तो पता चला कि सहज बातचीत को लेकर विवाद की स्थिति बनी हैं।
जब दोनों से बात की गई तो मामले में कुछ नहीं निकला। उसके बाद दोनों परिवारों के बीच समझौता करा दिया गया और मामला समाप्त हो गया। उन्होंने बताया कि यदि मामला पुलिस में दर्ज हो जाता तो दोनों पक्षों को परेशान होना पड़ता सामाजिक प्रतिष्ठा खराब होती तो वो अलग। आपसी बातचीत से विवाद भी खत्म हो गया और मन का मैल भी धुल गया।
बारिश में बीमार हुए, तो भगवान बचाए
बारिशकाल में इन दोनों गांव का संपर्क पूरी तरह जिले से टूट जाता है। इस मौसम में यदि गांव का कोई व्यक्ति बीमार हो जाता है तो देशी नुस्खों से ही उसका इलाज किया जाता है। गंभीर बीमार को भी गांव से अस्पताल तक ले जाना संभव नहीं होता। ऐसे में गांव के बीमार भगवान भरोसे ही हो जाते हैं। या तो वह देशी इलाज से ठीक हो जाते हैं या फिर उनकी मौत हो जाती है।
खास बात ये है कि बारिश के मौसम में गांव का एकमात्र सरकारी प्राथमिक स्कूल बंद हो जाता है, क्योंकि यहां पदस्थ शिक्षक तेंदूखेड़ा में रहता है। यदि कहा जाए तो शिक्षण सत्र जारी के दौरान भी गांव के स्कूल में अघोषित अवकाश हो जाता है।
परंपरागत शैली में जी रहे जीवन
गांव घने जंगल के बीच बसा है। सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। राशन दुकान गांव से लगभग 20 किमी दूर झमरा गांव में हैं। बारिश के समय वह राशन भी नहीं ले पाते हैं। जीवन यापन के लिए थोड़ी बहुत खेती करते हैं। जंगली फल जैसे अचार, आंवला और गोंद का एकत्रित करते हैं जिन्हें साल में एक बार अन्य जिलों से आने वाले व्यापारी खरीदकर ले जाते हैं। इन लोगों की जीवन शैली पूरी तरह तो नहीं, लेकिन कुछ हद तक जंगली जीवन पर आधारित है।
20 साल का रिकार्ड तो मैंने देखा है

तारादेही थाना प्रभारी राजेंद्र शर्मा ने भी बताया कि गांव का एक भी विवाद उनके कार्यकाल में थाने तक नहीं आया। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 20 साल का रिकार्ड उन्होंने देखा है जिसमें गांव का एक भी अपराध दर्ज नहीं है। यदि इसी तरह की आपसी सौहार्द से सभी लोग रहने लगें तो न विवाद होंगे और न ही अपराध दर्ज होंगे।

यौन शोषण से जुड़ा एक मामला

सात साल के मासूम ने टीवी पर एक क्राइम शो देखा, जो यौन शोषण से जुड़ा एक मामला था। इस शो को देखने के बाद उस मासूम ने जब एक खुलासा किया तब उसके माता-पिता हैरान रह गए। बच्चे ने बताया कि उनका नाबालिग नौकर, जिसकी उम्र 17 साल है, ने उसके साथ तीन माह तक कुकर्म किया। पुलिस ने रविवार को आरोपी नौकर को पुणे से उसके पैतृक निवास से गिरफ्तार कर लिया है।
बीते शुक्रवार को एक क्राइम शो में दिखाया गया था कि कैसे एक नौकर एक बच्चे को अपनी हवस का शिकार बनाता है और उसके साथ कुकर्म करता है। इस शो को देखने के बाद पीड़ित बच्चे ने अपने माता-पिता को बताया कि उसके साथ वही सब कुछ उनके नौकर ने किया है जैसा शो में दिखाया गया।
पीड़ित बच्चे ने बताया कि उसका घरेलू नौकर नहलाने का वादा कर उसके साथ कुकर्म किया करता था। उक्त आरोपी नौकर ने तकरीबन तीन माह तक उसके साथ ऐसा किया। बच्चे के साथ कुकर्म के बाद आरोपी उसे चॉकलेट देता था और किसी से कुछ भी नहीं बताने के लिए कहता था। आरोपी तीन माह तक उनके यहां काम करता रहा था और तीन माह पहले ही नौकरी छोड़कर अपने घर पुणे चला गया था।
उसी दिन बच्चे के परिजनों ने आरोपी नौकर के खिलाफ बांगुर नगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। अपनी शिकायत में परिजनों ने कहा है कि पति-पत्नी दोनों ही नौकरी करते हैं इसलिए उन्होंने तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले अपने बेटे की देखभाल के लिए 17 वर्षीय नौकर को रखा था।

शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच ने रविवार को आरोपी को पुणे से गिरफ्तार कर लिया और उसे बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के सुपुर्द कर दिया। आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 377 (अप्राकृतिक यौन संबंध) और पॉक्सो की धारा 3 व 4 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

Friday, September 18, 2015

नेताजी के परिवार की जासूसी हुई

नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी 64 महत्‍वपूर्ण फाइलों को शुक्रवार को जनता के सामने जारी कर दिया गया। इन फाइलों को सोमवार से कोलकाता पुलिस संग्रहालय में देखा जा सकता है। इसके अलवा इसकी जो डीवीडी बनाकर दी गई है उसमें से जो खुलासे हो रहे हैं उनके अनुसार नेताजी के परिवार की जासूसी हुई थी।
यह हुए खुलासे
- फाइल नंबर 2 जिसे कॉन्फिडेंशियल बताया गया है उसमें इंडियन नेशनल आर्मी (आईएनए) के जवानों की सूची है। इसके अनुसार उनकी जासूसी की गई थी।
- फाइल नंबर 1 जो कि 1942 की है उसमें यह बताया गया है कि ब्रिटिश सरकार आईएनए की जासूसी कर रही थी।
- विमान हादसे के बाद की जा रही इस जासूसी के चलते लगभग 46 आईएनए सैनिकों से पूछताछ भी की गई थी।
- फाइल नंबर 4 जो कि 1946 की है उसमें बताया गया है कि आईएनए सदस्‍य बिभूती भूषण की जासूसी की गई थी। 

- बताया जा रहा है कि फाइलों में इस बात की जानकारी है कि तात्‍कालीन प्रधानमंत्री नेहरू ने सुभाष चंद्र बोस की जासूसी करवाई थी।

अलीगढ़ यूनिवर्सिटी आतंकियों की नर्सरी

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र और शिक्षक हिन्दू युवा वाहिनी के राज्य प्रमुख सुनील सिंह की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। दरअसल, कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए हिंदू युवा वाहिनी के नेता सुनील सिंह ने बुधवार को कहा था कि अलीगढ़ यूनिवर्सिटी आतंकियों की नर्सरी है।

सिंह ने कहा था कि यदि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी बंद कर दी जाए, तो आतंकवाद की समस्या भी खत्म हो जाएगी। इस मामले में एसपी बृजेश कुमार ने बताया कि मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर शिकायत दर्ज कराई गई है। कार्यकर्ता सम्‍मेलन के ऑडियो-विडियो जमा किए जा रहे हैं और मामले की जांच जारी है। शुरुआती जांच के बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी।