Wednesday, March 5, 2014

चुनाव आयोग ने 16वीं लोकसभा के लिए तारीखों का ऐलान

चुनाव आयोग ने 16वीं लोकसभा के लिए तारीखों का ऐलान कर दिया है। चुनाव कुल 9 चरणों होंगे। पहले चरण में वोट 7 अप्रैल को डाले जाएंगे और काउंटिंग 16 मई को होगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, लोकसभा के साथ 3 राज्यों में विधानसभा चुनाव भी होंगे। ये राज्य हैं आंध्र प्रदेश, ओडिशा और सिक्कम। चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।
दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि इस बार निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव कराने के लिए आयोग ने कुल 9 चरणों में चुनाव कराने का फैसला लिया है। पहले चरण में 7 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। दूसरे चरण में वोट 9 अप्रैल को, तीसरे चरण में 10 अप्रैल, चौथे चरण में 12 अप्रैल, पांचवें चरण में 17 अप्रैल, छठे चरण में 24 अप्रैल, सातवें चरण में 30 अप्रैल, आठवें चरण में 7 मई और 12 मई को नौवें और आखिरी चरण के लिए वोट डाले जाएंगे। वोटों की गिनती 16 मई को होगी।

9 मार्च तक वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने का मौका
इस मौके पर संपत ने कहा कि जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट में नहीं हैं उन्हें नाम दर्ज कराने के लिए एक और मौका मिलेगा। संपत ने कहा कि 9 मार्च तक नए वोटरों को वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने का मौका दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए देश भर में करीब 9 लाख कैम्प लगाए जाएंगे।
इस बार 10 करोड़ नए वोटर
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि इस बार करीब 81.4 करोड़ वोटर वोट डालेंगे। पिछले चुनाव से करीब 10 करोड़ वोटर ज्यादा हैं।
लोकसभा चुनावों में पहली बार नोटा का विकल्प
लोकसभा चुनावों के लिए पहली बार नोटा विकल्प भी है। गौरतलब है कि पिछले दिनों 5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान पहली बार नोटा विकल्प रखा गया था।
चुनाव खर्च पर खास नजर
संपत ने कहा कि चुनाव खर्च पर चुनाव आयोग की खास नजर रहेगी। उम्मीदवारों के खर्च पर नजर के लिए पहले से ज्यादा पर्यवेक्षक बहाल किए जाएंगे।
सबको ध्यान में रखकर तारीखों का ऐलान मुख्य चुनाव आयुक्त वी.एस.संपत ने तारीखों का ऐलान करते हुए कहा कि पिछले 4 फरवरी को सभी दलों के साथ हुई बैठक में चुनाव से जुड़े सभी पहलुओं पर ध्यान दिया गया था। सभी पार्टियों की बातों को ध्यान में रखकर तारीखों का ऐलान किया गया है। उन्होंने तारीखों का ऐलान करते वक्त मॉनसून, त्योहारों परीक्षाओं सहित सभी बातों का ध्यान रखा गया है।
गौरतलब है कि 2009 में लोकसभा के चुनाव 16 अप्रैल से 13 मई के बीच 5 चरणों में हुए थे, यानी यह पहली बार होगा, जब देश में 9 चरणों में लोकसभा चुनाव होंगे।
कब कहां पड़ेंगे वोट
आंध्र प्रदेश: 30 अप्रैल, 7 मई
अरुणाचल प्रदेश: 9 अप्रैल
असम:12, 17 और 24 अप्रैल
बिहार: 10, 17, 24, 30 अप्रैल, मई 7 और 12 मई
छत्तीसगढ़: 10, 17 और 24 अप्रैल
गोवा: 17 अप्रैल
गुजरात: 30 अप्रैल
हरियाणा: 10 अप्रैल
हिमाचल प्रदेश: 7 मई
जम्मू-कश्मीर: 10, 17, 24, 30 अप्रैल और 7 मई
झारखंड: 10, 17 और 24 अप्रैल
कर्नाटक: 17 अप्रैल
केरल: 10 अप्रैल
मध्य प्रदेश: 10, 17 और 24 अप्रैल
महाराष्ट्र: 10, 17 और 24 अप्रैल
मणिपुर: 9 और 17 अप्रैल
मेघालय: 9 अप्रैल
मिजोरम: 9 अप्रैल
नगालैंड: 9 अप्रैल
ओडिशा: 10 और 17 अप्रैल
पंजाब: 30 अप्रैल

आम आदमी पार्टी के भीतर उथल पुथल और विरोध का सिलसिला जारी

आम आदमी पार्टी के भीतर उथल पुथल और विरोध का सिलसिला जारी है। नए लोगों के पार्टी में आकर नेता बनने से पुराने लोग दरकिनार हो रहे हैं। अब पार्टी के फाउंडर मेंबर और नैशनल काउंसिल मेंबर अश्विनी कुमार ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पार्टी के कई फाउंडर मेंबर चाहते थे कि नैशनल काउंसिल 2-3 दिन की हो और उसमें कई अहम मसले चर्चा के बाद तय किए जाएं, लेकिन यह महज एक दिन की हुई और उसमें भी सिर्फ भाषणबाजी होती रही। 
अश्विनी ने कहा कि मैंने पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल को छह पत्र लिखे लेकिन न उन्होंने कोई जवाब दिया न मिलने का वक्त दिया। साथ ही केजरीवाल ने उन मसलों पर कोई बात नहीं की जो कई नैशनल काउंसिल मेंबर उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कैंडिडेट चुनने के लिए वही तरीका अपनाया जाना चाहिए जो दिल्ली विधानसभा चुनाव में किया गया। उनका आरोप है कि दिल्ली चुनाव जीतने के बाद मौकापरस्त लोग पार्टी में आ रहे हैं और उन्हें कम से कम 1 साल तक कोई पद या टिकट नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने 'पैराशूट कैंडिडेट' पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि लोकल स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को ही टिकट मिलना चाहिए। 

Monday, March 3, 2014

विकास ठप हो गया और लोग शराबी बन गए।



छत्तीसगढ़ के प्रवास पर पहुंचे पुरी पीठ के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने छत्तीसगढ़ में गरीबों को एक रुपये किलो चावल देने की योजना की आलोचना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार एक रुपये किलो चावल देने की बात की, उसे निभाया भी, लेकिन उसका परिणाम यह हुआ है कि श्रम शक्ति महंगी हो गई, विकास ठप हो गया और लोग शराबी बन गए।
विधायक धनेंद्र साहू के गांव अभनपुर में शंकराचार्य ने चर्चा करते हुए कहा कि देश के राजनीतिक दल कई मुद्दों पर चुनाव लड़ते हैं। सरकार बनाने के बाद वे उन मुद्दों को भूल जाते हैं। इससे देश में राजनीति की गरिमा कम हुई है। इसलिए राजनीतिक दलों को किसी मुद्दे को चुनावी मुद्दा बनाने से पहले उसके हर पहलू पर सोचना चाहिए। खासतौर से कांग्रेस व बीजेपी को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राजनीति ने देश का स्तर गिराया है। भारत की मेध, रक्षा शक्ति और वाणिज्य शक्ति इतनी प्रबल है कि पूरे विश्व को प्रभावित कर सकती है। लेकिन भारत के नेतृत्व में वह क्षमता नहीं है कि चारों शक्तियों का सदुपयोग कर सके या भारत के प्रति पूरे विश्व की सहानुभूति प्राप्त कर सके। शंकराचार्य ने कहा कि राम जन्मभूमि के नाम पर, सीमा सुरक्षा के नाम पर, आर्थिक विपन्नता दूर करने के नाम पर, नदी-समुद्र जोड़ने के मुद्दों पर सरकारें बनती हैं, पार्टियां बाद में उन मुद्दों को भूल जाती हैं।

Wednesday, February 19, 2014

सियासी दांव चलते हुए संथन, मुरुगन और पेरारिवलन समेत सातों मुजरिमों की रिहाई का फैसला

सुप्रीम कोर्ट द्वारा राजीव गांधी हत्याकांड में मौत की सजा पाए तीन मुजरिमों की सजा उम्रकैद में बदलने के बाद अब इस पर सियासी राजनीति तेज हो गई है। इस फैसले के एक दिन बाद तमिलनाड़ु की जयललिता सरकार ने बड़ा सियासी दांव चलते हुए संथन, मुरुगन और पेरारिवलन समेत सातों मुजरिमों की रिहाई का फैसला किया है। अब केंद्र से इस पर तीन दिनों में रिस्पॉन्स मांगा गया है।

बुधवार को तमिलनाडु़ की मुख्यमंत्री जयाललिता ने कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई और इसमें राजीव गांधी हत्याकांड में सजा पाए 7 मुजरिमों को रिहा करने का फैसला किया है। राज्य विधानसभा में सरकार के फैसले की घोषणा करते हुए जयललिता ने कहा कि सरकार वी.श्रीहरण ऊर्फ मुरुगन, ए.जी.पेरारिवलन ऊर्फ अरिवु, टी सुथेंद्रराजा ऊर्फ संथन, नलिनी, रॉबर्ट पायस, जयकुमार और रविचंद्रन को रिहा करेगी। नलिनी की सजा सोनिया गांधी ने माफ करवा दी थी।
गौरतलब है कि डीएमके प्रमुख करुणानिधि ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट फैसले के तुरंत बाद ही कहा था कि अगर संथन, मुरुगन और पेरारिवलन की रिहाई होती है, तो उन्हें बहुत खुशी होगी। संविधान विशेषज्ञ केटीएस तुलसी के मुताबिक इस पर अब राज्यपाल को फैसला लेना होगा। उन्होंने कहा राज्यपाल ऐसे मामलों पर केंद्र सरकार से सलाह-मशविरा करके फैसला लेते हैं।

AAP को मुकेश अंबानी से चंदा लेने में परहेज नहीं

अंबानी नहीं, लेकिन उनका चंदा मंजूर! : हालांकि यादव का अंबानी पर हमलावर रुख जारी रहा। उन्होंने अंबानी के केजी बेसिन घोटाले के बोफोर्स से भी बड़ा घोटाला करार दिया। यादव ने कहा कि मुकेश अंबानी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना एक महत्वपूर्ण पड़ाव था, जिसने कांग्रेस और बीजेपी को यह स्वीकार करने के लिए विवश कर दिया कि हम अपना चुनावी अजेंडा लागू करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि जनता का यूपीए से मोहभंग हो चुका है, देश को अब कमजोर मोर्चों की जगह मजबूत विकल्पों की आवश्यकता है। आम आदमी पार्टी अब जोश में है, और प्रतिद्वंद्विता के लिए हम तत्पर हैं। 'आप' लोकसभा चुनावों को लेकर कमर कस चुकी है।
यादव ने जहां एक ओर अभी संगठन के राष्ट्रव्यापी न होने की बात स्वीकारी, वहीं यह स्वीकारने में भी गुरेज नहीं किया कि पार्टी देशभर में अधिकतम लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। पार्टी की दोनों महिला उम्मीदवारों अंजलि दमानिया और मीरा सान्याल की मौजूदगी में पार्टी ने खुद को महिला सशक्तिकरण का पक्षधर बताया।
महाराष्ट्र की सभी सीटों पर लड़ने की मंशा: अंजलि दमानिया ने पार्टी की राज्य स्तरीय लोकसभा चुनाव तैयारी पर प्रकाश डालते हुए चुनावों के लिए 407 आवेदन आने की जानकारी दी। उन्होंने 350 लोगों का इंटरव्यू लेने और प्रत्याशी चयन प्रक्रिया के गुरुवार तक पूर्ण हो जाने की बात कही। इस दौरान योगेंद्र यादव और मुंबई के 'आप' नेता मयंक गांधी ने राज्य की सभी 48 सीटों पर लड़ने की उम्मीद जताई।
गुरुवार को होगा उठेगा पर्दा: पत्रकारों से वार्ता के दौरान नागपुर से प्रत्याशी दमानिया ने इस गुरुवार को महाराष्ट्र इलेक्ट्रिसिटी स्कैम का भांडा फोड़ने का दावा किया। उन्होंने इसे राज्य का सबसे बड़ा स्कैम करार दिया।
राहुल बनाम मोदी युद्ध दुर्भाग्यपूर्ण: लोकसभा चुनावों के लिए पहले चरण में तीन प्रत्याशी घोषित करने के बाद जब मंगलवार दोपहर दिल्ली से चकाला आकर योगेंद्र यादव ने प्रेस वार्ता बुलाई तो लगा कि वे अन्य प्रत्याशियों के नाम की भी घोषणा कर देंगे। इसके विपरीत डायस पर मौजूद दमानिया, गांधी समेत 'आप' के सभी नेता देश को मोदी और राहुल से ऊपर उठ कर सोचने की नसीहत देते नजर आए।

Wednesday, February 12, 2014

आखिर स्टेडियम में सत्र कहां से न्यायोचित है?

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को बयान दिया कि वह जनलोकपाल बिल को रिव्यू के लिए विधानसभा में नहीं बल्कि आम जनता की मौजूदगी में किसी स्टेडियम में पेश करेंगे।
दिल्ली पुलिस ने केजरीवाल को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए कहा। दिल्ली के उप राज्यपाल ने पब्लिक सेशन से विधायिका की गरिमा के नुकसान होने का हवाला दिया। लेकिन केजरीवाल ने किसी भी सलाह को मानने से इनकार कर दिया।
अब बुधवार को, दिल्ली हाई कोर्ट ने केजरीवाल सरकार से इस मामले पर स्पष्टीकरण मांगा कि आखिर स्टेडियम में सत्र कहां से न्यायोचित है?

मुकेश अंबानी या केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली का नाम दर्ज नहीं किया गया

अरविंद केजरीवाल की गैस की कीमतों के मुद्दे पर जिस FIR ने इतना हंगामा मचाया हुआ है, उसमें मुकेश अंबानी या केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली का नाम दर्ज नहीं किया गया है। मंगलवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गैस प्राइसिंग को एक घोटाला बताते हुए इन दोनों के खिलाफ मामला दर्ज करने की बात कही थी। 
अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि देश के चार गणमान्य लोगों एडमिरल तहलियानी, पूर्व कैबिनेट सेक्रेटरी टीएसआर सुब्रमण्यम, जानी-मानी वकील कामिनी जयसवाल और पूर्व इकनॉंमिक अफेयर्स सेक्रेटरी ईएएस शर्मा ने रिलायंस के खिलाफ शिकायत दी है कि कंपनी एक डॉलर की गैस को 8 डॉलर में बेचने की तैयारी कर रही है। इसमें केंद्र सरकार के कुछ मंत्रियों की मिलीभगत भी है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को आगे बढ़ाते हुए हमने इस मामले में संबंधित नेताओं और मुकेश अंबानी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दे दिए गए हैं।
 
बुधवार को एसीबी ने FIR दर्ज की है। इसमें धोखाधड़ी और क्रिमिनल साजिश की धाराएं लगाई गई हैं।
 अरविंद केजरीवाल की गैस की कीमतों के मुद्दे पर जिस FIR ने इतना हंगामा मचाया हुआ है, उसमें मुकेश अंबानी या केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली का नाम दर्ज नहीं किया गया है। मंगलवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गैस प्राइसिंग को एक घोटाला बताते हुए इन दोनों के खिलाफ मामला दर्ज करने की बात कही थी। 

अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि देश के चार गणमान्य लोगों एडमिरल तहलियानी, पूर्व कैबिनेट सेक्रेटरी टीएसआर सुब्रमण्यम, जानी-मानी वकील कामिनी जयसवाल और पूर्व इकनॉंमिक अफेयर्स सेक्रेटरी ईएएस शर्मा ने रिलायंस के खिलाफ शिकायत दी है कि कंपनी एक डॉलर की गैस को 8 डॉलर में बेचने की तैयारी कर रही है। इसमें केंद्र सरकार के कुछ मंत्रियों की मिलीभगत भी है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को आगे बढ़ाते हुए हमने इस मामले में संबंधित नेताओं और मुकेश अंबानी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दे दिए गए हैं।