Wednesday, July 8, 2015

हिंदू लड़की के साथ भाग गया

गुजरात पुलिस के आतंक विरोधी दस्ते ने 42 साल के शराब तस्कर मासूम कालू महिदा को हिरासत में लिया है । वह नाडियाद की रहने वाली एक हिंदू लड़की के साथ भाग गया था। लड़की मासूम से आधी उम्र की थी।
अंग्रेजी अखबार डेली मेल की खबर के अनुसार महिदा की पहले से दो बीवियां हैं। पूरा नाडियाद शहर इस कथित लव जिहाद के विरोध में दो दिनों तक बंद रहा।
बाद में महिदा की ओर से एक विडियो जारी कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया, जिसमें पटेल बिरादरी से ताल्लुक रखने वाली इस लड़की को यह कहते दिखाया गया कि वह बिना किसी दबाव के अपनी मर्जी से घर से गई है।
इसके बावजूद लड़की के रिश्तेदारों ने इस शराब तस्कर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। परिजनों का आरोप है कि महिदा लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ लेकर गया है।
पुलिस अब लड़की की तलाश कर रही है ताकि पुलिस स्टेशन लाकर उसका बयान दर्ज किया जा सके। महिदा की किस्मत का फैसला लड़की के बयान पर निर्भर करेगा। हालांकि, पुलिस का कहना है कि अगर महिदा इस मामले में छूट भी जाता है, तब भी उसे शराब की तस्करी के मामले में गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जैसे दक्षिणपंथी संगठन लड़की के परिवार के समर्थन में आ गए हैं। दोनों संगठनों की स्थानीय इकाइयों ने धमकी दी है कि अगर पुलिस महिदा और उसके साथियों के खिलाफ वाजिब कार्रवाई नहीं करती, तो वे अपना विरोध प्रदर्शन और तेज कर देंगे।

Monday, July 6, 2015

बिन ब्याही मां को उसके बच्चे का लीगल गार्जियन

सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में सोमवार को कहा कि बिन ब्याही मां को उसके बच्चे का लीगल गार्जियन नियुक्त  किया जा सकता है और इसके लिए बच्चे के पिता की मंजूरी की जरूरत नहीं होगी। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि बच्चे के पिता की पहचान जाहिर करना मां के लिए जरूरी नहीं है।
गार्जियनशिप से जुड़े कुछ मामलों में मां के लिए बच्चे के पिता का नाम याचिका में बताना जरूरी नहीं रह गया है। जस्टिस विक्रमजीत सेन ने इस मामले में कहा कि बच्चे के हित में यह जरूरी है कि उसके पिता को नोटिस देने की आवश्यकता से छुटकारा दिया जाए।
सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में एक मां ने बच्चे के लीगल गार्जियन बनने के लिए दायर याचिका में उसके पिता को शामिल किए जाने की कानूनी बाध्यता को चुनौती दी थी जिससे उसने कभी शादी ही नहीं की थी। याचिका में बच्चे की मां ने कहा कि उसके पिता को बच्चे के अस्तित्व के बारे में पता भी नहीं है।
'
दी गार्जियन ऐंड वॉर्ड्स ऐक्ट' और 'हिंदू माइनॉरिटी ऐंड गार्जियनशिप ऐक्ट' के तहत बच्चे के लीगल गार्जियन का फैसला करते वक्त उसके पिता की सहमति लेना जरूरी होता है। इस मामले में महिला ने इस प्रावधान को चुनौती दी थी।

परंपरागत वस्त्रों की जगह पश्चिमी स्टाइल के जींस, पैंट, शर्ट, बिकीनी, ब्रा

वह जमाना गुजर गया जब भारतीय महिलाएं पारंपरिक कुर्ता, सलवार पहने और घूंघट डाले होती थीं। जमाने की रफ्तार के साथ कदम-कदम से मिलाकर महिलाएं भी जीना सीख गई हैं और परंपराओं के मकड़जाल से बाहर निकलकर अपनी मर्जी की जिंदगी जीने को तरजीह दे रही हैं।
रुझानों से पता चलता है कि महिलाएं अपने इनरवेअर को लेकर काफी अलर्ट लगती हैं। वे इन वस्त्रों की ज्यादा से ज्यादा खरीददारी कर रही हैं। कंसल्टेंसी फर्म वजीर अडवाइजर्स की एक रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है, एक भारतीय महिला पहले के 5-6 पीस ब्रैजियर की तुलना में अब करीब 8 ब्रैजियर स्टॉक में अपने पास रखती हैं। उनके वार्डरोब में पैंटीज की संख्या लगभग दोगुनी होकर 10 हो गई है। हालांकि इनरवेअर को लेकर काफी बदलाव आए हैं लेकिन आउटरवेअर में इसकी तुलना में ज्यादा बदलाव हुआ है। परंपरागत वस्त्रों की जगह पश्चिमी स्टाइल के जींस, पैंट, शर्ट, बिकीनी, ब्रा ने ले लिया है।
भारतीय महिलाओं के इस बढ़ते रुझान से देसी ब्रैंड्स जैसे सोई, कोल्विया, कैलिबरा, प्रिटी सीक्रिट और सोनारी को रंग-बिरंगे और अलग-अलग पैटर्न के अपने प्रॉडक्ट को लॉन्च करने के लिए हौसला मिला है। करीब 11,000 करोड़ के इस मार्केट में वे अपनी पहचान बना रहे हैं। ऑनलाइन फैशन रिटेलर फैशनराडॉटकॉम के सह संस्थापक और चीफ ऐग्जिक्युटिव अरुण सिरदेशमुख ने कहा, 'ऑनलाइन बिकने वाली हर 10 इनरवेयर में करीब चार देसी ब्रैंड के होते हैं। इन देसी ब्रैंड्स ने अपने चमकते रंगों,डिजाइन और कट्स वाले प्रॉडक्ट की मदद से मिड प्रीमियम मार्केट में मजबूत पकड़ बनाई है। ज्यादातर भारतीय ब्रैंड्स लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।
वजीर अडवाइजर्स के मैनेजमेंट कंसल्टेंट प्रशांत अग्रवाल ने बताया, 'ज्यादातर भारतीय ब्रैंड मिड इकॉनमी सेगमेंट में है और जनमानस को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। सिर्फ एक या दो ब्रैंड्स ही प्रीमियम सेगमेंट में हैं। अवसर को देखते हुए अब सोनारी प्रीमियम रेंज में प्रॉडक्ट लॉन्च कर रही है और आने वाले समय में हम देखेंगे कि और भी डोमेस्टि ब्रैंड्स इसका अनुसरण कर रहे हैं।' 

Thursday, July 2, 2015

भारत में मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी सेवा शुरू

शुक्रवार 3 जुलाई से भारत में मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी सेवा शुरू होने जा रही है।  पहले इस सेवा को 3 मई से लागू किया जाना था, लेकिन बाद में इसके लॉन्च की तारीख आगे बढ़ा दी गई।
एक वरिष्ठ टेलिकॉम अधिकारी ने बताया कि 3 जुलाई से यह सर्विस शुरू हो जाएगी। पूरे देश में मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के लागू होने के बाद ग्राहकों को शहर या सर्कल बदलने पर अपना मोबाइल नंबर नहीं बदलना होगा।
मौजूदा सिस्टम में अगर किसी व्यक्ति के पास दिल्ली का नंबर हो, तो उसे मुंबई, चेन्नै या किसी और सर्कल में ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। उन सर्कल्स में मूव करने पर उसे अलग ही नंबर लेना होगा।
फुल नंबर पोर्टेबिलिटी को 3 मई को शुरू होना था। लेकिन सेल्युलर ऑपरेटर्स असोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) ने टेलिकॉम ऑपरेटर्स से सर्विस लागू होने से रोकने की अपील की थी ताकि टेलिकॉम ऑपरेटर्स इसके लिए जरूरी तकनीकी बदलाव कर सकें। मंत्रालय ने इसके लिए दो महीने की मोहलत दी थी।
पिछले महीने, टेलिकॉम मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि यह सुविधा जुलाई तक तैयार हो जाएगी। COAI के डायरेक्टर जनरल राजन मैथ्यूज़ ने कहा कि इंडस्ट्री अब इसके लागू होने के लिए तैयार है और अब इसमें देर होने की कोई संभावना नहीं है

Wednesday, July 1, 2015

कोलकाता, तिरुअनंतपुरम और भोपाल जैसे 12 और शहरों के ट्रैफिक से संबंधित जानकारियां आसानी से- गूगल मैप्स पर

अब आप गूगल मैप्स पर कोलकाता, तिरुअनंतपुरम और भोपाल जैसे 12 और शहरों के ट्रैफिक से संबंधित जानकारियां आसानी से हासिल कर सकेंगे।
कम्पनी ने बताया कि इन शहरों में कोयंबटूर, लखनऊ, सूरत, इंदौर, लुधियाना, विशाखापटनम, नागपुर, कोच्चि और मदुरई भी शामिल हैं। इसके अलावा जानकारी दी गई कि गूगल मैप्स के इस नए अपडेट के बाद भारत के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेस वे पर ट्रैफिक की जानकारी गूगल मैप्स पर नजर आएगी।
गूगल के प्रोग्राम मैनेजमेंट विभाग के डायरेक्टर सुरेन रुहेला ने कहा, 'हम गूगल मैप्स को भारतीयों के लिए रोज़ काम में आने वाला कारगर टूल बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि यह नई रियल-टाइम ट्रैफिक सूचना इन 12 शहरों में रहने वाले लोगों और राष्ट्रीय राजमार्गों से सफर करने वाले सभी ड्राइवरों के लिए बेस्ट रूट ढूंढने में काम आएगी और वे बिना किसी देरी के अपनी मंज़िल तक पहुंच सकेंगे।'
यह ट्रैफिक फीचर गूगल मैप्स के मोबाइल और डेस्कटॉप दोनों वर्जन्स पर मौजूद है।  इसके जरिये कोई भी व्यक्ति देश के 34 शहरों में वास्तिक ट्रैफिक स्थिति की जानकारी पा सकता है।  एक बार गूगल मैप पर ट्रैफिक लेयर ऑन करने के बाद, यात्री अलग-अलग रास्तों को ट्रैफिक की स्पीड के मुताबिक अलग-अलग रास्तों में देख सकते हैं।
इस स्टेटमेंट में बताया गया है, कि 'हरे का मतलब है कि रोड पर ट्रैफिक स्मूथ है। ऑरेंज का मतलब कि औसत दर्जे का ट्रैफिक है और लाल का मतलब कि बड़ी मात्रा में ट्रैफिक कंजेशन है।'  नेविगेशन मोड में गूगल मैप्स रियल टाइम ट्रैफिक इन्फर्मेशन के इस्तेमाल से आने-जाने के समय को ठीक से आंक सकते हैं और जल्दी पहुंचने के लिए वैकल्पिक रूट्स भी सुझा सकते हैं।

सभी डिवाइसेज पर फ्री अनलिमिटेड इंटरनेट ब्राउज़िंग

कम कीमत में इंटरनेट कनेक्टिविटी और वायरलेस वेब ऐक्सेस प्रॉडक्ट्स उपलब्ध कवाने वाली कम्पनी डेटाविंड ने ऐलान किया है कि कम्पनी एक साल तक अपने सभी डिवाइसेज पर फ्री अनलिमिटेड इंटरनेट ब्राउज़िंग देगी।
सभी नए कस्टमरों को रिलायंस कम्युनिकेशन्स के जीएसएम नेटवर्क पर फ्री इंटरनेट ब्राउजिंग उपलब्ध करवाई जाएगी। 
पूरी रेंज में फ्री इंटरनेट ब्राउजिंग के लॉन्च का जश्न मनाने के लिए डेटाविंड ने नापतोल के साथ एक एक्सक्लूज़िव करार किया है। इस ऑफर का नाम UbiSlate 7C+x रखा गया है। इसमें UbiSlate 7C+, एक ड्यूल सिम 7 इंच ऐंड्रॉयड टैबलेट और एक माइक्रोयूएसबी पावर्ड कीबोर्ड विथ कवर सिर्फ 4,999 रु में बेचा जाएगा। यह ऑफर नापतोल के टीवी, प्रिंट और ऑनलाइन शॉपिंग प्लैटफॉर्म्स पर 29 जून 2015 से शुरू होगा।
इस मौके पर बात करते हुए कम्पनी के प्रेजिडेंट और सीईओ सुनीत सिंह तुली ने कहा, 'हाल ही में लॉन्च किए गए पॉकेट सर्फर स्मार्टफोन को उपभोक्ताओं की तरफ से मिले ज़बरदस्त रेस्पॉन्स के बाद हमने यह फैसला किया। आज से शुरू होकर, हमारी पूरी रेंज पर इंटरनेट ब्राउजिंग ऐक्सेस फ्री होगी और हम नापतोल के साथ एक स्पेशल वैल्यू ऑफर भी ला रहे हैं।

Monday, June 29, 2015

बेटिंग में शामिल

आईसीसी ने रविवार को इस बात की पुष्टि की है कि उसे ललित मोदी का वह गोपनीय ई-मेल मिला था जिसमें तीन इंटरैनशनल खिलाड़ियों के बेटिंग में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। आईसीसी ने इसे बीसीसीआई की ऐंटी-करप्शन यूनिट के साथ भी साझा किया था। साथ ही इसे आईसीसी की ऐंटी-करप्शन और सिक्यॉरिटी यूनिट (एसीएसयू) को भी उपलब्ध कराया गया था। 
आईपीएल के पूर्व प्रमुख रहे ललिल मोदी ने शनिवार को आरोप लगाया था कि भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना, रवींद्र जडेजा और वेस्ट इंडीज के ड्वेन ब्रावो ने एक बुकी से रिश्वत ली थी जोकि एक बिल्डर भी था। ये तीनों खिलाड़ी आईपीएल फ्रेंचाइजी चेन्नै सुपरकिंग्स के खिलाड़ी हैं। मोदी ने शनिवार को कई ट्वीट्स करते हुए आरोप लगाया था कि एचडीआईएल डॉट को के रियल एस्टेट टायकून बाबा दीवान ने खिलाड़ियों को पैसे के अलावा अपार्टमेंट्स दिए थे। 
मोदी ने कहा कि जब वह आईपीएल चीफ थे तो उन्होंने बाबा को आईपीएल टीम के लिए बोली लगाने से बैन कर दिया था। मोदी ने दावा किया कि बाबा दीवान गुरुनाथ मयप्पन और राज कुंद्रा का अच्छा दोस्त था। राज और मयप्पन पर 2013 में आईपीएल बेटिंग और मैच फिक्सिंग में शामिल होने की बात सामने आई थी। मोदी ने साथ ही एक लेटर भी पोस्ट किया और दावा किया कि उन्होंने यह लेटर जून 2013 में आईसीसी के सीईओ डेव रिचर्डसन को पूरी जानकारी के साथ भेजा था और इसके खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश की थी। 
मोदी द्वारा जिन तीन खिलाड़ियों का नाम लिया गया है उनसे अब तक न तो आईसीसी और न ही बीसीसीआई ने इस मामले बातचीत या जांच नहीं की है। आईसीसी ने अपने बयान में कहा है, 'आईसीसी इस बात की पुष्टि करती है कि हाल ही में ट्विटर पर प्रकाशित मिस्टर मोदी का गोपनीय ई-मेल, जून 2013 में उसे मिला था, जिसे उसी समय ऐंटी-करप्शन और सिक्यॉरिटी यूनिट को दे दिया गया था। उस जानकारी पर एसीएसयू ने इसके मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुसार काम किया था, जिसमें इसे बीसीसीआई की ऐंटी-करप्शन यूनिट के साथ साझा किया जाना शामिल था।' आईसीसी ने कहा है कि वह इस मामले में और कोई टिप्पणी नहीं करेगी। 
इससे पहले रविवार को क्रिकेट असोसिएशन ऑफ बिहार (सीएबी) के सेक्रेटरी आदित्य वर्मा ने आईसीसी को पत्र लिखकर तीन इंटरनैशनल खिलाड़ियों के गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने के आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा था। वर्मा ने रिचर्डसन को संबोधित करते हुए पत्र में आईसीसी की विश्वसनीयता और अखंडता को बचाने की अपील की थी।