Saturday, August 30, 2014

थैंक्यू कहने से बेहतर संबंध स्थापित

एक नए अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ है कि आभार प्रकट करने से सामाजिक रिश्ते मजबूत बनते हैं। यह अच्छी आदत है और इससे आप अपने मित्र का दिल भी जीत सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया न्यू साउथ वेल्स की साइकॉलजिस्ट लिसा विलियम्स ने बताया कि अध्ययन में इस बात के संकेत मिले हैं कि थैंक्यू कहने से बेहतर संबंध स्थापित होते हैं। लिसा ने बताया कि यह स्टडी यूनिवर्सिटी के 70 स्टूडेंट्स पर की गई। यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ने हाई स्कूल के स्टूडेंट्स को यूनिवर्सिटी में ऐडमिशन लेने में मदद की। उन्हें इस पर कॉमेंट करने को कहा गया। जवाब में उन्होंने पाया कि आधे से अधिक मामलों में मदद पाने वाले स्टूडेंट्स ने आभार व्यक्त किया और कहा, 'आपने मेरे लिए बहुत कुछ किया, इसके लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद!' इन स्टूडेंट्स ने एक-दूसरे से फोन नंबर और ईमेल अड्रेस भी एक्सचेंज किए।
दूसरी तरफ, जिन स्टूडेंट्स ने यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स का आभार प्रकट नहीं किया था, उनकी बातचीत और आगे नहीं बढ़ी। लिसा ने कहा, मेरा पहला अनुभव बताता है कि धन्यवाद बोलने या आभार प्रकट करने से अनजान व्यक्ति से भी अच्छे संबंध बनने लगते हैं। इस अध्ययन को इमोशन जर्नल में शामिल किया जाएगा।

Thursday, August 28, 2014

वाल्मीकि समुदाय के 72 लोग हिंदू धर्म में लौटे

अलीगढ़ में सेवंथ डे एडवेंटिस्ट्स से जुड़ा एक चर्च रातोरात शिव मंदिर में तब्दील हो गया। 1995 में हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई बने वाल्मीकि समाज के 72 लोगों ने फिर से हिंदू धर्म अपना लिया। जिस चर्च में पहले क्रॉस लगा था, उसे हटाकर वहां पर शिव की तस्वीर लगा दी गई है। हिंदू संगठन इसे 'घर वापसी' करार दे रहे हैं।
मंगलवार को अलीगढ़ से 30 किलोमीटर दूर असरोई में चर्च के अंदर व्यापक स्तर पर शुद्धिकरण किया गया। 19 साल पहले ईसाई बने 72 लोगों ने हिंदू धर्म अपना लिया। बताया जा रहा है कि इस चर्च में लगे क्रॉस को हटाकर गेट के बाहर रख दिया गया है और अंदर शिवजी की तस्वीर लगा दी है। जैसे ही इन लोगों के एक बार फिर हिंदू धर्म स्वीकार करने की खबर फैली, इलाके में तनाव फैलना शुरू हो गया। लोकल इंटेलिजेंस यूनिट मौके पर पहुंच गई। कुछ ग्रामीणों ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि अब शिव की तस्वीर को भी हटाकर एक घर में रख लिया गया है।
संघ प्रचारक और धर्म जागरण संगठन के प्रमुख खेम चंद्र ने कहा, 'इसे धर्मांतरण नहीं, घर वापसी कहते हैं। वे अपनी मर्जी से हिंदू धर्म छोड़कर गए थे और जब उन्हें लगा कि उन्होंने गलती की है, तो वे वापस आ गए।' 72 वाल्मीकियों के पुनर्धर्मांतरण पर खेम ने कहा, 'हम उनका स्वागत करते हैं। हम अपने समाज को बिखरने नहीं देंगे, हमें इसे समेटकर रखना होगा।' खेम ने कहा कि ये लोग कई सालों से ईसाई धर्म मान रहे थे। मैं इनसे कई बार मिला और इनसे अपने फैसले पर एक बार फिर से विचार करने को कहा।
एक बार फिर हिंदू धर्म में लौटे अनिल गौड़ का कहा है, 'हम जाति व्यवस्था से परेशान थे और इसी वजह से हमने अपना धर्म बदला था। लेकिन हमने पाया कि ईसाइयों के बीच भी हमारी स्थिति कुछ ठीक नहीं है। हिंदू थे, तब हमारा कोई स्तर नहीं था और हमें छोटे काम करने तक सीमित रहना पड़ता था। 19 साल तक हम ईसाई रहे, लेकिन हमने पाया कि वे भी हमारी कम्यूनिटी की मदद करने नहीं आए। बड़े दिन की कोई सेलिब्रेशन नहीं होती थी। बस मिशनरियों ने एक चर्च बना दिया। और कुछ नहीं।'
78 साल के राजेंद्र सिंह कहते हैं कि वह वापस हिंदू धर्म में आकर बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा, 'एक दिन मैं चर्च के बाहर सोया था कि मुझे पैरालिसिस का अटैक हो गया। मैं हिल तक नहीं पा रहा था। मुझे यह पिछले साल हुआ था। तब से लेकर आज तक मैं सोच रहा हूं कि यह मुझे माता देवी ने सजा दी है अपना विश्वास छोड़ने के लिए।'
अलीगढ़ में वकील और ईसाई समुदाय के नेता ओजमंड चार्ल्स इन बातों से सहमत नहीं होते। उन्होंने कहा, 'घर वापसी मुझे एक साजिश लगती है। कभी हम 'लव जिहाद' का शोर सुनते हैं और अब 'घर वापसी' की बात हो रही है। क्या यह हिंदू राष्ट्र बनाने के संकेत हैं? सिटी मेथडिस्ट चर्च के फादर भी इस खबर से नाराज दिखे। उन्होंने कहा, 'यह शुद्धिकरण पूजा उस चर्च के अंदर हुई, जो सेवंथ डे एडवेंटिस्ट्स से जुड़ा है। ऐसा नहीं होना चाहिए। विश्वास व्यक्तिगत मामला है लेकिन चर्च के अंदर हवन नहीं।'
इस बीच असरोई गांव में अगर कोई किसी से पुनर्धर्मांतरण के बारे में पूछता है, तो लोग अपने घरों मे चले जाते हैं तो कुछ कहते हैं कि उन्हें इस बारे में कुछ नहीं मालूम। साथ ही इलाके में पुलिस की मौजूदगी से लोगों में बेचैनी बढ़ गई है।

Monday, August 25, 2014

वाजपेयी को जल्द से जल्द भारत रत्न

नरेंद्र मोदी सरकार भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनके 90वें जन्मदिवस के मौके पर 25 दिसंबर को भारत रत्न देने की घोषणा कर सकती है। 
सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री और वरिष्ठ नौकरशाह ने बताया कि मोदी सरकार की तरफ से पहला भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को दिया जाएगा। मंत्री ने अपना नाम नहीं छापे जाने की शर्त पर बताया, 'सैद्धांतिक तौर पर इस बात को लेकर सहमति बन चुकी है। सरकार बस एक मौके की तलाश कर रही है। इस बारे में वाजपेयी के 90वें जन्मदिन 25 दिसंबर को घोषणा की जा सकती है।'
 

हालांकि, इस बारे में अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही लेंगे। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी तक की परंपरा के मुताबिक भारत रत्न की घोषणा गणतंत्र दिवस के मौके पर की जाती है। उन्होंने कहा, 'मोदी सरकार के पहले भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी होंगे। बाकी नामों के बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी।' 
पिछले साल कांग्रेस नीत यूपीए सरकार ने क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर और वैज्ञानिक सी एन आर राव को भारत रत्न से नवाजा था। यूपीए सरकार के इस फैसले की बीजेपी ने यह कहकर आलोचना की थी कि वह वाजपेयी को नजरअंदाज कर रही है। बीजेपी ने तब कहा था कि केंद्र में अगर उसकी सरकार बनती है तो वह वाजपेयी को जल्द से जल्द भारत रत्न देगी।
 

Friday, August 22, 2014

मंत्री आजम खां की भैंसे एक बार फिर चर्चा में

सूबे के कद्दावर मंत्री आजम खां की भैंसे एक बार फिर चर्चा में हैं। लेकिन इस बार मामला भैंसों की चोरी का नहीं बल्कि उनकी शाही सवारी का है। पंजाब से आ रही आजम की इन भैंसों की सहारनपुर में जो आवभगत हुई उससे किसी को भी रश्क हो जाए। बुधवार को पूरी रात सूबे के एक बोर्ड के चेयरमैन का बेटा व समर्थक और एक थाने की पुलिस भैंसों की आवभगत में लगी रही। हूटर और लाल-नीली बत्ती लगी गाड़ियां भैंसों की गाड़ी को एस्कॉर्ट करते हुए सहारनपुर से मुजफ्फरनगर की सीमा तक छोड़कर आईं।
दरअसल मामला कुछ यूं है। आजम खां के करीबी सहारनपुर श्रम विभाग के एक बोर्ड के चेयरमैन सरफराज खां ने उनके लिए पंजाब से पांच भैंसें मंगाईं। इन भैंसों को सहारनपुर के रास्ते रामपुर जाना था। बुधवार की रात पांचों भैंस हरियाणा से होते हुए यूपी बॉर्डर पर पहुंचीं। भैंसों को रात में सहारनपुर में ही रोका जाना था। सहारनपुर की सीमा पर पहुंचते ही सरफराज खां ने अपने बेटे शहनवाज को भैंसों की देख रेख का जिम्मा सौंपा।
हूटर लगी गाड़ियों के एस्कॉर्ट के साथ भैंसें गागलहेड़ी थाने के पीछे स्थित पैठ पर लाया गया। शाहनवाज ने गागलहेड़ी पुलिस को जैसे ही बताया कि भैंसें आजम खां की हैं तो भैंसो की आवभगत करने के लिए होड़ लग गई। कोई भैंसों के लिए चारा लेने दौड़ा तो कोई गुड़ लेने भागा। किसी ने रोटी पकाई तो किसी ने भैंसों की गाड़ी का गोबर साफ कराया। मच्छर भैंसों को परेशान न कर सकें इसका भी खूब इंतजाम किया गया। रात भर भैंसों की आवभगत चलती रही और खड़े होकर देखने वाले उनसे रश्क करते हुए अपनी किस्मत को कोसते रहे। सुबह जब भैंसों को रामपुर के लिए रवाना किया जाने लगा तो हूटर लगी गाड़ियां उन्हें मुजफ्फरनगर की सीमा तक छोड़कर आईं।
इस बारे में एसएसपी सहारनपुर राजेश पांडेय ने बताया, 'ऐसा बताया गया है कि दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री सरफराज खां ने इन भैंसों को मंगाया था। उनके समर्थक व एस्कोर्ट के लोग भैंसों की देखरेख में थे। लेकिन गागलहेड़ी थाने का कोई कर्मी वहां नहीं गया। चूंकि पैठ थाने के पीछे ही स्थित है इसलिए लोग पुलिस द्वारा आवभगत किए जाने की बात कह रहे हैं।' एसएसपी ने बताया कि पुलिस की तरफ से हूटर लगी कोई गाड़ी भी नहीं भेजी गई थी।

Thursday, August 21, 2014

सावधान - हुड्डा की हूटिंग

कांग्रेस ने अपनी पार्टी के सभी चीफ मिनिस्टर्स से कहा है कि जब भी मोदी उनके राज्य में आधिकारिक दौरे पर आएं, सावधान रहते हुए उनके सामने प्रोटोकॉल वाली लक्ष्मण रेखा खींचें। दरअसल एक दिन पहले हरियाणा के कैथल में एक हाईवे के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सामने बीजेपी कार्यकर्ताओं ने राज्य के चीफ मिनिस्टर भूपिंदर सिंह हुड्डा की हूटिंग की थी।
कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि जब कांग्रेस नेतृत्व और कुछ राज्यों के चीफ मिनिस्टर्स को लगा कि मोदी कांग्रेस के चीफ मिनिस्टर्स को जनता के सामने जानबूझकर नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं, तब उन्होंने यह फैसला लिया। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के एक पदाधिकारी ने बुधवार की शाम को जेएमएम के नेता और झारखंड के चीफ मिनिस्टर हेमंत सोरेन से बात की। उन्होंने सोरेन से कहा कि अगर वे बुधवार को देर शाम मोदी के ट्रिप के दौरान उनके साथ होते हैं, तो सावधानी बरतें। सोरेन कांग्रेस और आरजेडी के सपोर्ट से झारखंड में अपनी सरकार चला रहे हैं।
एआईसीसी के जनरल सेक्रेटरी और कांग्रेस की सरकार वाले दो राज्यों के पार्टी इंचार्ज ने कहा, 'हमें इस बात का भरोसा हो गया है कि हुड्डाजी को अपमानित करने की बीजेपी वर्कर्स की कोशिश मोदी की तरफ से कराया ओछा काम है। ऐसा पहले भी हो चुका है। मोदी ने हाल में एक कार्यक्रम में जम्मू कश्मीर के चीफ मिनिस्टर उमर अब्दुल्ला को दबाने की कोशिश की थी। उन्होंने यही काम एक कार्यक्रम में महाराष्ट्र के चीफ मिनिस्टर पृथ्वीराज चव्हाण के साथ किया था। इससे साफ हो जाता है कि मोदी खासतौर पर उन राज्यों के कांग्रेस और दूसरे नॉन-एनडीए शासित राज्यों में जनता के बीच वहां के चीफ मिनिस्टर की नेगेटिव तस्वीर पेश कर रहे हैं, जहां आने वाले समय में चुनाव होने वाले हैं।'
कांग्रेस नेता ने कहा, 'एक प्रधानमंत्री से इस बात की उम्मीद नहीं की जा सकती। हमें और हमारे चीफ मिनिस्टर्स को यह मंजूर नहीं है। अब से हम मोदी के साथ उनके एंगेजमेंट को प्रोटोकॉल की जरूरत के हिसाब से लिमिट में रखने की कोशिश करेंगे।' कांग्रेस आलाकमान ने अपनी पार्टी के चीफ मिनिस्टर्स को जो निर्देश दिए हैं, उनके मुताबिक उनको उतना ही करना है, जितना प्रधानमंत्री के आधिकारिक दौरे पर प्रोटोकॉल के हिसाब से जरूरी है।
कांग्रेस के सूत्र ने कहा, 'इसका मतलब यह कि जब भी मोदी उनके राज्य में दौरे पर आएंगे, हमारे चीफ मिनिस्टर्स उनको एयरपोर्ट पर फॉर्मली रिसीव करेंगे। वे उनके साथ ऑफिशली फंक्शंस में भी जाएंगे। वे बस इतना ही करेंगे। हमारे चीफ मिनिस्टर पीएम के साथ ऐसी किसी पब्लिक मीटिंग में नहीं जाएंगे, जो आमतौर पर केंद्र सरकार की तरफ से आयोजित होंगे और जिसके लिए बीजेपी की लोकल यूनिट भीड़ जुटाएगी।'

Wednesday, August 20, 2014

हिन्दू बहुल गरीब बस्तियों में मस्जिदों के निर्माण के लिए फंडिग

राजस्थान के अडिशनल डीजीपी (इंटेलिजेंस) ने जयपुर प्रशासन और पुलिस को चिट्ठी लिखकर बताया है कि मुस्लिम उद्यमियों का एक समूह शहर की हिन्दू बहुल गरीब बस्तियों में मस्जिदों के निर्माण के लिए फंडिग कर रहा है। इसमें कहा गया है कि गरीब लोगों को ऊंची कीमत का प्रलोभन देकर उन्हें जमीन बेचने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। हालांकि, पीपल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) ने इंटेलिजेंस रिपोर्ट में किए गए दावों पर सवाल उठाया है। 
सूत्रों के मुताबिक, 15 जुलाई को जयपुर के पुलिस कमिश्नर और कलेक्टर को लिखी गई चिट्ठी में एडीजीपी (इंटेलिजेंस) यू आर साहू ने चेताया था कि मुस्लिम आबादी के करीब रहने वाले हिन्दू समुदाय के गरीब लोगों को अपने घर बेचने के एवज में मोटी रकम मिल रही है। इसमें कहा गया है कि बाद में इसका इस्तेमाल धार्मिक स्थल के निर्माण के लिए किया जाता है। एडीजी ने पुलिस कमिश्नर को आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।
 
बताया जाता है कि शाहू ने अपनी रिपोर्ट में जमात-ए-हिन्द के डॉ. इकबाल और उद्योगपति हबीब गारनेट, सिराज ताकत, हाजी रफत, नईम कुरेशी, पप्पू कुरेशी, गफ्फार भाई टेंटवाला और कुछ अन्य पर आरोप लगाया है कि ये लोग जरूरतमंद हिन्दुओं से प्लॉट खरीदते है और वहां पर धार्मिक स्थल का निर्माण करा रहे है।
 

रिपोर्ट के तथ्यों को पूरी तरह से खारिज करते हुए पीयूसीएल ने दावा किया है कि उसकी फैक्ट फाइंडिग कमिटी को जमीनों के सौदों में कुछ भी असमान्य नहीं मिला है, ये किसी भी अन्य प्रॉपर्टी डील की तरह ही हैं। पीयूसीएल और जमात-ए-हिन्द ने सवाल उठाया कि 15 जुलाई को इंटेलिजेंस ने गोपनीय रिपोर्ट पुलिस कमिश्नर को भेजी थी, लेकिन यह लीक कैसे हो गई। इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। 

Monday, August 18, 2014

बगैर इजाजत के किसी ने मकान में एक और कमरा

बगैर इजाजत के किसी ने मकान में एक और कमरा जोड़ लिया, किसी ने दीवार तोड़ दी और किचन बड़ा बना लिया तो किसी ने बैडमिंटन कोर्ट ही बना डाला। यह हाल किसी डीडीए कॉलोनी का नहीं, बल्कि लुटियंस जोन में हेरिटेज बिल्डिंग्स का है। सूचना के अधिकार के तहत इकनॉमिक टाइम्स की ओर से दिए गए ऐप्लिकेशन पर जो जवाब मिले हैं, उनके मुताबिक यह करतूत दर्ज है कई माननीय सांसदों के नाम। 
लुटियंस बंगला जोन के सरकारी बंगलों में ये हरकतें सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट की इजाजत के बगैर की गईं जबकि ऐसा कोई भी बदलाव करने का अधिकार सिर्फ सीपीडब्ल्यूडी के पास है। नियमों के तहत इस इलाके के सरकारी बंगलों में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है, लेकिन दस्तावेज बता रहे हैं कि पिछले 10 वर्षों में कम से कम 230 सांसदों ने ऐसे बदलाव कराए।
 

ऐसे सांसदों में नितिन गडकरी, कलराज मिश्रा, यशवंत सिन्हा, रामविलास पासवान, अहमद पटेल, सुरेश कलमाडी भी शामिल हैं। 150 मामलों में सीपीडब्ल्यूडी अभी अवैध निर्माण हटा नहीं सका है। आरटीआई ऐप्लिकेशन के जवाब में बताया गया है कि 400 वर्ग फुट से 5,000 वर्ग फुट तक के एरिया में अवैध निर्माण कर लिए गए और कई वर्षों से ये जस के तस बने हुए हैं। 
मंत्रियों के बंगले 8,250 वर्ग फुट के प्लॉट पर हैं। इनमें आमतौर पर 8 बेडरूम, घरेलू स्टाफ के लिए चार रूम और दो गराज होते हैं। इन बंगलों में सामने और पीछे की ओर लॉन भी होते हैं।
 
रोड ट्रांसपोर्ट ऐंड हाईवेज मिनिस्टर गडकरी तीन मूर्ति लेन पर बंगला नंबर 13 में रहा करते थे। यहां नियमों को धता बताते हुए सामने एक कमरा, पीछे एक कमरा और सर्वेंट्स क्वॉर्टर के पास एक कमरा बना लिया गया। इस तरह 1,000 वर्ग फुट पर अवैध निर्माण हुआ। 10, तालकटोरा रोड पर बीजेपी नेता शत्रुघ्न सिन्हा के बंगले में 1,173 वर्ग फुट पर एक रूम और एक ऑफिस जोड़ लिया गया है।
 
पूर्व मंत्री कलमाड़ी को अपने बंगले में एक ऑफिस, रूम और एक शेड जोड़ने के लिए नोटिस भेजा गया था। माइक्रो, स्मॉल ऐंड मीडियम एंटरप्राइजेज मिनिस्टर कलराज मिश्रा को सीपीडब्ल्यूडी ने 2006 में बंगले में एक बैडमिंटन कोर्ट बनाने के लिए नोटिस भेजा है। इनके बंगले में 3,000 वर्ग फुट पर टेंपरेरी शेड्स और टॉइलेट्स भी बनाए गए हैं। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान के बंगले में दो अवैध एसी केबिन हैं।
 
मौजूदा पॉलिसी के तहत अवैध कंस्ट्रक्शन हटाने के लिए नोटिस भेजे जाते हैं। कंस्ट्रक्शन न हटाया जाए तो अलॉटमेंट कैंसल करने और बंगला खाली कराने की कार्रवाई शुरू होती है। साफ है कि इन मामलों में ऐक्शन इस लेवल तक नहीं लिया गया।