Wednesday, October 21, 2009

विंडोज-7 के बारे में जो शुरुआती सिग्नल मिले हैं, वे बेहद एक्साइटिंग

बिल गेट्स की कंपनी माइक्रोसॉफ्ट आपके कंप्यूटर के लिए नया दिल लाई है। कंप्यूटर का दिल यानी ऑपरेटिंग सिस्टम। यह नया दिल धड़कन के साथ-साथ चेहरा-मोहरा और हर हरकत बदल देगा। तीन साल पहले आए विंडोज विस्टा के सुपर फ्लॉप शो के बाद विंडोज-7 के बारे में जो शुरुआती सिग्नल मिले हैं, वे बेहद एक्साइटिंग है। जो करिश्मा आपने आई-फोन पर देखा वह, आपके लैपटॉप या पीसी की स्क्रीन पर दिखेगा। टचस्क्रीन वाले कंप्यूटरों पर नया यूजर एक्सपीरियंस मिलेगा और माउस और की-बोर्ड के अलावा स्क्रीन को छूकर भी काम कर सकेंगे। साथ ही पीसी को पहले से ज्यादा तेज, सेफ और स्मार्ट बनाने के लिए भी इसमें फीचर्स का ढेर है। विंडोज-7 का आना इसलिए अहम नहीं है, क्योंकि इसमें कई गजब के फीचर हैं। यह एक ऐसी खिड़की खोलेगा जो टेक्नॉलजी की दुनिया को नया आकाश दिखा सकती है। माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के डाइरेक्टर ( विंडोज क्लाइंट) जी. रमेश कहते हैं कि होम ग्रुप, प्ले-टु, डाइरेक्ट एक्सेस, स्नैप, जंप लिस्ट जैसे फीचर्स की मदद से लोगों को अपने काम नए ढंग से करने में आसानी होगी, साथ ही बिजनस यूजर्स के लिए भी विंडोज-7 में कई कॉस्ट सेविंग फीचर हैं। अब तक का रिस्पॉन्स उत्साह बढ़ाने वाला रहा है। बिल गेट्स के उत्तराधिकारी स्टीव बामर को उम्मीद है कि अब अपशगुनों का सिलसिला खत्म होगा। विस्टा ऐसा फ्लॉप हुआ कि लोगों को बताने में शर्म आने लगी कि वे इस पर काम करते हैं, कई लोगों ने तो विस्टा हटाकर फिर से एक्सपी लगवाया। इंटरनेट की दुनिया में एमएसएन ने गूगल और याहू के आगे सिर झुका दिया। आई पॉड के आगे माइक्रोसॉफ्ट का प्लेयर जून गूंगा ही हो गया। ई-मेल और इंटरनेट देखने के लिए लोग अब कंप्यूटर के मोहताज नहीं, आई-फोन जैसे तमाम स्मार्टफोन ने नए रास्ते खोल दिए। इस पर माइक्रोसॉफ्ट ने मोबाइल के लिए अपना ऑपरेटिंग सिस्टम विंडोज मोबाइल पेश किया। लेकिन वहां भी बात नहीं बन रही। वेब ब्राउजरों में इंटरनेट एक्सप्लोरर का 2004 तक हिस्सा 90 फीसदी था जो अब 65 पर आ गिरा है। इतने गम कम नहीं थे कि मंदी के चलते कंप्यूटरों की बिक्री पर भी ब्रेक लग गए। हालत यह हो गई है कि माइक्रोसॉफ्ट की कमाई पर ही एक अरब डॉलर का ब्रेक लगा है। ये आखिरी झटका सबसे खतरनाक है, न सिर्फ माइक्रोसॉफ्ट के लिए बल्कि पूरी पीसी इंडस्ट्री के लिए। गार्टनर का अनुमान है कि 2009 में पीसी की डिमांड दो पर्सेन्ट कम रहेगी। अब जबकि मंदी ठंडी पड़ने लगी है, कंप्यूटर में एक ऐसे एक्साइटिंग धमाके का इंतजार था जो पूरे सेगमेंट में जान डाल दे। विंडोज-7 को आज पेश किया जाएगा... 2009 के सबसे बड़े टेक्नॉलजी शाहकार के तौर पर। विंडोज 7 के 7 किलर फीचर 1. बंद करने और स्टार्ट करने में लगेगा कम वक्त 2. टच स्क्रीन, जिसमें माउस बनेगी आपकी उंगली 3. फाइल्स को पासवर्ड से प्रोटेक्ट कर होम ग्रुप के साथ शेयर कर सकेंगे 4. किसी भी ड्राइव में सेव की गई फाइलों को एक क्लिक से एक्सेस 5. ज्यादा जरूरी आइकन जोड़ने की सुविधा, माउस टच से विंडो प्रिव्यू 6. पसंदीदा प्रोग्राम की लिस्ट तक सीधे एक्सेस, एक्सप्लोरर-8 पर वेबसाइट्स की लिस्ट 7. मोबाइल, कैमरा, प्रिंटर के साथ पीसी का आसान कनेक्शन

Saturday, October 17, 2009

क्रिकेटर के बैग से विस्फोटक बरामद

देश में आतंक का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब इस आतंक ने क्रिकेटरों को भी अपने आगोश में लिया है। बेंगलुरु में एक चौंकाने और चिंता जताने वाली घटना सामने आई है। बेंगलुरु पुलिस ने जम्मू-कश्मीर के एक क्रिकेटर के आरडीएक्स के साथ गिफ्तार किया है। शनिवार को इस क्रिकेटर के बैग से विस्फोटक बरामद किए गए। चिन्नास्वामी स्टेडिम में चल रहे सी.के. नायडू क्रिकेट टूर्नामेंट में भाग लेने आए जम्मू-कश्मीर के क्रिकेट खिलाड़ी परवेज रास्सौल को पुलिस ने अरेस्ट किया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस क्रिकेटर के बैग से आरडीएक्स बरामद किया गया है। पुलिस ने जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस क्रिकेटर के बैकग्राउंड के बारे में डिटेल रिपोर्ट मांगी है।

Wednesday, October 14, 2009

30 साल की एक टीचर और 15 साल के छात्र का प्यार


30 साल की एक टीचर और 15 साल के छात्र का प्यार कुछ इस तरह परवान चढ़ा कि दोनों घर से फरार हो गए और जिंदगी बसर करने लगे। हालांकि पुलिस ने उन्हें लगभग 5 महीने बाद पकड़ लिया। दोनों रोहतक में किराए के एक फ्लैट में पति-पत्नी बनकर रह रहे थे। जहां टीचर ने एक स्कूल में जॉब कर ली थी, वहीं किशोर एक होटल में बैरा बन गया था। पुलिस ने महिला टीचर को जेल भेज दिया है। जानकारी के अनुसार शालीमार गार्डन सी ब्लॉक में स्थित एक स्कूल में मैथ की टीचर का 11वीं क्लास के एक स्टूडेंट से प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। 15 मई को लास्ट एग्जाम होने के बाद 16 मई को टीचर और छात्र दोनों घर से भाग गए थे। जनकपुरी में रहने वाले छात्र के परिवार ने जब छानबीन की, तो उन्हें असलियत का पता लगा। इसके बाद उन्होंने महिला टीचर के खिलाफ छात्र को बहला फुसलाकर ले जाने की रिपोर्ट साहिबाबाद थाने में दर्ज कराई थी। 2 दिन पहले पुलिस को सूचना मिली कि दोनों रोहतक में एक किराए के फ्लैट में पति-पत्नी के रूप में रहे रहे हैं। फ्लैट का किराया देने और अन्य खर्च को पूरा करने के लिए जहां महिला ने एक स्कूल में टीचर की जॉब कर ली, वहीं छात्र पास ही के एक होटल में वेटर की नौकरी करने लगा था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों को पकड़ लिया। बाद में वो उन्हें लेकर साहिबाबाद आ गई। क्षेत्र के चौकी इंचार्ज आर. पी. सिंह के अनुसार चूंकि छात्र नाबालिग है और उसके परिवार की ओर से रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी इसलिए उसे परिवार को सौंप दिया गया, जबकि महिला टीचर को नाबालिग को बहला फुसलाकर ले जाने के आरोप में जेल भेज दिया गया है।

Monday, October 12, 2009

5 बार से ज्यादा इस्तेमाल करने पर दूसरे बैंक को ट्रांजैक्शन चार्ज देना होगा।

दूसरे बैंकों के एटीएम के इस्तेमाल पर पाबंदी के दिन करीब आ गए हैं। आगामी गुरुवार यानी 15 अक्टूबर से यह पाबंदी लग जाएगी। इसके तहत कोई भी शख्स दूसरे बैंक के एटीएम से एक बार में 10 हजार रुपये से ज्यादा राशि नहीं निकाल पाएगा और दूसरे बैंक के एटीएम का फ्री इस्तेमाल महीने में 5 बार से ज्यादा नहीं कर पाएगा। 5 बार से ज्यादा इस्तेमाल करने पर दूसरे बैंक को ट्रांजैक्शन चार्ज देना होगा। अगस्त में भारतीय रिजर्व बैंक ने कर्मशल बैंकों से कहा था कि वे थर्ड पार्टी एटीएम यूज पर अक्टूबर के मध्य से पाबंदी लगाएं। आरबीआई ने यह निर्देश इंडियन बैंक असोशिएशन (आईबीए)की सिफारिश के आधार पर दिए थे। आईबीए ने अपनी सिफारिश में कहा था कि ग्राहकों द्वारा दूसरे बैंकों के एटीएम के फ्री इस्तेमाल से बैंकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
आईबीए की सिफारिश के मुताबिक, कोई भी बैंक में सेविंग अकाउंट रखने वाला ग्राहक एक महीने में सिर्फ 5 दफा दूसरे बैंकों के एटीएम का फ्री इस्तेमाल कर सकता है। 5 बार से ज्यादा इस्तेमाल पर उनसे चार्ज लिया जाएगा। करंट अकाउंट रखने वाले ग्राहकों को दूसरे बैंक के एटीएम के इस्तेमाल पर हर बार पैसे देने होंगे। आईबीए ने यह सिफारिश भी थी कि कोई भी ग्राहक दूसरे बैंक के एटीएम से 1 बार में कम से कम 10 हजार रुपये निकाले, पर छोटे ग्राहकों के हितों को ध्यान में रखते हुए आरबीआई ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। गौरतलब है कि रिजर्व बैंक ने ऐलान किया था कि इस साल 1 अप्रैल से दूसरे बैंकों से अकाउंटस के बारे में जानकारी प्राप्त करने और पैसे निकालने पर ग्राहकों से चार्ज नहीं लगेगा। पर थर्ड पार्टी एटीएम ट्रांजेक्शन की सूरत में बैंक संबंधित बैंकों से 18-20 रुपये प्रति महीना चार्ज कर सकते हैं। पर बाद में इस पर बंदिश लगाने की सिफारिश की गई है और आगामी गुरुवार से यह व्यवस्था लागू होने जा रही है।

शिल्पा शेट्टी पर उनके रेस्तरां के पूर्व बॉस ने 60 लाख पाउंड (करीब 44 करोड़ रुपये) का मुकदमा ठोक दिया

बॉलिवुड ऐक्ट्रिस शिल्पा शेट्टी पर उनके रेस्तरां के पूर्व बॉस ने 60 लाख पाउंड (करीब 44 करोड़ रुपये) का मुकदमा ठोक दिया है। फास्ट फूड रेस्टोरेंट टिफिन बाइट्स के संस्थापक 42 वर्षीय जमाल हिरानी ने दावा किया कि शिल्पा का रास्ता साफ करने के लिए उन्हें जबरन निकाला गया। इससे पहले उन्होंने एक इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल में साढ़े दस लाख पाउंड का दावा करते हुए मुकदमा दायर किया था। लंदन इवनिंग स्टैंडर्ड ऑनलाइन ने यह जानकारी दी है। हिरानी ने अब हाई कोर्ट में 60 लाख पाउंड का मुकदमा दायर किया है। हिरानी ने आरोप लगाया है कि उन्हें जबरन कंपनी से निकाला गया। इससे कंपनी को बंद करने और उसे नए नाम से खोलने का रास्ता साफ हो गया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ गलत आरोप लगाए गए। यह मेरी कंपनी थी और मुझे ही हटा दिया गया। रियेलिटी शो बिग ब्रदर में भाग लेने के बाद ब्रिटेन में काफी जाना पहचाना नाम बन चुकी शिल्पा शेट्टी हाल ही में कंपनी की सह अध्यक्ष बनी थीं। इसके लिए शिल्पा और उनके मंगेतर राज कुंद्रा ने कंपनी के 33 फीसदी शेयर खरीदने के लिए 60 लाख पाउंड का भुगतान किया था। उधर, शिल्पा के प्रवक्ता ने इस विवाद पर कहा कि यह मामला शिल्पा और राज के कंपनी में हिस्सेदारी खरीदने से पहले का है। शिल्पा को निष्पक्ष फैसले की उम्मीद है।

Friday, October 9, 2009

दिखावा इकानॉमी क्लास का, सफर बिजनेस क्लास में

पायलटों ने मंत्रियों के कथित किफायत अभियान की पोल खोल दी है। उनका कहना है कि अगर मंत्री जी नाराज होते हैं, तो इसके लिए हमें जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। वजह यह है कि मंत्री महोदय किफायत अभियान को चमकाने के लिए अपनी बुकिंग तो इकॉनमी क्लास में करवाते हैं, लेकिन वे सफर विमान के बिजनस क्लास में ही करना चाहते हैं। इंडियन कमर्शल पायलट्स असोसिएशन (आईसीपीए) द्वारा एयर इंडिया के सीएमडी अरविंद जाधव को लिखे गए एक विरोध पत्र से इसका खुलासा हुआ है। पत्र में कहा गया है कि मंत्री लोग फ्लाइट में बुकिंग तो करवाते हैं इकॉनमी क्लास में, लेकिन फिर दबाव डालने लगते हैं कि उन्हें 'जे' क्लास यानी बिजनस क्लास में अपडेट कर दिया जाए। उनकी फरमाइश पूरी न हो, तो वे अक्सर बखेड़ा खड़ा करते हैं। इससे पायलटों पर दबाव पड़ता है। पायलटों की गुजारिश है कि मंत्री महोदय की नाराजगी के लिए हमें कसूरवार न माना जाए।

बाकी कुछ बचा तो, मंहगाई मार गई

सड़क किनारे लगने वाली सब्जी की दुकान पर परसादी लाल ने जब एक आलू उठाकर भाव पूछा तो 8 रुपये पाव दाम सुनते ही हाथ से आलू छूट गया। सब्जी वाला जो परसादी की तरह ही परेशान लग रहा था पूछ बैठा, क्या हुआ? बस परसादी के सब्र का बांध टूट गया। आग लगे जा रही है महंगाई में। हम आलू की खेती में बर्बाद होकर दिल्ली में आकर मजूरी कर रहे हैं और वही आलू अब 8 का पाव बिक रहा है। सब्जी वाले को परसादी अपना सा लगा। बोला - बानी से पहचान गया कि अपने उधर का ही है। बताने लगा कि प्याज सात का पाव और नीबू 6 का एक है। कौन खरीदेगा? महंगाई पर शुरू हुई चर्चा चुनावों तक जा पहुंची और चुनावों से नेताओं के ऐश और जनता के संघर्षों पर बात होने लगी। 13 अक्टूबर को हरियाणा के अलावा महाराष्ट्र और अरुणाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव हैं। तीनों जगह कांग्रेस की सरकारें हैं। जब चुनावों की घोषणा हुई थी तो कांग्रेस तीनों जगह जोरदार जीत के दावे कर रही थी। मगर जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, कांग्रेस को असली चुनौती समझ में आने लगी है। कांग्रेस को विपक्ष की चिंता नहीं क्योंकि तीनों राज्यों में विपक्ष मजबूत नहीं है। असली खतरा उसे परसादी की इस भविष्यवाणी से लग रहा है कि वोट डालने जाएगा कौन? जनता गुस्से में है और जब जनता गुस्से में होती है तो वह यह तय करती है कि वोट किसे नहीं देना। यह नहीं देखती कि वोट कुएं में जा रहा है या खाई में। हालांकि कांग्रेस ऊपरी तौर पर यह कह रही है कि लोकसभा चुनाव में भी महंगाई थी। पार्टी के सीनियर नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी ने कहा कि जनता महंगाई की वजह जानती है। महंगाई से कांग्रेस की संभावनाओं पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। पर महंगाई से अंदर ही अंदर चिंतित कांग्रेस के नेता 11 साल पहले दिल्ली विधानसभा के चुनाव को याद कर रहे हैं, जिसमें प्याज ने बीजेपी को रुलाया था और उन्हें सत्ता में पहुंचाया था। तब प्याज 80 रुपये किलो बिक रहा था। बीजेपी को प्याज इतना महंगा पड़ा कि वह आज तक दिल्ली की सत्ता में वापसी नहीं कर सकी है। जनता के संपर्क में रहने वाले कांग्रेस के कुछ बड़े नेताओं को यह जानकारी है कि गरीबों, मजदूरों, किसानों, छोटे दुकानदारों और कम वेतन पाने वाले मुलाजिमों से लेकर मध्यम आय वर्ग तक में परसादी की तरह महंगाई के सवाल पर गुस्सा फैल रहा है। गुरुवार को एक बड़े नेता ने जब आलू-प्याज के भाव सुनकर दालों और चीनी के भाव मालूम किए तो उनके चेहरे पर भी शिकन पड़ गई। कांग्रेस के एक बड़े नेता ने कहा कि जिन राज्यों में चुनाव हो रहे हैं, वहां हमारी सरकारें हैं। वहां जमाखोरों पर छापे नहीं मारे जाना समझ के बाहर है। देश की राजधानी दिल्ली में अगर जमाखोरों पर कड़ी कार्रवाई की जाए तो पूरे देश में असर पड़ेगा। कांग्रेस के सूत्र मान रहे हैं कि महंगाई तीनों राज्यों में पाटीर् की अच्छी संभावनाओं को खराब कर सकती है।