Friday, December 12, 2014

संयुक्त राष्ट्र ने गुरुवार 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में स्वीकर कर लिया

संयुक्त राष्ट्र ने गुरुवार रात 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में स्वीकर कर लिया। भारत के लिए यह एक गौरव का क्षण रहा क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद संयुक्त राष्ट्र के अपने संबोधन में इसकी पहल कर चुके थे। 
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जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का औपचारिक प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र में 170 सदस्यों के भारी बहुमत से पारित हुआ। जानकारी के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने यह प्रस्ताव पारित होने पर कहा कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के तौर पर स्वीकार किए जाने से आधुनिक दुनिया में स्वास्थ्य और मानव कल्याण के क्षेत्र में योग के लाभों पर ध्यान खिंचेगा।

मून ने कहा कि योग एक ऐसी परंपरा है, जिससे शांति व विकास में योगदान मिलेगा। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 69वें अधिवेशन के प्रेजिडेंट सैम कुटेसा ने अपने संदेश में कहा कि 170 से अधिक देशों द्वारा इस प्रस्ताव को समर्थन देने से पता चलता है कि दुनिया भर में योग लोगों को कितना मोहित करता है।
कुटेसा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस पहल के लिए वह उन्हें बधाई देते हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा में 27 सितंबर को अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने इस आशय का प्रस्ताव रखा था।
इस फैसले पर पीएम मोदी ने ट्वीट कर कुछ ऐसे प्रतिक्रिया दी, 'प्रफुल्लित! संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मनाने की स्वीकृति दी गई है। मेरे पास अपनी खुशी को बयां करने के लिए शब्द नहीं है। मैं इस फैसले का स्वागत करता हूं।' पीएम मोदी ने इसके साथ ही दुनिया भर के उन 177 देशों को भी शुक्रिया कहा है जिन्होंने 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मनाये जाने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई।

आईएसआईएस के लिए भर्ती का सबसे बड़ा ऑनलाइन अभियान भारत से ही

खूंखार आतंकी संगठन आईएसआईएस के लिए भर्ती का सबसे बड़ा ऑनलाइन अभियान भारत से ही चलाया जा रहा है। बेंगलुरु में बैठा एक भारतीय ही आईएसआईएस का सबसे प्रभावशाली ट्विटर अकाउंट चला रहा है। यह दावा ब्रिटिश न्यूज चैनल 'चैनल4' ने किया है। 
चैनल ने दावा किया है कि उसने इस शख्स से बात भी की है जिसका नाम 'मेहदी' से शुरू होता है। यह शख्स एक भारतीय कंपनी में बतौर मार्केटिंग ऐग्जिक्युटिव काम करता है। चैनल का कहना है, 'वह Shami Witness के नाम से ट्वीट करता है, जिन्हें हर महीने करीब 20 लाख लोग देखते हैं। यह आईएस से जुड़ा सबसे प्रभावी ट्विटर अकाउंट है, जिसके 17700 से अधिक फॉलोवर हैं। ' 

चैनल का कहना है कि इस शख्स के नाम का खुलासा इसलिए नहीं किया गया है क्योंकि इससे उसकी जान को खतरा पैदा हो सकता है। इस पूरे मामले पर अब तक भारत की ओर से भी कई प्रतिक्रिया नहीं आई है। 
जब चैनल4 के रिपोर्टर ने इस शख्स से संपर्क किया तो उसने ट्विटर हैंडल "@ShamiWitness" को बंद कर दिया। यह अकाउंट जिहादियों, आईएसआईएस समर्थकों और रिक्रूट्स के लिए जानकारी का सबसे बड़ा स्रोत था। आईएसआईएस के लिए लड़ रहे दो तिहाई विदेशी लड़ाके इस ट्विटर अकाउंट को फॉलो करते हैं। चैनल इस शख्स के बारे में बताता है, 'आईएसआईएस के प्रॉपेगैंडा को फैलाने के लिए यह शख्स दिनभर में हजारों ट्वीट करता है।' 
चैनल के मुताबिक, मेहदी ने उससे कहा कि वह भी आईएसआईएस जॉइन करना चाहता है लेकिन उसका परिवार उस पर निर्भर है। मेहदी ने चैनल को कहा, 'यदि मुझे सब कुछ छोड़कर उनसे जुड़ने का मौका मिलता तो ऐसा करता... मेरे परिवार को मेरी जरूरत है। मेरे मां-बाप, वे सभी आर्थिक जरूरतों के लिए मुझ पर निर्भर हैं।' चैनल को दिए इंटरव्यू में मेहदी ने यह भी माना है कि वह कुछ ब्रिटिश जिहादियों के साथ संपर्क में है। 
अपनी रिपोर्ट में चैनल ने दावा किया है कि मेहदी अपने फेसबुक पेज पर नियमित तोर पर जोक्स शेयर करता है, हंसी-मजाक वाली तस्वीरें पोस्ट करता है और सुपरहीरो की मूवी के बारे में भी लिखता है। वह दोस्तों के साथ पिज्जा खाने और पार्टीज की भी तस्वीरें पोस्ट करता है। यह शख्स रेप के खिलाफ भी फेसबुक पर स्टेट्स पोस्ट करता है। 

Wednesday, December 10, 2014

आगरा में धर्मपरिवर्तन

आगरा में धर्मपरिवर्तन के लिए कथित तौर पर प्रलोभन दिए जाने की खबर से जुड़ा मामला आज संसद में उठा और तृणमूल कांग्रेस, एनसीपी, एसपी के सदस्यों ने प्रधानमंत्री से 'अपने लोगों' को ऐसे कामों से रोकने को कहा। हालांकि, केंद्र सरकार ने सदन में इस मसले में साफ कर दिया है कि यह राज्य सरकार का मसला है और उत्तर प्रदेश सरकार इसमें कार्रवाई कर रही है।
आज सुबह लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने पर तृणमूल कांग्रेस सदस्यों ने अपने हाथ में अखबार की प्रति लहराते हुए आगरा में धर्मपरिवर्तन में कथित धोखाधड़ी का मामला उठाया। एसपी, एनसीपी के सदस्यों ने भी इसका समर्थन किया। तृणमूल सदस्य सुल्तान अहमद ने कहा, 'अगरा में क्या हो रहा है? धर्मपरिवर्तन के नाम पर क्या हो रहा है? प्रधानमंत्रीजी सदन में मौजूद हैं, आप अपने लोगों को ऐसा करने से रोकें।

इस पर बीजेपी सदस्य किरिट सोमैया ने तृणमूल के एक सदस्य (कल्याण बनर्जी) की प्रधानमंत्री के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी के विषय को उठाया। उन्होंने कहा कि इस बारे में उन्होंने नोटिस दिया है। अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने इस पर कहा कि उन्हें नोटिस मिला है और वह इस बारे में सदस्य से बात करेंगी। आरजेडी के जयप्रकाश नारायण यादव ने लुधियाना में बिहार की एक युवती से कथित बलात्कार के विषय को उठाया। अध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं की बात पर वह पूरी तरह से गंभीर हैं और चर्चा कराने को तैयार हैं। लेकिन अभी प्रश्नकाल चलने दिया जाए। संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने भी सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह किया। इसके बाद प्रश्नकाल सुचारू रूप से चले।
राज्यसभा में विपक्ष ने पीएम से बयान देने की मांग की। मायावती ने कहा,'यह गंभीर मामला है। इसमें लालच की बात सामने आ रही है। समाजवादी पार्टी की सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। यह बीजेपी और उसके सहयोगी संगठनों का काम है। सांप्रदायिकता फैलाने की कोशिश है। यूपी के साथ देशभर में आग फैलाएंगे।'
इसके जवाब में संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सरकार को भी इसकी चिंता है, लेकिन यह राज्य सरकार से जुड़ा मसला है और जहां तक मुझे जानकारी है इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति के तहत इसमें कुछ सगंठनों (आरएसएस) का नाम चर्चा के दौरान घसीटा जा रहा है, मैं आग्रह करूंगा कि नाम रिकॉर्ड से हटा लिया जाए। इस मामले में समाजवादी पार्टी का कहना है कि उनकी सरकार इसे गंभीरता से ले रही है और इसकी जांच कर रही है।

Monday, December 8, 2014

सदन में सामान्य ढंग से

साध्वी निरंजन ज्योति की विवादास्पद टिप्पणी के मुद्दे पर राज्यसभा में पिछले एक सप्ताह से चला आ रहा गतिरोध सोमवार को सभापति के एक प्रस्ताव पढ़ने के बाद समाप्त हो गया। प्रस्ताव में संसद के सभी सदस्यों, मंत्रियों और सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से सार्वजनिक बयानों में हर कीमत पर शिष्टता बरतने की बात कही गई है। इस तरह के बयान को लेकर विपक्ष की मांग पर आज आखिरकार सहमति बन गई और उच्च सदन में तीन बार के स्थगन के बाद प्रश्नकाल के दौरान सभापति के यह बयान पढ़े जाने के बाद सदन में सामान्य ढंग से कामकाज चलने लगा। 
सभापति हामिद अंसारी ने प्रस्ताव में कहा,'सदन इस सभा में 4 दिसंबर को प्रधानमंत्री के दिए गए बयान पर सहमति जताते हुए संसद के सभी सदस्यों, मंत्रियों और सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से अपील करता है कि संसदीय लोकतंत्र को सफलतापूर्वक चलाने की खातिर और संवैधानिक मूल्यों के लिए हमारी प्रतिबद्धता को बरकरार रखने के मकसद से सार्वजनिक बयानों में हर कीमत पर शिष्टता कायम रखी जाए।' 

इससे पहले सोमवार को सदन की बैठक शुरू होने पर विपक्ष ने इस तरह का निंदा प्रस्ताव लाने की अपनी मांग को फिर दोहराया। कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा ने दो पंक्ति का निंदा प्रस्ताव पारित करने की पेशकश की। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर सदन में मतदान कराया जाना चाहिए। संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद और ससंदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने उनकी इस पेशकश का कड़ा विरोध किया। 
उपसभापति पी जे कुरियन ने भी इसे नामंजूर करते हुए कहा कि यह प्रस्ताव उनकी मंजूरी से नहीं लाया गया है। उपसभापति द्वारा प्रस्ताव को पेश करने की मंजूरी नहीं दिए जाने के विरोध में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल के कई सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के पास आ गए। इसी बीच सत्ता पक्ष के कई सदस्यों ने सदन की कार्यवाही चलने देने की मांग शुरू कर दी। सदन में हो रहे हंगामे के कारण उप सभापति ने दोपहर करीब सवा ग्यारह बजे बैठक को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। बाद में कारण बताए बिना बैठक को 15 मिनट और 10 मिनट के लिए फिर स्थगित किया गया। 
राज्यसभा सूत्रों के अनुसार, इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच यह सहमति बनी कि प्रधानमंत्री के सदन में दिए गए बयान के आधार पर सभापति एक प्रस्ताव पढ़ेंगे, जिसमें सार्वजनिक बयानों में शिष्टता बरतने की बात होगी। इसी सहमति के आधार पर बाद में सभापति ने सदन में प्रस्ताव पढ़ा और गतिरोध समाप्त हो गया। 
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह मंगलवार से ही साध्वी निरंजन ज्योति की विवादस्पद टिप्पणियों को लेकर सदन में गतिरोध बना हुआ था। साध्वी निरंजन ज्योति ने मंगलवार को दोनों सदनों में दिए गए बयान में अपने शब्दों पर खेद व्यक्त किया था। उन्होंने राज्यसभा में यह भी कहा था कि अगर सदन को लगता है तो वह अपनी टिप्पणियों पर माफी मांगने के लिए भी तैयार हैं। 
बाद में विपक्ष की मांग पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दोनों सदनों में दिए गए बयान में मंत्री के एक सार्वजनिक सभा में दिए गए विवादास्पद बयान को पूरी तरह से नामंजूर कर दिया था। लेकिन विपक्ष प्रधानमंत्री की मांग से संतुष्ट नहीं हुआ और उसने पहले मंत्री को बर्खास्त करने और बाद में अपने रुख को नरम करते हुए निंदा प्रस्ताव पारित किए जाने की मांग की थी। सरकार पिछले हफ्ते निंदा प्रस्ताव की विपक्ष की मांग पर यह कह कर सहमत नहीं हुई थी कि प्रधानमंत्री के बयान के बाद यह मामला समाप्त हो जाना चाहिए।

Saturday, December 6, 2014

दोनों ही परिवारों ने एफआईआर नहीं दर्ज करवाने का फैसला किया

हर बात इसी तरफ इशारा कर रही थी कि यह जोड़ी स्वर्ग में बनी है। खैर यदि वहां नहीं तो निश्चित तौर पर चर्चित सोशल नेटवर्किंग साइट से, जिसने अच्छे परिणामों का वादा किया था। इसके बाद लड़की ने लड़के से मुलाकात की और चंद मुलाकातों के बाद लड़के और लड़की ने शादी करने का फैसला किया।
लेकिन इसके बाद जो कुछ हुआ उसके लिए कोई भी तैयार नहीं था। यह कहानी अचानक ही करण जौहरी की हैपी रोमांटिक कॉमिडी से रामगोपाल वर्मा की फिल्मों की कहानी में बदल गई। गुरुवार रात अलीगढ़ में शादी के दौरान भाभी अपने देवर की शादी से इतनी खुश थी कि वह खुशी से उछली और उसे (दूल्हे को) किस कर लिया। इस बात को लेकर दुल्हन और उसके परिवारवालों में गहरी नाराजगी दिखी। लेकिन इस बात से बेपरवाह भाभी ने देवर को डांस फ्लोर पर खींच लिया और उसके साथ डांस भी किया। इसके बाद तो लड़की के परिवारवालों के सब्र का बांध टूट गया।

इस बात को लेकर दोनों परिवारों के बीच विवाद पैदा हो गया, जिसके बाद खैर रोड स्थित शादी पार्टी की जगह अखाड़े में तब्दील हो गई और वहां आए 500 मेहमान खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। लड़की के परिवारवाले इस कदर नाराज थे कि उन्होंने न सिर्फ बारातियों की पिटाई की बल्कि दूल्हे को बंधक भी बना लिया।
घटना के दौरान वहां मौजूद रहीं अलीगढ़ की मेयर शकुंतला भारती ने बताया, 'लड़के को लड़की के परिवारवालों ने बंधक बना लिया था। वह उनकी कस्टडी में था। हालांकि यह उनका निजी मामला था लेकिन लड़के को छुड़ाने के लिए मुझे हस्तक्षेप करना पड़ा। मैं दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद देने आई थी। लेकिन वे लोग एक दूसरे पर बरस रहे थे। दोनों ही बहुत ही अच्छे और शिक्षित परिवारों से आते हैं। इसलिए यह थोड़ी शॉकिंग घटना है। दूल्हे को बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा।'
भारती ने बताया कि हालांकि मामले को शांत करने के लिए पुलिस को बुलाया गया था लेकिन दोनों ही परिवारों ने एफआईआर नहीं दर्ज करवाने का फैसला किया। दिल्ली गेट जोन, अलीगढ़ के एक पुलिस ऑफिसर ने कहा, 'वे लोग मामले का निजी समाधान चाहते हैं। मुझे नहीं लगता कि मुझे इस बारे में टिप्पणी करनी चाहिए जबकि हम इसमें शामिल नहीं थे।'

Friday, December 5, 2014

रामविलास पासवान ने भी इसे दलित मुद्दे से जोड़ दिया।

केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति की विवादास्पद टिप्पणी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दोनों सदनों में बयान देने के बावजूद मामला शांत न होता देख सरकार ने अब दलित कार्ड खेल दिया है। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और रामविलास पासवान ने आरोप लगाया है कि विपक्ष इस मुद्दे को जबरन इसलिए उछाल रहा है क्योंकि साध्वी दलित हैं। इस बीच लोकसभा में पीएम के बयान के बाद विपक्षी सांसदों ने वॉकआउट कर दिया, जबकि राज्यसभा की कार्यवाही हंगामे के चलते स्थगित कर दी गई। ऊपरी सदस्य नहीं चलने देने के विरोध में बीजेपी के सदस्य संसद भवन में गांधी की मूर्ति के पास धरने पर बैठ गए।
शुक्रवार सुबह कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़के और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी समेत सभी पार्टी सांसद मुंह पर काली पट्टी लगाए संसद भवन परिसर में नजर आए। इसके बाद जब लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, तब भी राहुल मुंह पर काली पट्टी लगाए सदन में बैठे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि मंत्री ने अपने शब्दों पर माफी मांग ली है, इसलिए अब इस बात को यहीं छोड़ देना चाहिए। इससे पहले गुरुवार को प्रधानमंत्री ने राज्यसभा में ज्योति निरंजन मामले पर संबोधित करते हुए यही अपील की थी।
लोकसभा में पीएम मोदी ने कहा, 'इस बयान के विषय में मुझे जानकारी मिली, उसी दिन सुबह मेरी पार्टी की बैठक थी। उसमें मैंने बहुत कठोरता से इस प्रकार की भाषा को नामंजूर किया। और मैंने यह भी कहा कि हम सबको इन चीजों से बचना चाहिए।' उन्होंन कहा, 'यह प्रकरण हम सबके लिए सीख भी है कि कोई मर्यादा न तोड़े। मैं सदन से आग्रह करूंगा देशहित में काम को आगे बढ़ाया जाए।' प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस मंत्री ने यह बयान दिया है, वह पहली बार सांसद चुनी गई हैं और गांव से आती हैं।
मोदी ने राज्यसभा में पिछले चार दिनों से कार्यवाही न चलने का जिक्र करते हुए कहा कि वह लोकसभा के सदस्यों के आभारी हैं कि उन्होंने सदन को चलने दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आप सब इतने वरिष्ठ हैं और जब मंत्री ने माफी मांग ली है, तो देशहित में काम को आगे बढ़ाना चाहिए।
इसके बाद सदन में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे उठे और कहा, 'कौन किस बैकग्राउंड से है, यह मुद्दा नहीं है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। बात यह है कि वह मंत्री हैं और बावजूद इसके ऐसा गैर-जिम्मेदाराना बयान दिया।' स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा कि प्रधानमंत्री खुद जब इस मुद्दे पर बयान दे चुके हैं तो अब इस पर और बात करना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही आगे बढ़ानी चाहिए लेकिन कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और टीएमसी के सभी सांसदों ने वॉकआउट कर दिया।
इस बीच साध्वी निरंजन ज्योति की विवादास्पद टिप्पणियों के लिए उन्हें बर्खास्त करने की मांग कर रहे विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित हो गई। सदन न चलने देने के विरोध में बीजेपी के राज्यसभा के सांसद महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास धरने पर बैठ गए हैं।
इस मुद्दे को अलग रंग देते हुए अल्पसंख्यक राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और रामविलास पासवान ने आरोप लगाया कि दलित होने की वजह से साध्वी पर निशाना साधा जा रहा है। मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि जब एक दलित महिला आपके सामने खेद प्रकट कर जाती है, तब भी आप लगातार उन्हें निशाना बना रहे हैं। रामविलास पासवान ने भी इसे दलित मुद्दे से जोड़ दिया।

Monday, December 1, 2014

बहादुरी के किस्से अब हर किसी की जुबान पर

हरियाणा के रोहतक में रोडवेज बस में छेड़छाड़ कर रहे मनचलों को सबक सिखाने वाली बहनों की बहादुरी के किस्से अब हर किसी की जुबान पर हैं। आम से लेकर खास तक, सब उनकी बहादुरी की तारीफ कर रहे हैं। हरियाणा सरकार ने इन बहादुर बहनों को गणतंत्र दिवस पर सम्मानित करने का फैसला किया है। हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर दोनों का सम्मान करेंगे।

राजनीतिक दलों के नेता भी इन दोनों बहनों की बहादुरी की तारीफ कर रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने कहा कि वह इन लड़कियों की बहादुरी सम्मान करती हैं, लेकिन किसी ने उनकी मदद नहीं की यह बेहद निंदनीय है।
वहीं कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने इस घटना के लिए हरियाणा सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जब रामपाल पर इतना पैसा खर्च कर सकती है, तो फिर लड़कियों की सुरक्षा पर ध्यान क्यों नहीं दिया जा सकता है।
केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने भी लड़कियों की बहादुरी की तारीफ करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं पर कानून और पुलिस तब तक अंकुश नहीं लग सकती, जब तक लोग साथ खड़े नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि बस में मौजूद लोगों का रुख इस घटना में बेहद निंदनीय रहा। कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा ने कहा कि वह इन बहादुर बच्चियों की बहादुर की तारीफ करते हैं। इस घटना में लोग और ड्राइवर-कंडक्टर मूकदर्शक बने रहे, यह बेहद गलत था।