Monday, July 14, 2014

हाफिज सईद और वेद प्रताप वैदिक की मुलाकात से सरकार का कोई लेना-देना नहीं

जाने-माने पत्रकार और योग गुरु बाबा रामदेव के सहयोगी वेद प्रताप वैदिक की पाकिस्तान में मोस्ट वॉन्डेट कट्टरपंथी नेता हाफिज सईद से मुलाकात के बाद देश की राजनीति का पारा चढ़ गया है। कांग्रेस ने बम्बई धमाके के आरोपी हाफिज सईद से मुलाकात को लेकर वैदिक और बाबा रामदेव पर हमला बोला। विपक्षी पार्टी ने बीजेपी और सरकार से जवाब मांगा कि आखिर रामदेव के सहयोगी किस हैसियत से हाफिज सईद से मिले थे। कांग्रेस ने वैदिक को गिरफ्तार करने तक की मांग कर डाली।
राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए कांग्रेस के नेता आनंद शर्मा ने परोक्ष रूप से सरकार पर भी हमला बोला और कहा कि अधिकारियों की जानकारी या इस्लामाबाद में भारतीय दूतावास के सहयोग के बिना यह मुलाकात नहीं हो सकती है। उन्होंने विदेश मंत्रालय से इस मामले में सफाई देने की मांग की। कांग्रेस ने कार्रवाई की मांग करते हुए राज्यसभा में हंगामा किया, जिसके बाद सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
इस बीच, सरकार ने कहा है कि हाफिज सईद और वेद प्रताप वैदिक की मुलाकात से उसका कोई लेना-देना नहीं है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, 'हाफिज सईद आतंकवादी है। पत्रकार या कोई और उससे मिलता है, इससे भारत सरकार का कोई लेना-देना नहीं है।' जेटली ने राज्यसभा में स्पष्ट किया कि सरकार ने वेद प्रताप वैदिक को हाफिज सईद से मिलने के लिए नहीं भेजा। यह उनकी व्यक्तिगत मुलाकात है।
पूरे विवाद पर सफाई देते हुए वेद प्रताप वैदिक पहले ही कह चुके हैं कि उन्होंने बतौर पत्रकार यह मुलाकात की थी और इसमें कुछ भी गलत नहीं है। वैदिक ने कहा कि इस मुलाकात की तस्वीर उन्होंने खुद फेसबुक में पोस्ट की है। उन्होंने कहा कि अपने पाकिस्तान दौरे में उन्होंने नवाज शरीफ के साथ अन्य पाकिस्तानी नेताओं से मुलाकात की और बतौर पत्रकार उन्हें किसी से भी मिलने में कोई गुरेज नहीं है।
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह द्वारा ट्विटर पर किए गए हमले के जवाब में वैदिक ने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री का दूत बनकर नहीं गया था। एक पत्रकार के तौर पर मैं राष्ट्रपति, विद्रोही और बागी लोगों से मिलता रहता हूं। मैं इंदिरा गांधी, अपने परम मित्र नरसिम्हा राव और बड़े भाई समान अटल बिहारी वाजपेयी का दूत बनकर कभी किसी से नहीं मिला, फिर नरेंद्र मोदी के दूत के तौर पर क्यों मिलूंगा?'
कांग्रेस के नेताओं पर हमला करते हुए उन्होंने कहा, 'वे संसद में इस मुलाकात पर शोर मचा रहे हैं। यदि उन्हें जाना पड़ता तो पायजामा गीला हो जाता, स्ट्रेचर पर लिटाकर लाना पड़ता। सलमान खुर्शीद और मणिशंकर अय्यर भी पाकिस्तान जाने वाले शिष्टमंडल में मेरे साथ थे। मैंने अपनी जिंदगी खतरे में डालकर यह मुलाकात की।'

बीजेपी नेता राम नाइक ने इस बात की पुष्टि की

राष्ट्रपति जल्द 5 नए राज्यपालों की नियुक्ति करेंगे। खबर है कि होम मिनिस्ट्री की तरफ से इन राज्यपालों के नाम राष्ट्रपति भवन को भेज दिए हैं। पूर्व मंत्री और बीजेपी नेता राम नाइक ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें उत्तर प्रदेश का राज्यपाल बनने को कहा गया है। विजय कुमार मल्होत्रा को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल बनाया जा सकता है।
नई सरकार के तहत यह राज्यपालों की भर्ती का पहला दौर हो सकता है। होम मिनिस्ट्री के अधिकारियों ने बताया कि यूपी बीजेपी के पूर्व प्रेजिडेंट केसरी नाथ त्रिपाठी, वी. के. मल्होत्रा, कैलाश जोशी, बी. एल. टंडन और नाइक को उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, छत्तीगढ़ और नगालैंड का राज्यपाल बनाने की सिफारिश की गई है। राष्ट्रपति सोमवार को इस बाबत ऑर्डर जारी कर सकते हैं।
नाइक ने पत्रकारों को बताया, 'मुझे पार्टी ने उत्तर प्रदेश के राज्यपाल की जिम्मेदारी संभालने को कहा और मैंने हामी भर दी है। यह चुनौतीपूर्ण काम है और मैं इस तरह के काम का आदी रहा हूं।' उन्होंने कहा कि वह आधिकारिक आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
बी. एल. जोशी ने पिछले महीने यूपी के राज्यपाल पद से इस्तीफा दिया था, जबकि ऑगस्टा वेस्टलैंड घोटाले में सीबीआई से पूछताछ के बाद पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एम. के. नारायणन ने इस्तीफा दे दिया था। गुजरात की राज्यपाल कमला बेनीवाल का हाल में मिजोरम ट्रांसफर कर दिया गया था। छत्तीसगढ़ और नगालैंड के राज्यपालों- शेखर दत्त और अश्विनी कुमार ने पिछले महीने इस्तीफा दिया था।
सरकार को गोवा, त्रिपुरा, मिजोरम और कर्नाटक में भी राज्यपालों की भर्ती करनी है। पुडुचेरी के लेफ्टिनेंट गवर्नर वीरेंद्र कटारिया को उन पर लगे गंभीर आरोपों के बाद शुक्रवार को हटाया गया। राज्यपालों की भर्ती का अगला दौर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश से लौटने के बाद शुरू हो सकता है। वह अगले हफ्ते स्वदेश लौटेंगे।

Thursday, July 10, 2014

क्स छूट की सीमा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख रु

नरेंद्र मोदी सरकार से बड़ी राहत की उम्मीद लगा बैठे मिडल क्लास को तोहफा दिया है। इनकम टैक्स के स्लैब में बदलाव करते हुए वित्त मंत्री ने टैक्स छूट की सीमा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपया कर दिया। साथ ही 80 सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक निवेश पर छूट मिलेगी। पहले यह सीमा 1 लाख रुपये की थी। सीनियर सिटीजन के लिए टैक्स छूट की सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपया कर दिया गया है। ध्यान रहे कि जनता कम से कम 3 लाख रुपये तक कोई टैक्स नहीं लगाने की मांग कर रही थी।
अपने पहले बजट भाषण में वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने टैक्स स्लैब बदलाव किया है। इनकम टैक्स छूट की सीमा 2.5 लाख करने से आम इंडिविजुअल टैक्सपेयर को 5150 रुपये का फायदा होगा। होम लोन इंटरेस्ट पर बढ़ी छूट की सीमा से 10 फीसदी टैक्स स्लैब वालों को 5150 रुपये का फायदा होगा। 

Tuesday, July 8, 2014

जम्मू कश्मीर में दो झंडों की व्यवस्था खत्म करने की मांग की

बीजेपी ने जम्मू कश्मीर में दो झंडों की व्यवस्था खत्म करने की मांग की है। राज्यसभा सदस्य तरुण विजय ने सदन में यह मांग उठाई। 
बीजेपी के राज्यसभा सदस्य तरुण विजय ने कहा कि देश की एकता और अखंडता बनाए रखने के लिए एक ही झंडे की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'मैं मांग करता हूं सरकार जम्मू-कश्मीर में दो झंडों की व्यस्था को खत्म करे। वहां एक ही झंडा इस्तेमाल होना चाहिए।' 

अब मोदी को बुलाओ

मुरादाबाद के कांठ में हुए विवाद पर बीजेपी ने स्थानीय प्रशासन पर समाजवादी पार्टी के एजेंट के तौर पर काम करने का आरोप लगाया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का तो यहां तक कहना है कि जिन 62 लोगों को पहले गिरफ्तार कर थाने लाया गया था, उनके मुंह पर पुलिस ने जूते, चप्पलों, डंडों से मारा, गालियां दी और कहा अब मोदी को बुलाओ।
सोमवार को प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से मुखातिब प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांठ गांव में एक समुदाय के लाउड स्पीकर उतरवा दिए गए, दूसरे समुदाय के लाउड स्पीकर बजते रहे। गांव में रहने रहने वाले जाटव समाज के लोग पुलिसिया उत्पीड़न से डरकर घर में ताला लगाकर पलायन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे ट्रैक पर पथराव की घटना में पुलिस ने उन लोगों को भी मुजरिम बना दिया, जिन्हें पहले से ही गिरफ्तार कर पुलिस लाइन में रखा गया था। इनके नाम की सूची पहले ही डीजीपी से लेकर डीआईजी तक भेज दी गई थी। ऐसे फर्जी मुकदमे वापस होने चाहिए।

डॉ. वाजपेयी ने कहा कि यूपीपीएससी की परीक्षाएं जातिवाद का अड्डा बन गई हैं। एक जाति विशेष के अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में 95 फीसदी तक नंबर दिए गए, वहीं सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को जानबूझ कर काफी कम अंक दिए गए। यहां तक कि पीसीएस टॉपर तक को इंटरव्यू में नहीं बख्शा गया। इन अनियमितताओं की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम किसी जाति के विरोधी नहीं है, परन्तु किसी प्रकार के जातिवाद का हम विरोध करते है। यह जातिवाद राष्ट्रवाद के लिए खतरा है।

Friday, July 4, 2014

बारामुला जिले के उड़ी में पनबिजली परियोजना 2 का उद्घाटन

प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी पहली बार जम्मू-कश्मीर की यात्रा पर पहुंचे हैं। यहां उन्होंने कटरा-उधमपुर रेल लाइन का उद्घाटन करते हुए कटड़ा से चलने वाली पहली सवारी गाड़ी को उधमपुर के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शाम चार बजे उनका बारामुला जिले के उड़ी में पनबिजली परियोजना 2 का उद्घाटन करने का कार्यक्रम है।
कटरा को ट्रेन के जरिये शेष भारत से जोड़ने का एक फायदा यह होगा कि जम्मू से कटरा तक पहुंचने में महज सवा घंटे का वक्त लगेगा। अभी सड़क मार्ग से माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को 2 घंटे लगते हैं।
इस बीच मोदी के जम्मू-कश्मीर के दौरे को लेकर पाकिस्तान को मिर्ची लग गई है। जम्मू-कश्मीर को विवादित क्षेत्र बताते हुए इस्लामाबाद में पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता तसनीम असलम ने कहा, 'हम जम्मू-कश्मीर के भारत में तथाकथित विलय को स्वीकार नहीं करते हैं। कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा नहीं है। हमारा रुख है कि जम्मू-कश्मीर विवादास्पद क्षेत्र है। पाकिस्तान की दलील को भारत ने सीधे तौर पर खारिज कर दिया है। भारत ने कहा कि जम्मू कश्मीर उसका अभिन्न अंग है और आगे भी रहेगा।
मोदी के राज्य के दौरे को लेकर पूछे गए सवाल पर असलम ने कहा, 'जम्मू-कश्मीर के लोगों को अपने फैसले लेने का हक नहीं मिला है, जिसका वादा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कम-से-कम 20 प्रस्तावों में किया गया है।' पाकिस्तानी प्रवक्ता ने यह आरोप भी लगाया कि सजा पूरी कर चुके पाक कैदियों को भारत छोड़ नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे कई नागरिकों ने अपनी सजा पूरी कर ली है, लेकिन वे अभी भी जेल में बंद है। उनके खिलाफ एक अपराध की सजा पूरी होने के बाद दूसरे अपराध की धारा लगा दी जाती है। साथ ही उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने भारत की जेलों में बंद 264 सामान्य नागरिक और 116 मछुआरे कैदियों की सूची दी है।
इधर, प्रधानमंत्री की यात्रा के मद्देनजर राज्य में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। अलगाववादी संगठनों ने मोदी की यात्रा के विरोध में बंद का आह्वान किया है, जिसके कारण घाटी का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। श्रीनगर शहर के कई पुलों को बंद कर दिया गया है और महत्वपूर्ण स्थलों पर लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
मोदी की यात्रा से पहले सेना ने पुंछ सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करने का दावा किया है। पुंछ जिले के मेंढर सेक्टर में सीमा पार से घुसपैठ का बड़ा प्रयास हुआ। सेना के साथ हुई मुठभेड़ के बाद घुसपैठिये वापस भाग गए। मुठभेड़ में तीन आतंकियों के मारे जाने की भी सूचना है, लेकिन सीमा पर किसी आतंकी का शव बरामद नहीं हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि करीब 10 की संख्या में आए आतंकी वापस भागते समय मारे गए घुसपैठियों के शव भी साथ ले गए हैं। गुरुवार देर रात आतंकियों ने शोपियां में पुलिस के गश्ती दल पर हमला किया, हालांकि इससे कोई नुकसान नहीं हुआ है।
प्रधानमंत्री सुबह साढ़े नौ बजे के करीब जम्मू पहुंचे और उसके बाद हेलिकॉप्टर से कटरा पहुंचे। कटरा में रेलमार्ग का उद्घाटन करने के बाद वह श्रीनगर जाएंगे और राजभवन में लंच करेंगे। इसके बाद बादामी बाग स्थित 15 कोर के हेडक्वॉर्टर में यूनिफाइड कमान की बैठक में उच्च सैन्य अधिकारियों, डीजीपी, अर्द्धसैनिक बलों और सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक करेंगे। शाम चार बजे बारामुला जिले के उड़ी में पनबिजली परियोजना 2 का उद्घाटन करेंगे। देर शाम श्रीनगर से नई दिल्ली को उड़ान भरेंगे।

Tuesday, July 1, 2014

तमाम कोशिश के बाद भी दिल्ली में प्याज की कीमत लगातार तेज

सरकार की तमाम कोशिश के बाद भी दिल्ली में प्याज की कीमत में लगातार तेजी आ रही है। न केवल गली-मोहल्ले में, बल्कि मंडी में भी प्याज की कीमतों में इजाफा हो रहा है। प्याज की कीमत कंट्रोल करने के लिए सरकार वैन से प्याज बेच रही है। फिर भी प्याज लोगों को रुला रहा है। स्थिति यह है कि पिछले हफ्ते जो प्याज मंडी में 6 से 19 रुपये के बीच था, वह सोमवार को 9 से 24 रुपये के बीच पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में प्याज की दरें और बढ़ सकती हैं।
थोक विक्रेताओं का आरोप है कि मीडिया में प्याज की कीमतों में और बढ़ोतरी की खबरों ने जमाखोरी बढ़ा दी है। जमाखोरों ने प्याज के और महंगे होने के इंतजार में प्याज को दबा लिया है। इसी वजह से प्याज महंगा होता जा रहा है।
आजादपुर मंडी के जनरल सेक्रेटरी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि मीडिया रिपोर्टिंग की वजह से प्याज की कीमतों में इजाफा हो रहा है। मार्केट में प्याज की कोई कमी नहीं है, लेकिन फिर भी रेट भाग रहा है। यह महंगाई सीजन के हिसाब से नहीं है। आमतौर पर मानसून आने के बाद ही महंगाई बढ़ती है या 15 जुलाई के बाद ऐसी महंगाई देखी जाती है। अभी केवल प्याज महंगा हो रहा है, क्योंकि मीडिया में केवल प्याज की कीमतों में उछाल की संभावना जताई गई है।
पिछले दिनों मीडिया में खबर आई कि प्याज की कीमत 50 से 100 रुपये तक पहुंच सकता है। इस वजह से जमाखोर एक्टिव हो गए हैं। प्याज के अलावा किसी और सब्जी की कीमत में बढ़ोतरी नहीं हुई है और अभी ऐसी संभावना भी कम है। दूसरी ओर रिटेल में प्याज की कीमत दोगुनी हो चुकी है, लोग 30 से 35 रुपये किलो प्याज खरीदने को मजबूर हैं। प्याज के और महंगा होने की संभावना से लोग प्याज खरीद भी ज्यादा रहे हैं, इस वजह से मांग भी बढ़ गई है।